420 बार रिजेक्शन, फिर न्यूयॉर्क में मिली जॉब, बोली-नौकरी को नहीं मानूंगी जिंदगी 

सोचिए आप रोज नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं और आपको कोई कॉल नहीं आए. तो आपको कैसा लगेगा. ऐसा ही कुछ हुआ इंडियन छात्रा के साथ. 420 बार फेल होने के बाद अगर आपको सफलता मिले तो, अक्सर लोग अपने उसूलों से सौदा करने के लिए भी तैयार हो जाते हैं. अमेरिका में नौकरी कर रहीं भारतीय मूल की दिव्या बंसल ने बताया कि वह अपनी जॉब को अपना जीवन नहीं बनने देना चाहती हैं बल्कि हर जरूरी चीज को वह समय देना चाहती हैं. 

Advertisement
420 रिजेक्शन के बाद मिली नौकरी. 420 रिजेक्शन के बाद मिली नौकरी.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:28 PM IST

420 बार रिजेक्ट होना कोई छोटी बात नहीं होती है. लेकिन उसके बाद अपनी ड्रीम जॉब मिलने की खुशी भी बहुत अलग होती है. ऐसा ही हुआ भारतीय मूल की महिला दिव्या बंसल के साथ. आमतौर पर ऐसी कामयाबी मिलने के बाद लोग जश्न मनाते हैं लेकिन इस लड़की ने नौकरी मिलने के बाद जो बात कही उसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है.  इतना बार रिजेक्ट होने के बाद जब नौकरी मिलती है, तो लोग उसमें उलझ जाते हैं लेकिन दिव्या ने ऐसा नहीं किया. उसने कहा कि वह नौकरी को अपनी जिंदगी का सिर्फ एक हिस्सा बताया है न कि पूरी जिंदगी. सोशल मीडिया पर उसका यह रियलिस्टिक और बिंदास अंदाज तेजी से वायरल हो रहा है और लोग कह रहे हैं...सीखना है तो इससे सीखो!

Advertisement

NYU से पढ़ाई और 420 रिजेक्शन 

यह कहानी है दिव्या बंसल की जिन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है. वहां पर घूमते हुए दिव्या ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. वह उनके ऑफिस का पहला दिन था. वीडियो पोस्ट करते हुए दिव्या ने बताया कि इंटरनेशनल स्टूडेंट के तौर पर आज के दौर में नौकरी पाना कितना मुश्किल हो गया है.

उन्होंने अपने इस सफर में करीब 420 नौकरियों के लिए अप्लाई किया था. इनमें से 3 इंटरव्यू के लिए कॉल आए और आखिरकार 2 जॉब ऑफर हासिल किए. अपने ग्रेजुएशन के एक हफ्ते बाद ही नौकरी पाने वाली दिव्या ने कहा कि कॉम्पिटिटिव दौर में जहां नौकरी को इंसान की इज्जत और वजूद से जोड़कर देखा जाता है, वहां यह कामयाबी उनके लिए बहुत बड़ी है. 

Advertisement

करियर केवल काम है, पहचान नहीं 

उन्होंने वीडियो में कहा कि अक्सर नौकरी मिलते ही लोग उसमें खो जाते हैं कि अपनी पर्सनल लाइल एकदम भूल जाते हैं. लेकिन दिव्या ने अलग ही व्यवहार अपनाया. उन्होंने कहा कि यह जॉब उनकी जिंदगी का एक हिस्सा है, जो उन्हें चैलेंज करेगी, आगे बढ़ने में मदद करेगी उनके बिल चुकाएगी, लेकिन यह उनकी पूरी पहचान नहीं बन सकती. 

चारों तरफ घूमना होगा

दिव्या का मानना है कि काम को लाइफ के चारों ओर घूमना चाहिए न कि लाइफ को काम के चारों तरफ. उन्होंने साफ कहा कि वह जॉब के साथ-साथ डांस करना, जिम जाना, घर की याद दिलाने वाला खाना पकाना और अपने करीबियों के साथ वक्त बिताना जारी रखेंगी. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »