कैसे मादुरो की मदद से वेनेजुएला बना पाब्लो एस्कोबार का 'हैवन ऑफ कोकेन'

वेनेजुएला को 'कोकेन का हैवन' कहा जाता है क्योंकि भ्रष्टाचार और सरकारी संरक्षण से ड्रग कार्टेल जैसे कार्टेल ऑफ द सन्स फल-फूल रहे हैं. मादुरो पर नार्को-टेररिज्म के आरोप लगे, जिसके बाद अमेरिका ने हमला कर उन्हें गिरफ्तार किया. कोलंबिया से कोकेन का ट्रांजिट पॉइंट बनकर सालाना अरबों डॉलर का व्यापार हो रहा है.

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पाब्लो अपने देश में जो सपना देखता था, उसे पूरा करने में मादुरो ने मदद की. (File Photo: Getty/AP) पाब्लो अपने देश में जो सपना देखता था, उसे पूरा करने में मादुरो ने मदद की. (File Photo: Getty/AP)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:01 PM IST

वेनेजुएला को 'कोकेन का हैवन' (सुरक्षित ठिकाना) कहा जाता है. यहां की सरकार, सेना और सीमाओं पर भ्रष्टाचार की वजह से ड्रग तस्करों को खुली छूट मिली हुई है. अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर 'नार्को-टेररिज्म' के आरोप लगाए और हाल ही में हमले करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसी तरह 3 जनवरी 1990 में पनामा में जनरल मैनुअल नोरिएगा को पकड़ा था. 

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पाब्लो एस्कोबार का वेनेजुएला से कनेक्शन 

कोलंबिया के मशहूर ड्रग लॉर्ड पाब्लो एस्कोबार (1949-1993) का वेनेजुएला से सीधा व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं था, लेकिन उनके मेडेलिन कार्टेल के कोकेन तस्करी रूट्स में वेनेजुएला की भूमिका थी. एस्कोबार को 'कोकेन का राजा' कहा जाता था, जो 1980 के दशक में दुनिया के 80% कोकेन की सप्लाई कंट्रोल करता था. 

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एस्कोबार का वेनेजुएला से कनेक्शन क्या था?

एस्कोबार का मेडेलिन कार्टेल मुख्य रूप से कोलंबिया से काम करता था. कोकेन कोलंबिया, पेरू और बोलीविया से आती थी और अमेरिका पहुंचाने के लिए मुख्य रूट्स थे...

  • बहामास (नॉर्मन्स के द्वीप) से हवाई रूट.
  • फ्लोरिडा, कैलिफोर्निया और कैरेबियन द्वीपों से.
  • वेनेजुएला को ट्रांजिट पॉइंट बताया गया है. क्योंकि कोलंबिया-वेनेजुएला सीमा जंगलों से घिरी है. तस्करी आसान थी.

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एस्कोबार युग में वेनेजुएला अभी बड़ा ट्रांजिट पॉइंट नहीं बना था, लेकिन कुछ लैब्स सीमा पर थे. एस्कोबार के भाई रोबर्टो की किताब में एक आधुनिक लैब का जिक्र है, जो वेनेजुएला बॉर्डर पर फार्म में थी, जहां 200 लोग काम करते थे. मेडेलिन कार्टेल ने वेनेजुएला, डोमिनिकन रिपब्लिक और अन्य देशों से रूट्स इस्तेमाल किए.

एस्कोबार का सपना था कि ड्रग कार्टेल सरकार पर कंट्रोल करे. वह कोलंबिया में सांसद बने, लेकिन सफल नहीं हुए. कई विशेषज्ञ कहते हैं कि वेनेजुएला में कार्टेल ऑफ द सन्स (सेना के जनरलों का नेटवर्क) ने एस्कोबार का सपना पूरा कर दिया. अमेरिका ने मादुरो को इसका हेड बताया है.

एस्कोबार युग में कोकेन रूट्स कैसे थे?

  • मुख्य रूट: कोलंबिया से हवाई जहाज या नाव से कैरेबियन होते हुए अमेरिका.
  • बहामास: एस्कोबार ने नॉर्मन्स का द्वीप खरीदा, जहां एयरस्ट्रिप और वेयरहाउस बनाए.
  • वेनेजुएला की भूमिका: सीमा पर तस्करी होती थी. बाद में (चावेज-मादुरो युग में) वेनेजुएला बड़ा हब बना.

