एग्जाम कोई भी हो, हर स्टूडेंट के अंदर अक्सर डर बैठा होता है. लेकिन पेपर में अच्छा स्कोर करना इतना कठिन भी नहीं है. थोड़ी प्लानिंग और कुछ आसान
तरीकों को जानकार न सिर्फ आपकी घबराहट दूर होगी बल्कि आप नंबरों के मामले
में भी किसी से पीछे नहीं रहेंगे.
वैसे तो सभी जानते हैं कि सुबह पढ़ना कितना लाभदायक है क्योंकि एक अच्छी नींद के बाद आप एकदम ताजा और ऊर्जा से भरे होते हैं. सुबह के समय शांति का भी माहौल रहता है. इसीलिए कहते भी हैं कि जल्दी सोना, जल्दी उठना आदमी को स्वस्थ, संपन्न और बुद्धिमान बनाता है. सुबह की हुई पढ़ाई आप लंबे समय तक याद रखते हैं.
अच्छा खाएं:
जी हां, अच्छे नंबर के लिए आपको अच्छा खाना भी होगा. आपकी डाइट ऐसी होनी चाहिए जिसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक से अधिक हो. खाने में हरी सब्जियां, ताजा फल, डेयरी उत्पाद, अंडे, मछली और मीट को शामिल करें. सूप, ग्रीन टी और फ्रेश जूस आपके डाइट चार्ट में हो. और हां, जंक फूड से दूरी बनाए रखें.
समय प्रबंधन:
किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने का पहला नियम टाइम मैनेजमेंट होता है. आप अच्छे नंबर पाने के लिए टाइम मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दें. हर विषय को समय के अनुसार बांट लें. जिस विषय में आपकी पकड़ कमजोर है, उसे ज्यादा से ज्यादा समय दें. जो टॉपिक हमें आते हैं, उनको हम अक्सर दोहराने के लिए पूरा समय नहीं देते. ये गलती न करें, बल्कि विषय के लिए बराबर का समय निश्चित करें.
सिलेबस के हिसाब से हमेशा तैयारी ना करें. हर बार इसका काम करना जरूरी नहीं है. आवश्यक है कि आप पहले विषय को समझें और फिर आगे बढ़ें. कई बार क्या होता है कि आप रटकर एग्जाम में जाते हैं और अगर प्रश्नपत्र में सवाल थोड़ा अलग हो जाता है तो घबराहट होती है. ऐसे में आप विषय को समझकर एग्जाम में बैठेंगे तो हर तरह से जवाब देने के लिए तैयार होंगे.
नोट्स बनाएं:
यह जांचा और परखा हुआ नियम है. नोट्स हमेशा आपकी मदद करेंगे. जब भी आप पढ़ें या रिवीजन करें तो ध्यान से उसके नोट्स बनाते चलें.
सैंपल पेपर:
ज्यादातर मौके पर हर कोई आपको सैंपल पेपर हल करने की सलाह देता होगा. यह काफी कारगर हो सकता हैं. पिछले कुछ सालों के प्रश्नपत्रों को आप इकठ्ठा कर कई सवालों को जान सकते हैं. उन प्रश्नों को हल करें इससे आपके अंदर विश्वास पैदा होगा. साथ ही सिलेबस भी पूरा किया जा सकेगा. क्या पता कई सवाल उनमें से ही आ जाएं.
टालें नहीं:
'कल करें सो आज कर, आज करे सो अब' इस कहावत को हमेशा याद रखें. अक्सर बच्चे पढ़ाई टालते हैं और बाद में पूरा सिलेबस देखकर दवाब में आ जाते हैं. अधूरा काम बाद में करने से आपके रिजल्ट पर असर पड़ता है. प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित करें और उसी के हिसाब से तैयारी शुरू करें.