रूस की राजधानी मास्को और अन्य शहरों में जर्मनी में बनी लग्जरी कारों के मालिकों के बीच हड़कंप मच गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2013 से 2019 तक के पोर्शे मॉडल्स और बीएमडब्ल्यू (BMW) की कई सीरीज (कनेक्टेडड्राइव वाली, जैसे सीरीज 1-7, क्रॉसओवर X1-X6, Z4, i3, i8 और M-सीरीज) स्टार्ट नहीं हो रही हैं. कारें इंजन बंद कर देती हैं या शुरू ही नहीं होतीं.
दावा किया जा रहा है कि रूस की गुप्त इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम्स इन कारों के व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) या टेलीमैटिक्स कंट्रोल यूनिट (TCU) की फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे कारें चोरी होने का सिग्नल समझकर खुद को बंद कर देती हैं. लेकिन क्या यह संभव है?
क्या हो रहा है रूस में?
पिछले कुछ हफ्तों से रूस में सैकड़ों पोर्शे और अब बीएमडब्ल्यू कारों के मालिक शिकायत कर रहे हैं कि उनकी कारें स्टार्ट नहीं हो रही हैं. द मास्को टाइम्स, ऑटोस्पाइज और ईएडेली जैसी रिपोर्ट्स के अनुसार...
पोर्शे की समस्या: दिसंबर 2025 से शुरू हुई. 2013 के बाद के मॉडल्स, जो VTS (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम) से लैस हैं, अचानक इंजन बंद कर देती हैं. VTS एक एंटी-थेफ्ट सिस्टम है जो GPS और सेलुलर सिग्नल्स पर निर्भर है. अगर कनेक्शन टूटता है, तो सिस्टम चोरी समझकर इंजन को बंद कर देता है.
BMW की समस्या: जनवरी 2026 में फैली. कनेक्टेडड्राइव वाली कारें प्रभावित हैं, जहां TCU (टेलीमैटिक्स कंट्रोल यूनिट) GPS, सेलुलर और वायरलेस कम्युनिकेशन का इस्तेमाल करती है. मालिकों का कहना है कि कारें चोरी मोड में चली जाती हैं. स्टार्ट नहीं होतीं.
प्रभाव: मास्को, क्रास्नोडार और अन्य शहरों में कारें गैरेज, पार्किंग या सर्विस सेंटर में फंसी हैं. डीलर्स जैसे रॉल्फ ने कहा कि सभी मॉडल्स प्रभावित हैं. इंजन ब्लॉक हो जाता है. ऑनलाइन फोरम्स और सोशल मीडिया पर मालिकों की पोस्ट्स से पता चलता है कि बिना किसी वार्निंग के समस्या अचानक आई.
रूस के ऑटो एक्सपर्ट येवगेनी लाडुशकिन ने ईएडेली को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स में इंटरफेरेंस EW उपकरणों से हो रहा है. यूक्रेन युद्ध के कारण रूस की EW सिस्टम्स को दोष दिया जा रहा है, जो ड्रोन या GPS जैमिंग के लिए इस्तेमाल होती हैं.
क्या यह संभव है?
इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम्स रेडियो फ्रीक्वेंसी, GPS और सेलुलर सिग्नल्स को जैम (ब्लॉक) या स्पूफ (धोखा) कर सकती हैं. आधुनिक कारों में VTS/TCU इन्हीं सिग्नल्स पर काम करते हैं – GPS लोकेशन के लिए, सेलुलर सर्वर से कनेक्ट होने के लिए. अगर EW इन फ्रीक्वेंसी को टारगेट करे, तो क्या कार बंद हो सकती है? आइए स्टेप बाय स्टेप समझें ...
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कारों के सिस्टम कैसे काम करते हैं?
VTS (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम): पोर्शे में यह सैटेलाइट-बेस्ड एंटी-थेफ्ट मॉड्यूल है. अगर GPS या सेलुलर कनेक्शन टूटता है, तो सिस्टम चोरी समझकर इंजन को ब्लॉक कर देता है. रिपोर्ट्स कहती हैं कि रूस में VTS सर्वर से कनेक्शन टूट गया, जिससे कारें थ्रेट मोड में चली गईं.
TCU (टेलीमैटिक्स कंट्रोल यूनिट): बीएमडब्ल्यू में यह जीपीएस, सेलुलर (LTE/5G) और वाई-फाई का इस्तेमाल कर ट्रैकिंग, डायग्नोस्टिक्स और रिमोट कमांड्स हैंडल करती है. अगर सिग्नल जैम हो, तो TCU डिस्कनेक्ट हो सकती है. कार सेफ्टी फीचर्स एक्टिवेट कर देती है.
दोनों सिस्टम्स 2G/3G/4G फ्रीक्वेंसी (800-2600 MHz) और GPS (1575 MHz) पर काम करते हैं. EW इन फ्रीक्वेंसी को आसानी से जैम कर सकती है.
EW कैसे काम करती है?
रूस की EW सिस्टम्स जैसे क्रासुखा-4 या बोरीसोग्लेबस्क-2 GPS, रेडियो और सेलुलर सिग्नल्स को जैम कर सकती हैं. ये यूक्रेन में ड्रोन और GPS-गाइडेड हथियारों के खिलाफ इस्तेमाल होती हैं.