एस्कोबार की मौत (1993) के बाद कोकेन व्यापार बदल गया. अब मेक्सिकन कार्टेल (सिनालोआ) और वेनेजुएला रूट्स ज्यादा इस्तेमाल होते हैं.

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एस्कोबार का सपना वेनेजुएला में पूरा?

अमेरिका और यूरोपीय संसद के कई नेता कहते हैं कि मादुरो ने एस्कोबार का सपना हासिल कर लिया – ड्रग कार्टेल और सरकार का फ्यूजन. एस्कोबार कोलंबिया में राजनीति में घुसना चाहते थे, लेकिन असफल रहे. वेनेजुएला में कार्टेल ऑफ द सन्स सरकारी अधिकारियों से जुड़ा है, जो सेना और सरकार कंट्रोल करता है.

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2025 में अमेरिका ने इसे टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया. मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर इनाम रखा. एस्कोबार के पूर्व सिकारियो (जैसे पोपेय) ने भी मादुरो को कार्टेल का बड़ा बॉस बताया. एस्कोबार की मौत के 30 साल बाद भी कोकेन व्यापार फल-फूल रहा है. वेनेजुएला अब वह हब बन गया है, जो एस्कोबार कोलंबिया में बनाना चाहते थे.

अमेरिकी हमले (2026) ड्रग तस्करी रोकने के नाम पर हैं, लेकिन कई इसे रिजीम चेंज मानते हैं. एस्कोबार की कहानी दिखाती है कि ड्रग व्यापार कितना जिद्दी है – एक लीडर मर जाए, तो दूसरा आ जाता है. 

हाल का इतिहास: कैसे बना वेनेजुएला नार्को-स्टेट?

वेनेजुएला का ड्रग कनेक्शन 1990 के दशक से मजबूत हुआ, लेकिन निकोलस मादुरो के शासन (2013 से अब तक) में यह चरम पर पहुंच गया. राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और भ्रष्टाचार ने देश को ड्रग तस्करों का ठिकाना बना दिया. 2014 और 2017 में विरोध प्रदर्शनों में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा था.

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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला तेल से कमाई करता है, लेकिन भ्रष्टाचार ने इसे ड्रग रूट का केंद्र बना दिया. 2025-2026 में स्थिति और बिगड़ी. अमेरिका ने कहा कि मादुरो सरकार 'कार्टेल ऑफ द सन्स' नामक नेटवर्क चलाती है, जो कोकेन तस्करी करती है.

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सितंबर 2025 में अमेरिका ने कैरेबियन सागर में ड्रग बोट्स पर हमले शुरू किए, जिसमें कई नावें डुबोई गईं. दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र को अमेरिका ने बताया कि वह मादुरो और उनके कार्टेल को संसाधनों से रोकेगा.  

मुख्य ड्रग कार्टेल: कौन हैं ये?

वेनेजुएला में मुख्य कार्टेल सरकारी अधिकारियों से जुड़े हैं. सबसे बड़ा है कार्टेल ऑफ द सन्स (Cartel de los Soles) – यह वेनेजुएला की सेना के जनरलों का नेटवर्क है, जो कोकेन तस्करी करता है.  

अन्य कार्टेल 

  • सिनालोआ कार्टेल (मैक्सिको से): फेंटानिल, मेथ और कोकेन तस्करी में शामिल. अमेरिका ने 2025 में इसे वेनेजुएला से जुड़ा बताया.
  • जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (मैक्सिको): हिंसक कार्टेल, जो वेनेजुएला के रूट इस्तेमाल करता है.
  • क्लान डेल गोल्फो (कोलंबिया से): कोकेन उत्पादन और तस्करी में बड़ा.
  • ट्रेन डी अरागुआ: वेनेजुएला की गैंग, जो ड्रग्स के अलावा मानव तस्करी करती है.

ये कार्टेल कोलंबिया से कोकेन लाते हैं. वेनेजुएला से अमेरिका-यूरोप भेजते हैं.

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कितना बड़ा है ड्रग व्यापार?

वेनेजुएला ड्रग व्यापार का ट्रांजिट पॉइंट है. संयुक्त राष्ट्र ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (UNODC) के अनुसार, कोलंबिया में 300,000 हेक्टेयर कोका फसलें उगती हैं, जो सालाना 3,000 मीट्रिक टन कोकेन पैदा करती हैं. वैश्विक कोकेन बाजार का मूल्य 100 अरब डॉलर से ज्यादा है. वेनेजुएला से 20-30% कोकेन गुजरती है.

