तो इसलिए नहीं लीक होता UPSC का पेपर! एनटीए को इससे कुछ सीखना चाहिए...

सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है. जब परीक्षा में कुछ गलत होता है तो इस बात का पता लगाना मुश्किल होता है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है. इस दौरान कोर्ट ने सख्त लहजे में ये भी कहा कि यूपीएससी में कभी लीक नहीं होता है पेपर, उनसे सीखिए. 

Advertisement
ये हैं वे कारण जिसकी वजह से UPSC का पेपर नहीं होता है लीक. ये हैं वे कारण जिसकी वजह से UPSC का पेपर नहीं होता है लीक.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

नीट पेपर लीक विवाद अब पूरी तरह सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है. जहां अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने मामले की गंभीरता को बताते हुए कहा कि जब देश की इतनी बड़ी परीक्षा में कुछ गलत होता है, तो पूरी व्यवस्था कटघरे में आ जाती है और जवाबदेही तय करना मुश्किल हो जाता है. परीक्षा प्रणाली की साख पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने ऐतिहासिक रूप से निष्पक्ष रहने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का उदाहरण दिया और कहा कि परीक्षा कराने वाली एजेंसियों को उनसे पारदर्शिता और सुरक्षा के गुण सीखने चाहिए. लेकिन सवाल ये खड़ा हो रहा है कि आखिर कैसे एनटीए का पेपर लीक हो जा रहा है और देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC का पेपर कभी लीक नहीं होता है. तो चलिए जानते हैं इसके बारे में.   

Advertisement

कोर्ट ने पेपर लीक को बताया दर्दनाक 

इस दौरान कोर्ट ने कहा कि इस तरह की परेशानी तब तक खत्म नहीं होगी जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी. पेपर लीक और पेपर रद्द होने की घटना को दर्दनाक बताते हुए कोर्ट ने कहा कि ये बेहद दुखद है. हम अपने छात्रों को निराश नहीं कर सकते हैं. 

यूपीएससी में कभी लीक नहीं होता पेपर

देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी के बारे में बात करते हुए कोर्ट ने कहा कि यूपीएससी में कभी लीक नहीं होता, उनसे कुछ सीखिए. 

यूपीएससी में नहीं होते हैं पेपर लीक और एनटीए में लीक थमते नहीं, क्या है कारण

UPSC  

 

NTA
जवाबदेही होता है तय- अनुच्छेद 315 के तहत स्थापित स्वायत संस्थान होने के काऱम बाहरी लोगों का हस्तक्षेप नहीं होता. 

नहीं होती है जवाबदेही- वहीं, एनटीए ने सोसाइटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड एक संस्था है, जिसमें स्थायी कैडर की कमी है. 

Advertisement

 

समर्पित स्थायी कैडर- आउटसोर्स के बजाय अपना स्थायी प्रशासनिक ढांचा होता है, जो गोपनीयता को बनाए रखता है. 

 

आउटसोर्सिंग- प्रश्नपत्रों की छपाई और तकनीकी मैनेजमेंट के लिए थर्ड पार्टी वेंडर पर निर्भर. 

 

पेपर सेटिंग- पश्नपत्र तैयान करने वाले एक्सपर्ट्स को लास्ट टाइम तक पता नहीं होता है कि उनका सेट किया हुआ पेपर सिलेक्ट होगा कि नहीं. 

 

अनवेरिफाइड निजी केंद्र-भारी संख्या में उम्मीदवारों के कारण निजी स्कूलों में परीक्षा केंद्र. 

 

इन-हाउस प्रिंटिंग- पेपर की छपाई बेहद सुरक्षा के साथ की जाती है. 

 

प्राइवेट लॉजिस्टिक्स- पेपर को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए निजी वाहनों का यूज किया जाता है. 

 

सरकारी लॉजिस्टिक्स- प्रिंट की हुई पेपरों को पुलिस और मजबूत कमरों का उपयोग होता है. 

 

ओएमआर बेस्ड पेपर- परीक्षा MCQ में होने से सॉल्वर गैंग के लिए पेपर लीक करना आसान होता है.

 

सरकारी केंद्र- परीक्षा का आयोजन केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य लोक सेवा आयोगों  और सरकारी कॉलेजों में ही होते हैं. 

 

 

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »