हंतावायरस पीड़ित को बचाने के लिए पैराशूट से कूदे ब्रिटिश आर्मी के डॉक्टर

ब्रिटिश आर्मी के मेडिकल स्टाफ ने दक्षिण अटलांटिक के सुदूर द्वीप ट्रिस्टन दा कुन्हा पर पैराशूट से कूदकर MV होंडियस क्रूज शिप से उतरे एक ब्रिटिश नागरिक की मदद की, जिसे हंतावायरस संक्रमण हुआ था. तेज हवाओं के बीच किया गया यह मिशन बेहद चुनौतीपूर्ण था.

Advertisement
बाएँ से- द्वीप पर गिरता मेडिकल समान और विमान से कूदते सैनिक और मेडिकल स्टाफ. (Photo: British MoD) बाएँ से- द्वीप पर गिरता मेडिकल समान और विमान से कूदते सैनिक और मेडिकल स्टाफ. (Photo: British MoD)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:25 PM IST

ब्रिटिश आर्मी के मेडिकल स्टाफ ने दक्षिण अटलांटिक महासागर के सबसे सुदूर बसे द्वीप ट्रिस्टन दा कुन्हा पर पैराशूट से कूदकर एक ब्रिटिश नागरिक की जान बचाने का मिशन चलाया. यह व्यक्ति MV होंडियस क्रूज शिप से उतरा था, जहां हंतावायरस फैला हुआ था. वह उसी द्वीप पर रहता है. उसकी हालत गंभीर हो गई थी. 

16 एयर असॉल्ट ब्रिगेड के छह पैराशूट सैनिक और दो मेडिकल डॉक्टर RAF A400M विमान से ट्रिस्टन दा कुन्हा पर कूदे. द्वीप पर हवाई पट्टी नहीं है. सामान्य रूप से वहां केवल जहाज से ही पहुंचा जा सकता है. लेकिन मरीज का ऑक्सीजन खत्म होने की स्थिति बन गई थी, इसलिए ब्रिटिश सेना ने यह जोखिम भरा ऑपरेशन किया. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: 100 लाख करोड़ रुपये... दुनिया का सबसे महंगा डिफेंस प्रोजेक्ट होगा ट्रंप का गोल्डन डोम

विमान ब्रिटेन के RAF ब्राइज नॉर्टन से उड़ा, असेन्शन द्वीप होते हुए ट्रिस्टन पहुंचा. तेज हवाओं और छोटे द्वीप के कारण पैराशूट कूदना बेहद चुनौतीपूर्ण था. सैनिकों को 5 किलोमीटर ऊपर से कूदना पड़ा. हवा के रुख का फायदा उठाकर वे द्वीप के किनारे पर उतरे. ब्रिगेडियर एड कार्टराइट ने कहा कि अगर थोड़ी सी भी गलती होती तो वे अटलांटिक महासागर में गिर जाते.

मरीज की स्थिति

यह ब्रिटिश नागरिक 14 अप्रैल को MV होंडियस से उतरा था. 28 अप्रैल को उसे दस्त की शिकायत हुई. दो दिन बाद बुखार आया. वह फिलहाल स्थिर स्थिति में है. आइसोलेशन में रखा गया है. द्वीप पर ऑक्सीजन की आपूर्ति खत्म होने वाली थी, इसलिए ब्रिटिश वायुसेना ने A400M से ऑक्सीजन भी गिराया. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: बीयर पीने वालों को ज्यादा क्यों काटते हैं मच्छर, वैज्ञानिकों को मिला बड़ा सुराग

MV होंडियस क्रूज शिप पर हंतावायरस फैला हुआ है. अब तक 11 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें दो अन्य ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं. कुल तीन लोगों की मौत हो चुकी है. शिप अब टेनेरिफ पहुंच चुकी है. 

ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप

ट्रिस्टन दा कुन्हा दुनिया का सबसे दूर बसा हुआ द्वीप है. यहां सिर्फ 221 ब्रिटिश नागरिक रहते हैं. यहां आमतौर पर केवल दो डॉक्टरों की टीम होती है. ब्रिटिश सेना का यह पहला ऐसा ऑपरेशन है जिसमें मानवीय सहायता के लिए मेडिकल स्टाफ को पैराशूट से उतारा गया.

यह भी पढ़ें: Exclusive: भारत को इस हफ्ते मिलेगा चौथा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम

ब्रिटेन सरकार की प्रतिक्रिया

विदेश सचिव येवेट कूपर ने कहा कि यह अभियान ब्रिटेन की विदेशी क्षेत्रों और ब्रिटिश नागरिकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. सशस्त्र बलों के मंत्री अल कार्न्स ने सैनिकों की बहादुरी की तारीफ की. ब्रिगेडियर कार्टराइट ने बताया कि सैनिकों को बाद में जहाज से वापस लाया जाएगा.

WHO के अनुसार, MV होंडियस पर एंडीस स्ट्रेन का हंतावायरस पाया गया है, जो इंसान से इंसान में फैल सकता है. हालांकि, आम लोगों के लिए जोखिम बहुत कम बताया जा रहा है. बाकी ब्रिटिश यात्री टेनेरिफ से चार्टर फ्लाइट से वापस आ रहे हैं. उन्हें 42 दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा.

Advertisement

ट्रिस्टन दा कुन्हा पर ब्रिटिश आर्मी का यह पैराशूट अभियान दुर्लभ और जोखिम भरा था, लेकिन इससे एक ब्रिटिश नागरिक की जान बचाई जा सकी. MV होंडियस वाली घटना ने हंतावायरस को फिर चर्चा में ला दिया है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement