मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बीच अमेरिका ने कतर के अल उदैद एयर बेस पर अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं. रॉयटर्स के अनुसार अमेरिकी लड़ाकू विमानों की आवाजाही बढ़ गई है. साथ ही, अमेरिकी सरकार ने ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की आपातकालीन चेतावनी जारी की है. यह सब ईरान में जारी बड़े विरोध प्रदर्शनों और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच हो रहा है.
अल उदैद एयर बेस क्या है?
अल उदैद एयर बेस कतर की राजधानी दोहा से लगभग 35 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है. यह मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है. यहां 10000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. बेस में 4,500 मीटर लंबी रनवे है, जो बड़े विमान जैसे B-52 स्ट्रैटेजिक बॉम्बर, KC-135 एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर और ट्रांसपोर्ट प्लेन को संभाल सकती है. यह अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का मुख्यालय भी है और ईरान की सीमा से सिर्फ 200-300 किलोमीटर दूर है.
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क्या हो रही है गतिविधि?
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 12 जनवरी 2026 को अल उदैद से कई अमेरिकी विमान उड़े, जिनमें KC-135 एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर और B-52 स्ट्रैटेजिक बॉम्बर शामिल थे.
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) और फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि KC-135, KC-46A पेगासस टैंकर, C-17 ग्लोबमास्टर III और C-5M गैलेक्सी जैसे भारी ट्रांसपोर्ट विमान मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं. यह गतिविधि ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच तेज हुई है, जहां इंटरनेट ब्लैकआउट, सैकड़ों मौतें और हजारों गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.
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अमेरिका ने क्यों चेतावनी जारी की?
अमेरिकी वर्चुअल एम्बेसी इन ईरान ने 12 जनवरी 2026 को अलर्ट जारी किया. इसमें कहा गया... अमेरिकी नागरिक ईरान न जाएं और अगर वहां हैं तो तुरंत निकलें.
यह चेतावनी ईरान में 1979 के बाद सबसे बड़ी संकटकालीन स्थिति के बीच आई है. विरोध प्रदर्शन आर्थिक संकट, मुद्रा गिरावट और सरकार की कार्रवाई से जुड़े हैं.
क्यों बढ़ रहा है तनाव?
ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं, जहां मानवाधिकार संगठनों ने 600 से ज्यादा मौतें और 10,000 गिरफ्तारियां बताई हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने कतर में अमेरिकी बेस पर मिसाइल दागी थी.
अब ईरान में अशांति के बीच अमेरिका सैन्य तैयारी बढ़ा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर सके. यह गतिविधि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइलों और क्षेत्रीय अस्थिरता से जुड़ी है. अल उदैद बेस अमेरिका की मध्य पूर्व में ताकत का प्रतीक है। बढ़ती गतिविधियां और नागरिकों को निकालने की चेतावनी से साफ है कि स्थिति गंभीर है.
ऋचीक मिश्रा