ऑपरेशन सिंदूर-2 में क्या करेगा थिएटर कमांड, जानिए कहां पहुंची तैयारी

थिएटर कमांड अगले ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक साबित होगा. चीन और पाकिस्तान के दोतरफा खतरे से निपटने के लिए अरुणाचल, लद्दाख से कश्मीर तक 5 बड़े रणनीतिक बदलाव किए गए हैं. तैयारी 90% पूरी, जल्द कैबिनेट मंजूरी की उम्मीद.

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थियेटर कमांड से एक ही कमांडर ऑपरेशन संबंधी सारी जानकारी और सुविधाएं मुहैया करवाएगा. (File Photo: Getty) थियेटर कमांड से एक ही कमांडर ऑपरेशन संबंधी सारी जानकारी और सुविधाएं मुहैया करवाएगा. (File Photo: Getty)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST

भारतीय सेना में सबसे बड़ा बदलाव थिएटर कमांड के रूप में आने वाला है. यह अगले किसी भी बड़े ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई में तीनों सेनाओं (सेना, वायुसेना और नौसेना) को एक साथ एकीकृत कमान के तहत लड़ने की क्षमता देगा. थिएटर कमांड चीन और पाकिस्तान के दोतरफा खतरे से निपटने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा.

अप्रैल 2026 तक इसकी योजना 90% से ज्यादा पूरी हो चुकी है. जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के नेतृत्व में तीनों सेनाओं ने थिएटर कमांड पर सहमति बना ली है. प्रस्तावित योजना में तीन मुख्य थिएटर कमांड बनाए जाएंगे - उत्तरी थिएटर कमांड (चीन पर फोकस), पश्चिमी थिएटर कमांड (पाकिस्तान पर फोकस) और समुद्री थिएटर कमांड. 

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पश्चिमी थिएटर की कमान वायुसेना अधिकारी के पास रहेगी, उत्तरी की सेना अधिकारी के पास और समुद्री की नौसेना अधिकारी के पास. मई 2026 तक पहला थिएटर कमांड चालू करने का लक्ष्य है. ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबकों को इसमें शामिल किया गया है, ताकि भविष्य में तीनों सेनाएं एक साथ और तेजी से काम कर सकें.

चीन-पाकिस्तान के डबल खतरे से निपटने के 5 बड़े रणनीतिक बदलाव

भारत ने अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख से लेकर कश्मीर तक अपनी रणनीति में पांच बड़े बदलाव किए हैं...

  • सीमा पर भारी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: लद्दाख, अरुणाचल और उत्तराखंड में सड़कें, पुल, टनल और एयरफील्ड तेजी से बनाए जा रहे हैं. BRO ने हाल के वर्षों में सैकड़ों प्रोजेक्ट पूरे किए हैं, जिससे सैनिक और हथियार तेजी से पहुंच सकें.
  • सेना की तैनाती और फोर्स पोस्चर में बदलाव: लद्दाख और अरुणाचल में अतिरिक्त सैनिकों और हथियारों की तैनाती की गई है. उच्च ऊंचाई वाले इलाकों के लिए खास प्रशिक्षण और उपकरण दिए गए हैं.
  • एयर पावर और मिसाइल क्षमता बढ़ाना: वायुसेना ने पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर अपनी मौजूदगी मजबूत की है. ब्रह्मोस मिसाइल, अग्नि और अन्य लंबी दूरी की मिसाइलों को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है.
  • ड्रोन, इंटेलिजेंस और स्पेस सर्विलांस: डिफेंस स्पेस एजेंसी और ISRO के साथ मिलकर निगरानी बढ़ाई गई है. स्वदेशी ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं.
  • संयुक्त अभ्यास और कमांड स्ट्रक्चर में सुधार: थिएटर कमांड की तैयारी के तहत तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास बढ़ाए गए हैं. ऑपरेशन सिंदूर में दिखे तालमेल को और बेहतर बनाने पर काम चल रहा है.

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अगले ऑपरेशन सिंदूर में थिएटर कमांड की भूमिका

ऑपरेशन सिंदूर में तीनों सेनाओं ने अच्छा समन्वय दिखाया, लेकिन थिएटर कमांड आने के बाद एक ही कमांडर के तहत सभी संसाधन इस्तेमाल होंगे. इससे फैसले तेज होंगे. संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा.दुश्मन को जवाब देने में देरी नहीं होगी. विशेष रूप से चीन की तरफ से लद्दाख-अरुणाचल और पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर में दो मोर्चों पर एक साथ खतरा हो तो यह व्यवस्था बहुत काम आएगी.

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थिएटर कमांड भारत की सैन्य रणनीति में ऐतिहासिक बदलाव लाएगा. 2047 के आत्मनिर्भर और मजबूत भारत के विजन के साथ यह सुधार देश को दोनों पड़ोसियों के खतरे से निपटने में सक्षम बनाएगा. तैयारी तेजी से चल रही है और जल्द ही यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी. इससे भारतीय सशस्त्र बल और ज्यादा एकीकृत, आधुनिक और तैयार नजर आएंगे.

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