साजिश के तहत हुई थी दिल्ली में हिंसा, चार्जशीट में कई खुलासे

खुरेजी हिंसा मामले में खालिद के खिलाफ एसआईटी की ओर से कोर्ट में दायर की गई चार्जशीट में उल्लेख है कि वह मलेशिया जाकर जाकिर नाइक से भी मिला था.

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खालिद सैफी (फाइल फोटोः Twitter) खालिद सैफी (फाइल फोटोः Twitter)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 04 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 4:48 PM IST

  • खुरेजी हिंसा मामले में आरोपी है खालिद
  • एसआईटी ने दायर की है चार्जशीट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हिंसा भड़क उठी थी. दंगों के मामले में गिरफ्तार खालिद सैफी से मंडौली जेल में पूछताछ की. इस दौरान कई खुलासे हुए हैं. खुरेजी हिंसा मामले में खालिद के खिलाफ एसआईटी की ओर से कोर्ट में दायर की गई चार्जशीट में उल्लेख है कि वह मलेशिया जाकर जाकिर नाइक से भी मिला था.

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एसआईटी के अनुसार पूछताछ में खालिद ने कई खुलासे किए हैं. चार्जशीट के मुताबिक दिल्ली में हुए प्रदर्शन और दंगे कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि उसके लिए बाकायदा पहले से ही पूरी पटकथा लिखी जा चुकी थी. क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में ये बताया गया है कि इशरत जहां और खालिद सैफी से मंडौली जेल में पूछताछ की गई.

एसआईटी की चार्जशीट के मुताबिक खालिद ने पूछताछ में ये बताया है कि उन्होंने इस वारदात को योजना बनाकर अंजाम दिया है. इसमें जामिया के कुछ छात्रों ने भी उनका साथ दिया. उनको लगता था कि ये सरकार मुस्लिम विरोधी है. कश्मीर से अनुच्छे 370 और 35 A हटाए जाने के बाद उन्हें इसका पक्का यकीन हो गया था. बाबरी मस्जिद को लेकर भी गुस्सा ज्यादा हो गया था.

खालिद के मुताबिक इन सबके बीच जब सीएए लागू कर दिया गया, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लागू करने की बात होने लगी. उन्हें लगा कि यही सही मौका है. लोगों को भड़काकर इस मुद्दे को इतना बड़ा बना दिया जाए कि सरकार हमारे सामने झुक जाए. चार्जशीट के मुताबिक 11 जनवरी 2020 को सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर पर्चे वितरित कराए गए.

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एसआईटी की चार्जशीट में खालिद से पूछताछ के आधार पर कहा गया है कि 12 जनवरी 2020 को इमाम वसीम की सरपरस्ती में मदरसे में एक मीटिंग हुई, जिसमें आस-पास में रहने वाली औरतों को इकट्ठा करके धरने के लिए उकसाया गया और मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया गया. 13 जनवरी को पेट्रोल पंप खुरेजी के समीप धरना शुरू हुआ और लोगों को भड़काया गया.

खालिद ने एसआईटी को बताया है कि 23 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने की बात पता चली तो दिल्ली में अलग-अलग जगह रोड जाम करके प्रोटेस्ट का प्लान बनाया गया. प्रोटेस्ट को हटाने पर इसे दंगों में तब्दील कर देने की योजना बनाई गई, जिससे विदेशों में सरकार की छवि खराब हो जाए. इसके लिए पीएफआई की ओर से धन मुहैया कराया जा रहा था. इसी योजना के मुताबिक खुरेजी में जाम किया गया और रोकने पर जाम करने वालों ने पुलिस पर पथराव किए.

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