बीते साल जम्मू कश्मीर में 262 आतंकी ढेर, 300 से ज्यादा अभी भी सक्रिय

Terrorism in the valley सूत्रों के मुताबिक़ जम्मू कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के 114, जैश-ए-मोहम्मद के 51 और लश्कर-ए-तैयबा के 135 आतंकी मौजूद हैं.

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भारतीय सेना लगातार घाटी में ऑपरेशन ऑल आउट चला रही है (फाइल फोटो) भारतीय सेना लगातार घाटी में ऑपरेशन ऑल आउट चला रही है (फाइल फोटो)

परवेज़ सागर / जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 10:20 AM IST

जम्मू कश्मीर में भारतीय सुरक्षा एजेंसियां ने ऑपरेशन ऑल आउट के तहत पूरे साल 2018 में आतंकियों को ठिकाने लगाने का बड़ा प्रयास किया इस दौरान सुरक्षाबलों ने 262 आतंकवादियों को 31 दिसंबर 2018 तक ढेर कर दिया है. सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे 1 साल में लश्कर जैश और हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों के टॉप कमांडरों को भी ढेर किया है, पर सुरक्षा एजेंसियों के रिपोर्ट की मानें तो अब भी कश्मीर घाटी में पाक समर्थित आतंकवाद को पनाह मिल रही है.

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सूत्रों की मानें तो आज भी 300 से ज्यादा आतंकी कश्मीर घाटी में सक्रिय है. जिनके खिलाफ लगातार ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियां चला रही हैं. आज तक को सूत्रों ने जानकारी दी है कश्मीर घाटी में पाकिस्तान में बैठे आतंक के आका घाटी के युवाओं युवाओं को आतंकी कमांडरों की मदद से ब्रेनवाश कर बरगलाने में लगे हैं. साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से आतंक की भर्ती भी कर रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक घाटी में 196 के आसपास लोकल टेरेरिस्ट लश्कर, जैश, हिज्बुल मुजाहिदीन और अंसार ग़ज़वत उल हिंद के सक्रिय हैं. वहीं कश्मीर घाटी में 105 के आसपास पाकिस्तानी और तालिबानी खूंखार आतंकी मौजूद है. सूत्रों के मुताबिक़ हिजबुल मुजाहिदीन के 114, जैश के 51 और लश्कर के 135 आतंकी मौजूद हैं.

2018 में 587 आतंकी हमले

राज्य सभा के लिखित जवाब के मुताबिक "पिछले साल 2 दिसंबर तक 587 आतंकी हमले हो चुके है जबकि 2017 में 2 दिसंबर तक ये संख्या 329 थी. 2017 में यह कुल आंकड़ा 342 और 2016 में 322 आतंकी हमले हुए थे. संसद में दी गई लिखित रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर में हुए इस 2018 में आतंकी हमलों में 2 दिसंबर तक 86 जवान शहीद हुए हैं. जबकि इस अवधि में 2017 में 74 जवान शहीद हुए थे.

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संसद में पेश की गई गृह मंत्रालय की रिपोर्ट से साफ है कि जम्मू कश्मीर में सीमा के उस पार से लगातार आतंकियों की भेजने की कवायद की जा रही है. आजतक को सूत्रों ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पाक अधिकृत कश्मीर में टेरर कैंप चला कर आतंकवादियों को भारत के खिलाफ भड़काने की कोशिश में जुटा हुआ है. यही नहीं सीमा के उस पार पाक अधिकृत कश्मीर में 13 नए लॉन्चिंग पैड के जरिए पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई फायरिंग की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ कराने की फिराक में है.

सूत्रों ने आज तक को जानकारी दी है इस नए साल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए नए तरीके के बर्फीले रेगिस्तान में चलने वाले ड्रेस ख़रीदे हैं. इसका इस्तेमाल पाकिस्तान आतंकियों को बर्फबारी के दौरान बंद हो गए रास्तों में घुसपैठ कराने के लिए कर सकती हैं.

जैश के 12 ओवर ग्राउंड वर्कर गिरफ्तार

आज तक को सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कश्मीर घाटी में आतंकियों की मदद करने के लिए ओवरग्राउंड वर्कर की भर्ती भी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई कर रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आईएसआई ओवर ग्राउंड वर्कर की भर्ती करने के लिए बाकायदा सोशल मीडिया के जरिए टैलेंट हंट प्रोग्राम चला रही है. सूत्र बताते हैं कि लश्कर सरगना हाफिज सईद सोशल मीडिया के जरिए कश्मीर घाटी और जम्मू रीजन में ओवर ग्राउंड वर्कर को आतंकियों की मदद करने के लिए आकर्षित कर रहा है.

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हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो घाटी में मौजूद ओवर ग्राउंड वर्कर के हौसले पस्त हैं. क्योंकि उनके खिलाफ भी बड़ा अभियान लोकल पुलिस और घाटी में मौजूद दूसरी सुरक्षा एजेंसियां चला रही हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अकेले दिसंबर के महीने में जैश-ए-मोहम्मद के 12 ओवर ग्राउंड वर्कर को सुरक्षा एजेंसियों ने धरदबोचा है. इन ओवर ग्राउंड वर्कर से कई खुलासे भी हुए हैं. जानकारी मिली है कि आतंक के सरगना के जरिए वह आतंकी कमांडरों के पास रसद सामग्री पहुंचाने का काम कैसे करते थे. साथ ही पाकिस्तान में बैठे आतंक के आका के कहने पर फंड भी आतंकियों को मुहैया कराने की कोशिश में लगे रहते थे.

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