ईरान पर अमेरिकी हमले की तैयारी के बीच इजरायली बेस पर F-22 फाइटर जेट्स तैनात, जानिए ताकत

ईरान पर अमेरिकी हमले की तैयारी के बीच अमेरिकी वायुसेना ने इजरायल के दक्षिणी एयरबेस पर लगभग 12 F-22 रैप्टर स्टेल्थ फाइटर जेट्स तैनात कर दिए हैं. ये दुनिया के सबसे एडवांस पांचवीं पीढ़ी के जेट हैं, जो रडार से अदृश्य रहकर दुश्मन ठिकानों पर सटीक हमला कर सकते हैं. तैनाती से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है.

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ये है अमेरिकी फाइटर जेट एफ-22 रैप्टर जो इजरायल ने तैनात किया है. (Photo: Reuters) ये है अमेरिकी फाइटर जेट एफ-22 रैप्टर जो इजरायल ने तैनात किया है. (Photo: Reuters)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 25 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:37 PM IST

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हमले की तैयारी कर रहा है. इसी बीच 24-25 फरवरी 2026 को अमेरिकी वायुसेना ने 12 F-22 रैप्टर स्टेल्थ फाइटर जेट्स इजरायल के दक्षिणी एयरबेस पर तैनात कर दिए हैं. ये जेट ब्रिटेन के लैकेनहिथ एयरबेस से उड़कर इजरायल पहुंचे. यह अमेरिका की मध्य पूर्व में बड़े सैन्य जमावड़े का हिस्सा है.

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कितने जेट तैनात हुए?

अमेरिकी अधिकारियों और इजरायली मीडिया (टाइम्स ऑफ इजरायल, न्यूयॉर्क टाइम्स) के अनुसार लगभग 12 F-22 जेट तैनात किए गए हैं. ये दक्षिणी इजरायल के एक एयरबेस पर हैं, जहां से ईरान के कई ठिकानों पर आसानी से हमला किया जा सकता है.

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F-22 रैप्टर – दुनिया का सबसे खतरनाक स्टेल्थ फाइटर

F-22 रैप्टर लॉकहीड मार्टिन और बोइंग द्वारा बनाया गया पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है. इसे अमेरिकी वायुसेना के लिए खासतौर पर बनाया गया. यह दुश्मन की रडार से लगभग गायब रहता है.

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मुख्य विशेषताएं  

  • इंजन: 2 Pratt & Whitney F119-PW-100 टर्बोफैन इंजन (प्रत्येक 35,000 पाउंड थ्रस्ट)
  • अधिकतम गति: लगभग 2,414 किमी/घंटा 
  • लंबाई: 62 फीट 1 इंच (18.9 मीटर)
  • पंखों की चौड़ाई: 44 फीट 6 इंच (13.6 मीटर)
  • ऊंचाई: 16 फीट 8 इंच (5.1 मीटर)
  • खाली वजन: 19,700 किग्रा
  • अधिकतम उड़ान वजन: 38,000 किग्रा
  • उड़ान ऊंचाई: 50,000 फीट से ज्यादा
  • रेंज: 3,000 किमी से ज्यादा  
  • खास फीचर: स्टेल्थ तकनीक, थ्रस्ट वेक्टरिंग (नोजल घूमने की क्षमता), उन्नत रडार (AN/APG-77 AESA), इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम. दुश्मन इसे देख भी नहीं पाता, लेकिन ये सब देख लेता है.

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मारक क्षमता (Firepower)...

  • F-22 आंतरिक हथियार बे में हथियार छिपाकर उड़ता है, जिससे स्टेल्थ बनी रहती है.  
  • हवा में हवा मारने के लिए: 6 AIM-120 AMRAAM मिसाइल + 2 AIM-9 Sidewinder मिसाइल  
  • जमीन पर हमला: 2 JDAM 1,000 पाउंड बम या 8 Small Diameter Bombs (SDB)  
  • 20 mm M61A2 वल्कन तोप: 480 राउंड (नजदीकी लड़ाई के लिए)

ये जेट एक साथ कई दुश्मन विमानों को मार सकता है और - पहले देखो, पहले मारो, पहले जीतो- की क्षमता रखता है.

कब-कब इस्तेमाल हुआ?

F-22 का पहला युद्धक इस्तेमाल 22 सितंबर 2014 को हुआ. ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व में सीरिया और इराक में ISIS के ठिकानों पर हमला किया. 2014-2015 तक इसने 204 उड़ानें हुई, 60 ठिकानों पर 270 बम गिराए. जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया, उसमें भी F-22 रैप्टर शामिल थे.  

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क्यों तैनात किए गए?

ये जेट ईरान की एयर डिफेंस को चीरकर अंदर घुस सकते हैं. इजरायल के बेस से ये ईरान की मिसाइल रेंज से बाहर रहकर भी हमला कर सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर बातचीत नाकाम हुई तो ईरान पर हमला होगा. F-22 की तैनाती इसी तैयारी का संकेत है. F-22 रैप्टर को दुनिया का सबसे बेहतरीन फाइटर माना जाता है. कोई भी मौजूदा जेट इसे टक्कर नहीं दे सकता.  

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