सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले में SIT ने शुरू की जांच, परिजनों के लिए बयान

एसआईटी की टीम बुधवार को ग्रेटर नोएडा पहुंची. एसआईटी ने घटना के संबंध में सुदीक्षा भाटी के परिजनों से बात कर जानकारी ली और उनके बयान दर्ज किए.

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सुदीक्षा भाटी (फाइल फोटोः Facebook/Sudeeksha Bhati) सुदीक्षा भाटी (फाइल फोटोः Facebook/Sudeeksha Bhati)

नीलांशु शुक्ला

  • ग्रेटर नोएडा,
  • 12 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 7:34 PM IST

  • परिजनों से मिला सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल
  • सरकार से की सहायता और न्याय दिलाने की मांग

ग्रेटर नोएडा की निवासी छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तहकीकात शुरू कर दी है. एसआईटी की टीम बुधवार को ग्रेटर नोएडा पहुंची. एसआईटी ने घटना के संबंध में सुदीक्षा भाटी के परिजनों से बात कर जानकारी ली और उनके बयान दर्ज किए.

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एसआईटी परिजनों की ओर से मनचलों के पीछा करने के कारण हादसा होने की बात कहे जाने समेत अन्य बिंदुओं के आधार पर भी तहकीकात कर रही है. एसआईटी के बाद प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी सुदीक्षा भाटी के घर पहुंचा.

सपा प्रतिनिधिमंडल ने भी परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली और ढांढस बंधाया. सपा नेताओं ने परिवार को यह आश्वासन भी दिया कि दुख की इस घड़ी में समाजवादी पार्टी उनके साथ है. सपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार से सुदीक्षा के परिजनों को सहायता देने की मांग की है.

सपा प्रतिनिधियों ने सुदीक्षा को न्याय दिलाने की मांग भी सरकार से की है. गौरतलब है कि अमेरिका में पढ़ाई करने वाली सुदीक्षा की बाइक दुर्घटना में मौत हो गई थी. सुदीक्षा के परिजनों ने आरोप लगाया था कि वह जब अपने चाचा के साथ मामा के यहां जा रही थी, तब बुलेट सवार दो मनचले उसका पीछा कर रहे थे. वे कभी बाइक से आगे निकलते, तो कभी पीछे कर लेते.

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आरोपों के मुताबिक मनचले स्टंट करने लगे और इसी बीच चाचा की बाइक बुलेट से जा भिड़ी. इस हादसे में सुदीक्षा की मौत हो गई थी. वहीं, पुलिस का दावा था कि बाइक सुदीक्षा का नाबालिग भाई चला रहा था. इसलिए परिजनों की ओर से चाचा को आगे किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने इस मामले में हुई कार्रवाई के संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी थी.

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी यूपी के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी. बाद में सुदीक्षा के पिता ने भी बुलेट सवार दो अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. चौतरफा दबाव के बाद पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था.

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