बिहार चुनाव: अश्विनी चौबे के बेटे का कटा पत्ता, जगन्नाथ मिश्रा के बेटे को BJP से टिकट

बिहार विधानसभा चुनाव में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे के अपने बेटे को चुनावी मैदान में उतारने के अरमानों पर बीजेपी ने पानी फेर दिया है. वहीं, दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा पर बीजेपी ने एक बार फिर फरोसा जताते हुए चुनावी मैदान में उतारा है. 

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अर्जित शाश्वत, अश्विनी चौबे और अमित शाह (फाइल फोटो) अर्जित शाश्वत, अश्विनी चौबे और अमित शाह (फाइल फोटो)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली ,
  • 12 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 8:47 AM IST
  • जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश को बीजेपी का टिकट
  • अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत का टिकट कटा
  • बीजेपी ने चार मौजूदा विधायकों के भी टिकट काटे

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए बीजेपी ने अपने 46 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे के अपने बेटे को चुनावी मैदान में उतारने के अरमानों पर बीजेपी ने पानी फेर दिया है. वहीं, दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा पर बीजेपी ने एक बार फिर फरोसा जताते हुए चुनावी मैदान में उतारा है. 

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अश्विनी चौबे के बेटे बेटिकट
बिहार में बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे अपने राजनीतिक वारिस के तौर पर अपने बेटे अर्जित शाश्वत को आगे बढ़ाने की कवायद में जुटे थे. भागलपुर विधानसभा सीट अश्विनी चौबे की परंपरागत सीट रही है. यहां से सांसद बनने के पहले अश्विनी पांच बार विधायक रह चुके है. ऐसे में इस बार फिर से वे अपने बेटे अर्जित शाश्वत को चुनाव लड़ाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उनके इस अरमान पर पानी भेर दिया है. 

अश्विनी चौबे की सीट पर सुनील पांडेय 
बीजेपी ने भागलपुर सीट से इस बार अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत की बजाय भागलपुर के जिला अध्यक्ष सुनील पांडेय को अपना प्रत्याशी बनाया है. हालांकि, 2015 के विधानसभा चुनाव में अश्विनी चौबे बेटे अर्जित को भागलपुर विधानसभा सीट से बीजेपी से टिकट दिलाने में कामयाब रहे थे, लेकिन समीकरण ऐसे बने कि वह जीत नहीं दिला सके. अर्जित 11 हजार मतों से हार गए थे. ऐसे में बीजेपी ने इस बार उन्हें टिकट देने की बजाय संगठन से जुड़े हुए सुनील पांडेय को मैदान में उतारा है. 

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जगन्नाथ मिश्रा के बेटे को मिला टिकट
बिहार में डॉ. जगन्नाथ मिश्रा का नाम बड़े नेताओं के तौर पर जाना जाता है. वे कांग्रेस से तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं. बीजेपी ने जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा को झंझारपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है. इस सीट से नीतीश मिश्रा तीन बार जेडीयू के टिकट पर विधायक रह चुके हैं, लेकिन 2015 के चुनाव में बीजेपी से लड़े थे और आरजेडी के गुलाब यादव से महज 834 वोटों से हार गए थे. ऐसे में बीजेपी ने एक बार फिर नीतीश मिश्रा पर भरोसा जताया है. हालांकि, इस बार बदले हुए समीकरण में नीतीश मिश्रा क्या सियासी गुल खिलाते हैं ये देखना होगा. 

बीजेपी ने चार विधायकों के टिकट काटे
बीजेपी ने दूसरे चरण में अपने चार मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं, जिनमें से एक सीट वीआईपी को देने के चलते काटना पड़ा है. चनपटिया सीट से से प्रकाश राय का टिकट काटकर उमाकांत सिंह को दिया गया है. सीवान से व्यासदेव प्रसाद की जगह पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव को प्रत्याशी बनाया गया है और अमनौर से शत्रुघ्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा की जगह कृष्णा कुमार मंटू को टिकट दिया है. इसके अलावा बीजेपी ने सुगौली सीट वीआईपी को दे दिया है, जिसके चलते बीजेपी के तीन बार के विधायक रामचंद्र सहनी का टिकट कट गया है. 

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बीजेपी ने नए चेहरों को दिया टिकट
बीजेपी ने पुराने दिग्गज नेताओं के साथ-साथ संगठन से जुड़े हुए नए चेहरों पर भी भरोसा जताया है. इन नए चेहरों में पार्टी के प्रवक्ता निखिल आनंद, भागलपुर के जिला अध्यक्ष रोहित पांडे, फतुहा सीट से सत्येंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है. इसके अलावा चनपटिया, उजियारपुर और अमनौर से भी बीजेपी ने नए चेहरों को मौका दिया है.

 

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