सालों से बच्चों का सिखाते आया जा रहा है कि अगर अच्छी नौकरी चाहिए तो, अच्छी डिग्री हासिल करो, नौकरी पाओ, कड़ी मेहनत करो और कॉर्पोरेट वर्ल्ड में आगे बढ़ो. लेकिन आज के तेजी से बदलते जॉब मार्केट में क्या केवल अच्छी डिग्री होने से अच्छी नौकरी और सैलरी मिल जाती है. करियर एक्सपर्ट्स तर्क देते हैं कि एक व्यावहारिक स्किल भी कभी-कभी ऐसे मौके देती है जो शायद ट्रेडिशनल जॉब मार्ग भी नहीं देते हैं.
दिल्ली की रहने वाली कंटेंट क्रिएटर और उद्यमी स्नेह गौर के लिए वह स्किल स्पेनिश भाषा सीखना था. हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने बताया कि कैसे एक छोटा सा फैसला ने उनके पूरे करियर की दिशा ही बदल दी. विदेशी भाषा सीखने से शुरू हुआ ये सफर उन्हें स्पेन ले गया, जहां उन्होंने एक इंटरनेशनल नेटवर्क बनाया और बाद में उन्हें कंपनी के किसी ट्रेडिशनल कंपनी की सैलरी पर निर्भर हुए बिना स्विट्जरलैंड में छह महीने बिताने का मौका मिला.
जब एक स्किल बन जाए करियर
वीडियो में स्नेह कहती हैं कि उनकी ये जर्नी यूरोप से शुरू नहीं हुई है. ये तब शुरू हुई जब वह कॉर्पोरेट में नौकरी कर रही थीं और उन्हें हर महीने 40 से 50 हजार रुपये मिलते थे. उन्होंने कहा कि उस समय मुझे लगता था कि सफलता का यही मतलब होता है. डिग्री हासिल करना, सैलरी पाना, नौकरी पाना और फिर अगली प्रमोशन का इंतजार करना.
लेकिन समय बीतने के साथ उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि वह कुछ अलग चाहती हैं. प्रमोशन के पीछे भागने के बजाय वह अपने रहने की जगह, यात्रा करने और अपनी पसंद के प्रोजेक्ट पर काम करने की आजादी चाहती थी. इसके लिए उन्होंने स्पेनिश सीखने का फैसला किया. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि एक नई भाषा सीखने से उनकी जीवन की दिशा बदल जाएगी.
हुए कई फायदे
स्पेनिश सीखने से उनके रिज्यूमे में एक और भाषा जुड़ने से कहीं अधिक फायदा हुआ. स्नेह के अनुसार, इससे सबसे पहले स्पेन की यात्रा करने और अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त करने का मौका मिला. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने उन्हें विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों से जोड़ा.
धीरे-धीरे स्नेह ने अपनी इस एक स्किल को कई करियर के अवसरों में बदल दिया. उन्होंने स्पेनिश भाषा पढ़ाना शुरू किया, फिर स्पेन में पढ़ाई और करियर से जुड़े गाइडेंस प्रोग्राम शुरू किए. इसके बाद उन्होंने डिजिटल प्रोडक्ट्स और कंसल्टिंग सेवाएं शुरू कीं और कई ब्रांड्स के साथ भी काम किया.
सिर्फ एक नौकरी की सैलरी पर निर्भर रहने के बजाय, स्नेह ने अपनी स्किल के दम पर कमाई के कई अलग-अलग स्रोत बना लिए.
आजतक एजुकेशन डेस्क