अमेरिका ईरान में एयरस्ट्राइक करेगा, ग्राउंड ऑपरेशन या होगी पहलवी की एंट्री? क्या मदद भेज रहे ट्रंप

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है. ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को संकेत दिया है कि मदद रास्ते में है. एयरस्ट्राइक की संभावना सबसे ज्यादा है, ग्राउंड ऑपरेशन की कम. निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी की वापसी का चांस है. ईरान में 2000+ मौतों के बाद ट्रंप सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन बड़ा युद्ध टालने की कोशिश जारी है. अभी स्थिति अनिश्चित है.

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ईरान में हो रहे प्रदर्शन में शामिल युवती खेमेनेई के फोटो से सिगरेट जलाती हुई. (Photo: AFP) ईरान में हो रहे प्रदर्शन में शामिल युवती खेमेनेई के फोटो से सिगरेट जलाती हुई. (Photo: AFP)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

जनवरी 2026 में ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों ने दुनिया का ध्यान खींचा है. पिछले कई हफ्तों से ईरान की सरकार के खिलाफ लाखों लोग सड़कों पर हैं. सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 2000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों को मदद जल्द पहुंच रही है. जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका ईरान में सैन्य कार्रवाई करेगा, जैसे हवाई हमले या जमीनी ऑपरेशन? या फिर निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की ईरान वापसी होगी? 

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ईरान में क्या हो रहा है? विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

ईरान में विरोध प्रदर्शन जून 2025 से शुरू हुए, लेकिन जनवरी 2026 में ये और तेज हो गए. लोग महंगाई, भ्रष्टाचार और सरकार की सख्त नीतियों के खिलाफ हैं. ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया, जिसमें हजारों की मौत हुई. इंटरनेट ब्लैकआउट और गिरफ्तारियां आम हैं.

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ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो अमेरिका बहुत सख्त कार्रवाई करेगा. ईरान की सरकार ने ट्रंप के बयानों को राजनीतिक अस्थिरता फैलाने का प्रयास बताया है. तेहरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत के रास्ते खुले हैं, लेकिन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी भी दी है. 

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रणनीतिक रूप से ईरान की स्थिति कमजोर है. इजरायल और अरब देश अमेरिका से कह रहे हैं कि बड़े हमलों में देरी करें, ताकि ईरानी सरकार और कमजोर हो जाए. लेकिन ट्रंप की टीम सैन्य विकल्पों पर विचार कर रही है.

क्या अमेरिका ईरान में एयरस्ट्राइक करेगा?

ट्रंप को हाल ही में ईरान पर सैन्य हमलों के विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई है. व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका हवाई हमले कर सकता है, लेकिन कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देगा. ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मदद रास्ते में है, जो सैन्य या अन्य समर्थन का संकेत हो सकता है. एयरस्ट्राइक की संभावना मजबूत है क्योंकि ट्रंप ने खुद को इस स्थिति में फंसा लिया है.

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अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है, तो ट्रंप पर दबाव बढ़ेगा. रणनीतिक रूप से, हवाई हमले ईरान की सैन्य सुविधाओं या नेताओं को निशाना बना सकते हैं, जैसे 2020 में सुलेमानी की हत्या के समय हुआ था. लेकिन इससे बड़ा युद्ध छिड़ सकता है, क्योंकि ईरान अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला कर सकता है. अभी तक कोई हमला नहीं हुआ, लेकिन स्थिति तेजी से बदल रही है.

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ग्राउंड ऑपरेशन की संभावना कितनी?

ट्रंप के पास कई सैन्य विकल्प हैं लेकिन जमीनी ऑपरेशन (ग्राउंड ऑपरेशन) की संभावना बहुत कम है. विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका सुरक्षा बलों के नेताओं पर ऑपरेशन कर सकता है, लेकिन पूर्ण जमीनी हमला नहीं. ईरान अपडेट रिपोर्ट्स में IRGC (ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड) की तैनाती का जिक्र है, लेकिन अमेरिका की तरफ से कोई जमीनी योजना नहीं दिख रही. 

जमीनी ऑपरेशन बहुत जोखिम भरा होगा, क्योंकि ईरान का इलाका पहाड़ी है. वहां अमेरिकी सैनिकों को भारी नुकसान हो सकता है, जैसे इराक या अफगानिस्तान में हुआ. ट्रंप की टीम हवाई या साइबर हमलों पर ज्यादा फोकस कर रही है. अगर युद्ध हुआ, तो इजराइल या अमेरिका पर हमला हो सकता है, लेकिन जमीनी घुसपैठ की जगह गुप्त ऑपरेशन संभव हैं. 

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रजा पहलवी की वापसी: क्या फिर आएगा शाही राजवंश का शासन?

रजा पहलवी, ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे, निर्वासन में रहते हैं. प्रदर्शनों में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने ट्रंप से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है और कहा है कि वे ईरान लौटने के कदम उठा रहे हैं. पहलवी ने ईरानियों से सड़कों पर रहने और दबाव बनाए रखने की अपील की है.

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वे लोकतांत्रिक बदलाव की बात करते हैं, जैसे संवैधानिक राजतंत्र जहां राजा चुना जाए. अगर ईरानी सरकार गिरती है, तो पहलवी की वापसी संभव है, क्योंकि वे विरोध प्रदर्शनों का चेहरा बन रहे हैं. लेकिन ईरान में IRGC जैसी ताकतें उन्हें रोक सकती हैं. 

रणनीतिक रूप से, अमेरिका पहलवी को समर्थन दे सकता है ताकि शासन परिवर्तन हो, लेकिन इजरायल-पहलवी गठजोड़ को ईरान विदेशी साजिश बता रहा है. अगर ट्रंप सैन्य मदद देते हैं, तो पहलवी की एंट्री आसान हो सकती है, लेकिन अभी यह सिर्फ संभावना है.

ट्रंप क्या मदद भेज रहे हैं?  

ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से कहा है कि मदद रास्ते में है. उन्हें विरोध जारी रखने को प्रोत्साहित किया. लेकिन यह मदद क्या है? अभी तक कोई साफ घोषणा नहीं, लेकिन सैन्य, आर्थिक या राजनीतिक समर्थन हो सकता है. ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों से मिलने से इनकार कर दिया है. अमेरिका ने ईरान में रहने वाले अमेरिकियों को बाहर निकलने की सलाह दी है.

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ट्रंप का लक्ष्य क्या है? 

वे ईरान में शासन परिवर्तन चाहते हैं, लेकिन बड़ा युद्ध नहीं. अगर एयरस्ट्राइक हुए, तो यह प्रदर्शनकारियों को मजबूत कर सकता है, लेकिन ईरान जवाब दे सकता है. दो-मोर्चे की स्थिति (इजरायल-ईरान युद्ध जारी है) में अमेरिका सावधान है. ट्रंप घरेलू विरोध (जैसे मिनियापोलिस प्रदर्शन) से भी जूझ रहे हैं, इसलिए ईरान पर फोकस से ध्यान हटाना चाहते हैं. 

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क्या होगा आगे?

ईरान की स्थिति अनिश्चित है. एयरस्ट्राइक की संभावना सबसे ज्यादा है. ग्राउंड ऑपरेशन कम. पहलवी की वापसी शासन गिरने पर निर्भर है. ट्रंप की मदद अभी बयानों तक सीमित है, लेकिन अगर प्रदर्शन बढ़े, तो कार्रवाई हो सकती है. रणनीतिक रूप से, यह अमेरिका के लिए अवसर है लेकिन युद्ध का जोखिम भी. दुनिया की नजरें ट्रंप के अगले कदम पर हैं. 

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