अगर EW VTS/TCU की फ्रीक्वेंसी को टारगेट करे, तो सिग्नल लॉस से कार चोरी मोड में जा सकती है. उदाहरण: अगर GPS जैम हो, तो VTS लोकेशन नहीं ट्रैक कर पाती और इंजन ब्लॉक कर देती है.
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तकनीकी रूप से हां, संभव है. ब्रेकिंग डिफेंस और SRC Inc. की रिपोर्ट्स बताती हैं कि EW व्हीकल्स (जैसे US आर्मी का EWTV) ड्रोन कंट्रोल और सेलुलर सिग्नल्स को जैम कर सकती हैं. अगर रूस मॉस्को में EW टेस्टिंग कर रहा है, तो यह हाई-एंड कारों को प्रभावित कर सकता है.
लेकिन क्या यह वाकई EW है?
कम संभावना: मॉस्को जैसे बड़े शहर में EW इस्तेमाल अपने ही सिस्टम्स (एयर ट्रैफिक, स्मार्टफोन्स, GPS) को प्रभावित करेगा. रूस EW को युद्ध क्षेत्रों में इस्तेमाल करता है, न कि राजधानी में. ऑटोस्पाइज रिपोर्ट कहती है कि यह स्पेकुलेशन है, असली कारण सैटेलाइट कनेक्शन का लॉस है.
अधिक संभावित कारण: 2022 यूक्रेन युद्ध के बाद जर्मनी ने रूस पर प्रतिबंध लगाए. पोर्शे और BMW ने रूस में ऑपरेशंस बंद कर दिए थे. VTS/TCU सर्वर्स यूरोप में हैं, जो अब रूसी कारों को सपोर्ट नहीं कर रहे. द ट्रुथ अबाउट कार्स और मॉस्को टाइम्स रिपोर्ट्स कहती हैं कि सिक्योरिटी नेटवर्क से कनेक्शन लॉस मुख्य कारण है – शायद मैन्युफैक्चरर्स ने रिमोटली डिसेबल किया या सर्विस कट ऑफ की.
हैकिंग की आशंका: 2017 में ICS-CERT ने Continental TCU में वल्नरेबिलिटी रिपोर्ट की, जो BMW, फोर्ड आदि में इस्तेमाल होती है. इससे रिमोट हैकिंग संभव है, लेकिन EW जैमिंग नहीं.
EW संभव है, लेकिन कम. ज्यादा संभावना सैंक्शंस या टेक्निकल ग्लिच की है. कोई ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं कि रूस EW से कारों को टारगेट कर रहा है – यह मिसइनफॉर्मेशन हो सकता है.
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ऐसे केस पहले भी हुए हैं?
GPS जैमिंग इन यूक्रेन (2022-2026): रूस ने EW सिस्टम्स से GPS सिग्नल्स जैम किए, जिससे यूक्रेनी ड्रोन और मिसाइल्स प्रभावित हुए. लेकिन कारों पर डायरेक्ट असर नहीं.
कलिनिनग्राद GPS जैमिंग (2023-2025): रूस के कलिनिनग्राद से GPS जैमिंग ने यूरोप में फ्लाइट्स और शिप्स प्रभावित किए. एडवांस्ड नेविगेशन रिपोर्ट कहती है कि आर्मर्ड व्हीकल्स में GNSS जैमिंग से नेविगेशन फेल होता है, लेकिन इंजन शटडाउन नहीं.
कार TCU हैकिंग (2017): McAfee रिसर्चर्स ने BMW, Nissan, Ford की TCU में फ्लॉज पाए, जो रिमोट अटैक से इंफोटेनमेंट सिस्टम बंद कर सकती हैं. लेकिन सेफ्टी फीचर्स प्रभावित नहीं.
US आर्मी EWTV (2018): ब्रेकिंग डिफेंस रिपोर्ट में US आर्मी का EW व्हीकल जो सेलुलर और ड्रोन सिग्नल्स जैम करता है. यह कार TCU को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कोई रियल-वर्ल्ड केस नहीं.
कोई डायरेक्ट उदाहरण नहीं: कारों को EW से शटडाउन करने का कोई पुष्ट केस नहीं. लेकिन GNSS जैमिंग से कार नेविगेशन फेल होता है, जैसे उबेर या जीपीएस-डिपेंडेंट व्हीकल्स में.
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खतरा असली, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं
रूस में जर्मन कारों की समस्या असली है, लेकिन EW का दावा संदिग्ध लगता है. तकनीकी रूप से संभव होने के बावजूद, सैंक्शंस और सर्विस कटऑफ ज्यादा लॉजिकल कारण लग रहे हैं. मालिकों को डीलर्स से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है, जहां मैनुअल अनलॉकिंग की कोशिश हो रही है.
यह घटना बताती है कि आधुनिक कारें कितनी कनेक्टेड हैं – और कितनी वल्नरेबल. अगर EW सच है, तो यह साइबर-वॉरफेयर का नया फ्रंट हो सकता है. लेकिन बिना सबूत के यह अफवाह भी हो सकती है. रूसी सरकार या मैन्युफैक्चरर्स से ऑफिशियल स्टेटमेंट का इंतजार है.
ऋचीक मिश्रा