कांग्रेस के इस नेता के शव को ढूंढने के लिए लगे थे 5000 सैनिक और ISRO

हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद तीन सितंबर को मिला था वाईएसआर रेड्डी का शव.. जानें- कैसे हुई थी तलाश...

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येदुगुड़ी संदिंती राजशेखर रेड्डी येदुगुड़ी संदिंती राजशेखर रेड्डी

प्रियंका शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 12:52 PM IST

वाईएसआर के नाम से प्रसिद्ध आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर येदुगुड़ी संदिंती राजशेखर रेड्डी का शव 2009 में 3 सितंबर के दिन ही मिला था. उन्हें लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर 2 सितंबर को नल्लामल्ला के जंगलों में लापता हो गया था और अगले दिन 3 सितंबर को करनूल से कुछ दूरी पर स्थित रूद्रकोंडा की पहाड़ी पर उनका क्षत-विक्षत शव मिला था. बता दें कि हादसे के बाद एक बड़ा तलाशी अभियान भी चलाया गया था.

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रेड्डी के साथ हेलीकॉप्टर से जा रहे चार अन्य लोगों की भी इस हादसे में मौत हो गई थी. उनके लापता हेलीकॉप्टर की खोज के लिए भारत का सबसे बड़ा तलाशी अभियान चला था, जिसमें वायुसेना के कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान और थर्मल इमेजिंग प्रणाली से लैस सुखोई 30 एमकेआई विमान भी शामिल थे. इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भी उपग्रह के जरिए तलाशी अभियान में हिस्सा लिया था.

अभियान के लिए केंद्र ने सीआरपीएफ के पांच हजार कर्मियों को भेजा था और जंगल के चप्पे-चप्पे से वाकिफ नक्सल रोधी बल ग्रेहाउंड्स को भी इस अभियान में लगाया गया था. अगले दिन (3 सितंबर) लगभग 24 घंटे बाद वायुसेना के एमआई-8 हेलीकाप्टर ने दुर्घनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के मलबे का पता लगाया. इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने और इसमें सवार रेड्डी सहित सभी पांच लोगों की मृत्यु हो जाने की पुष्टि की.

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8 जुलाई 1949 को जन्में वाईएसआर लोकसभा के लिए चार बार कडप्पा से चुने गए थे. इसके अलावा वह पुलिवेंदुला से पांच बार विधानसभा के लिए चुने गए. 2003 में उन्होंने पूरे आंध्र प्रदेश में पदयात्रा की. 2004 में उन्हीं के नेतृत्व में कांग्रेस ने विधानसभा का चुनाव जीता. वे 2004 से 2009 तक आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. वे अंतिम वक्त तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रखर नेता रहे. रेड्डी को लोग प्यार से वाईएसआर के नाम से बुलाते थे.

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