IPS राजेश्वरी की है फेक न्यूज से जंग, खास तरीके से करती हैं जागरूक

साल 2009 बैच की आईपीएस अधिकारी रेमा राजेश्वरी ने करीब 500 ऑफिसर्स को ट्रेनिंग दी है और प्रदेश के 400 गांवों में अपना अभियान चला रही हैं. राजेश्वरी ने फेक न्यूज रोकने के लिए ट्रेनिंग देने के साथ ही वॉट्सएप का भी सहारा लिया है.

Advertisement
आईपीएस राजेश्वरी आईपीएस राजेश्वरी

मोहित पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 23 जून 2018,
  • अपडेटेड 9:15 AM IST

फेक न्यूज भारत के लिए एक नई समस्या बनकर उभर रही है. हाल ही के दिनों में सोशल मीडिया पर फैली फेक न्यूज से कई लोगों की जान भी गई. रिपोर्ट्स के अनुसार असम, तमिलनाडू और महाराष्ट्र में मार्च के बाद वॉट्सएप पर फैली अफवाहों की वजह से सात लोगों की मौत हो गई है. लेकिन फिर भी सरकार की ओर से इसके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. हालांकि तेलंगाना की आईपीएस अधिकारी ने फेक न्यूज के खिलाफ एक अभियान चलाया है और कई तरीकों से लोगों में जागरुकता पैदा कर रही हैं.

Advertisement

साल 2009 बैच की आईपीएस अधिकारी रेमा राजेश्वरी ने करीब 500 ऑफिसर्स को ट्रेनिंग दी है और प्रदेश के 400 गावों में अपना अभियान चला रही हैं. राजेश्वरी ने फेक न्यूज रोकने के लिए ट्रेनिंग देने के साथ ही वॉट्सएप का भी सहारा लिया है और कोई भी फेक न्यूज वायरल होने पर वह खुद वॉट्सएप पर मैसेज करती हैं और लोगों को अवेयर करती हैं. अब गांव के लोगों ने उन्हें अपने वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे वह कई वॉट्सएप ग्रुप पर नजर रखती हैं.

अब वह एक खास तरीके से लोगों को जागरूक कर रही हैं. वह फॉक सिंगर्स को गांवों में भेज रही हैं, जो गाने-बजाने के साथ लोगों को इसकी जानकारी देते हैं. फॉक सिंगर्स ड्रम और पारंपरित म्यूजिकल वाद्य यंत्रों के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुंचाते हैं. साथ ही राजेश्वरी भी खुद लोगों तक जाती हैं और उन्हें फेक न्यूज को लेकर ट्रेनिंग देती है.

Advertisement

हाल ही में फेक न्यूज की वजह से भीड़ ने एक शख्स को बाल तस्कर समझ लिया था, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं था. हालांकि राजेश्वरी की टीम ने उस शख्स को भीड़ से बचाया और बाद में पता चला कि उसके एक दोस्त ने सोशल मीडिया पर एडिट किए हुए फोटो और वीडियो पोस्ट कर दिए थे, जिसकी वजह से लोगों ने उसे आरोपी समझ लिया था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement