बेटे की चाहत में मां ने मासूम बेटी की हत्या कर वॉशिंग मशीन में छिपाया शव

दिल्ली से सटे गाजियबाद के निवाड़ी थाना इलाके में एक महिला (30) ने बेटे की चाहत में अपनी 3 महीने की बच्ची की हत्या कर लाश को वाशिंग मशीन में छुपा दिया. इसके बाद उसने शोर मचाया कि बच्ची को जानवर उठाकर ले गया है.

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दिल्ली से सटे गाजियबाद में हुई वारदात दिल्ली से सटे गाजियबाद में हुई वारदात

मुकेश कुमार / पुनीत शर्मा

  • गाजियाबाद,
  • 04 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

दिल्ली से सटे गाजियबाद के निवाड़ी थाना इलाके में एक महिला (30) ने बेटे की चाहत में अपनी 3 महीने की बच्ची की हत्या कर लाश को वाशिंग मशीन में छुपा दिया. इसके बाद उसने शोर मचाया कि बच्ची को जानवर उठाकर ले गया है. इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जांच कि तो इसका खुलासा हो गया. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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जानकारी के मुताबिक, एक साल पहले आरती की शादी गाजियबाद के निवाड़ी थाना इलाके में मोहित से हुई थी. उन दोनों को एक बेटी हुई थी. उसका नाम शिवानी था. वारदात वाले दिन मोहित और उसके परिजन घर से बाहर गए हुए थे. वापस आने पर पता चला कि शिवानी घर में नहीं है. इसे लेकर आरती और उसकी सास में झगड़ा होने लगा.

इसके बाद आरती ने कहा कि उसकी बच्ची को कोई ले गया, फिर कहने लगी कि बच्ची को कोई जंगली जानवर उठा कर ले गया है. इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस को आरती के बार-बार बदल रहे बयान से शक हुआ. उसको हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने मुंह खोल दिया और सारा सच बयां कर दिया.

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सूत्रों के मुताबिक, आरती नेअपनी 3 महीने की मासूम बच्ची की चुन्नी से गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद वॉशिंग मशीन में रखे कपड़ों के ढ़ेर में उसके शव को छुपा दिया. पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बच्ची को शव को बरामद कर लिया गया. पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

मृतक बच्ची के पिता मोहित ने बताया कि शिवानी के जन्म के बाद से ही आरती दुखी रहती थी. उसे बेटे की चाहत थी. इतना ही नहीं वह शिवानी को अपना दूध भी नहीं पिलाना चाहती थी, लेकिन परिजनों के दबाव में आकर उसने दूध पिलाना शुरू किया. वह बार-बार गला घोंटकर बेटी को मारना चाहती थी. पुलिस हिरासत में आरोपी मां से पूछताछ हो रही है.

बताते चलें कि देश में इतनी जागरूकता के बाद भी आजकल कुछ लोग बेटे और बेटी में भेद करते हैं. बेटा होने पर जश्न मनाते हैं, तो बेटी पैदा होने पर दुखी हो जाते हैं. यहां तक की कुछ इलाकों में आज भी बेटी को पैदा होते ही मारने की कोशिश की जाती है. हालांकि, सरकार ने इसे लेकर सख्त से बनाए हैं. आरोपियों पर कार्रवाई की जाती है.

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