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कार्टेल ऑफ द सन्स ने 2025 में अरबों डॉलर कमाए. अमेरिका का अनुमान है कि वेनेजुएला से अमेरिका पहुंचने वाली कोकेन की कीमत 10-20 अरब डॉलर सालाना है. भ्रष्टाचार से कार्टेलों को तेल और मुद्रा नियंत्रण से फायदा होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है.

कोकेन का हैवन क्यों कहा जाता है?

वेनेजुएला को 'कोकेन का हैवन' इसलिए कहा जाता है क्योंकि...

  • भ्रष्टाचार: सेना और सरकार के अधिकारी कार्टेलों को संरक्षण देते हैं. कार्टेल ऑफ द सन्स जैसे नेटवर्क सरकारी हैं.
  • पोरस बॉर्डर्स: कोलंबिया से 2200 किलोमीटर सीमा जंगलों से घिरी है, जहां तस्करी आसान है.
  • कमजोर संस्थाएं: आर्थिक संकट से पुलिस और सेना भ्रष्ट हो गई. तेल आय का दुरुपयोग ड्रग व्यापार में होता है.
  • भौगोलिक स्थिति: कोलंबिया (दुनिया का सबसे बड़ा कोका उत्पादक) से सटा होने से कोकेन आसानी से आती है और कैरेबियन सागर से बाहर जाती है.
  • राजनीतिक अस्थिरता: मादुरो शासन में विरोध दबाने के लिए कार्टेलों से मदद ली जाती है.

कार्टेलों की लड़ाई: हिंसा और संघर्ष

कार्टेलों में रूट कंट्रोल के लिए खूनी लड़ाइयां होती हैं. वेनेजुएला के खनन इलाकों में ट्रेन डी अरागुआ और कोलंबियाई गैंग्स के बीच झड़पें आम हैं. 2025 में सिनालोआ और जलिस्को कार्टेल के बीच वेनेजुएला रूट पर हिंसा बढ़ी, जिसमें सैकड़ों मौतें हुईं.

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सरकार के साथ भी संघर्ष: अमेरिकी हमलों से कार्टेलों में डर है. कोलंबिया सीमा पर FARC डिसिडेंट्स और वेनेजुएला सेना के बीच लड़ाई होती है. ये संघर्ष देश को और अस्थिर बनाते हैं.

सीमा पर तस्करी रोकने के प्रयास

वेनेजुएला-कोलंबिया सीमा पर तस्करी रोकने के प्रयास सीमित हैं... 

2025 में कोलंबिया ने सीमा बंद करके तस्करी में 50% कमी बताई गई. वेनेजुएला ने ईंधन सब्सिडी बदली ताकि तस्करी कम हो. कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने 2026 में अमेरिकी हमलों के बाद सीमा पर सेना तैनात की है. दोनों देशों ने कंट्राबैंड क्रैकडाउन शुरू किया, लेकिन भ्रष्टाचार से सफलता कम. अमेरिका ने 'ऑपरेशन सदर्न स्पीयर' में सीमा के पास ड्रग बोट्स पर हमले किए, जिसमें 115 मौतें हुईं.

अमेरिका की कार्रवाई: प्रतिबंध से हमले तक

अमेरिका ने वेनेजुएला को 'नार्को-स्टेट' बताया और कार्रवाई की...

2025 में मादुरो और अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए, उन्हें 'फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन' घोषित किया. सितंबर 2025 से कैरेबियन में ड्रग बोट्स पर हमले शुरू, जिसमें 33 नावें डुबोईं. दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र में कहा कि मादुरो कार्टेल को संसाधनों से वंचित करेगा.

जनवरी 2026 में बड़े हमले: काराकस में धमाके, मादुरो को गिरफ्तार किया. अमेरिका इसे 'ड्रग तस्करी रोकने' का कदम बता रहा है, लेकिन कई इसे रिजीम चेंज मानते हैं. 15000 सैनिक और दर्जनों युद्धपोत तैनात किए.

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वेनेजुएला का नार्को कनेक्शन भ्रष्टाचार और अस्थिरता से उपजा है, जो इसे कोकेन का हैवन बनाता है. कार्टेलों की लड़ाई और तस्करी से देश बर्बाद हो रहा है. अमेरिका की कार्रवाई से तनाव बढ़ा है, लेकिन क्या इससे ड्रग व्यापार रुकेगा?  

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