तेजस्वी को CM फेस बनाने पर महागठबंधन में बनी सहमति, गहलोत के पटना पहुंचने पर सुलझा पेच, आज साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस

महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आज पटना के होटल मौर्य में निर्धारित है. प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारियां चल रही हैं, जिसमें तेजस्वी के चेहरे वाला पोस्टर लगा हुआ है. सीट बंटवारे और मुकेश सहनी के उपमुख्यमंत्री उम्मीदवार बनने पर सस्पेंस भी आज खत्म हो जाएगा.

Advertisement
तेजस्वी के नेतृत्व में बिहार में आगे बढ़ेगा महागठबंधन (File Photo: PTI) तेजस्वी के नेतृत्व में बिहार में आगे बढ़ेगा महागठबंधन (File Photo: PTI)

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 23 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 11:51 AM IST

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर मिली है कि तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होने पर महागठबंधन में सहमति बन गई है. आज महागठबंधन के सभी दल तेजस्वी के नेतृत्व पर मुहर लगाएंगे. तेजस्वी के सीएम कैंडिडेट होने की आधिकारिक घोषणा की जाएगी. तेजस्वी के नेतृत्व में महागठबंधन 'चलो बिहार.. बदलें बिहार' का नारा देगा.

Advertisement

होटल मौर्य में महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन इसके समय के बारे में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे के विवाद की स्थिति साफ हो जाएगी. इसके साथ ही, यह भी साफ हो जाएगा कि महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा.

कांग्रेस, महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में राजद नेता तेजस्वी यादव का समर्थन कर सकती है क्योंकि यह गठबंधन अपनी कमज़ोरियों को दूर करने और ज़मीन पर उतरने की कोशिश कर रहा है. सूत्रों का कहना है कि बुधवार को हुई बातचीत से मतभेद कम करने में मदद मिली है और अब दोस्ताना मुक़ाबला कुछ सीटों तक सिमट सकता है.

गहलोत ने सुलझाई गुत्थी!

बिहार चुनाव की विस्तृत कवरेज के लिए यहां क्लिक करें

बिहार विधानसभा की हर सीट का हर पहलू, हर विवरण यहां पढ़ें

कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को आरजेडी प्रमुख के आवास पर लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी से बातचीत की. इस दौरान कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मौजूद थे, जिन्हें पार्टी में कई लोग बातचीत में आई इस गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.
 

Advertisement
(Photo: PTI)

एक बड़ी अड़चन यह रही कि कांग्रेस तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने में हिचकिचा रही थी, जबकि आरजेडी का चुनाव प्रचार 'तेजस्वी सरकार' के मुद्दे पर केंद्रित था. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अब इस मुद्दे को छोड़ने को तैयार हो गई है.

(Photo: PTI)

यह भी पढ़ें: 'शेर का बेटा हूं, किसी से नहीं डरता...', खगड़िया से चिराग पासवान ने महागठबंधन को दिया संदेश, MY समीकरण की दी नई परिभाषा

कांग्रेस ने सीटों के निष्पक्ष वितरण पर भी ज़ोर दिया. इस गतिरोध के चलते महागठबंधन दलों ने कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए, जिनमें करीब आधा दर्जन सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी, चार सीटों पर भाकपा और कांग्रेस, और दो सीटों पर विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और आरजेडी शामिल हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement