अंकिता सिंह मर्डर: जांच अधिकारी नूर मुस्तफा हटाए गए, आरोपी को बचाने का लगा था आरोप

झारखंड के दुमका में 12वीं की स्टूडेंट अंकिता सिंह को जलाकर मार डालने के मामले में जांच अधिकारी को हटा दिया गया है. दुमका एसपी अंबर लकड़ा ने मंगलवार को कहा कि एसडीपीओ नूर मुस्तफा को मामले की निगरानी से हटा दिया गया है, उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, अब मामले की जांच निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी करेंगे.

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अंकिता सिंह (फाइल फोटो) अंकिता सिंह (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • दुमका,
  • 30 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 11:51 AM IST

झारखंड के दुमका में 12वीं की स्टूडेंट अंकिता सिंह को जलाकर मार डालने के मामले में जांच अधिकारी को हटा दिया गया है. दरअसल, एसडीपीओ नूर मुस्तफा पर आरोपी शाहरुख को बचाने का आरोप लगा था. इसके बाद दुमका के एसपी अंबर लकड़ा ने एसडीपीओ नूर मुस्तफा को हटाते हुए निरीक्षक स्तर के अधिकारी को जांच सौंपी है.

दुमका एसपी अंबर लकड़ा ने मंगलवार को कहा कि दुमका में कक्षा 12वीं की छात्रा की मौत के मामले में एसडीपीओ नूर मुस्तफा को मामले की निगरानी से हटा दिया गया है, उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, अब मामले की जांच निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी करेंगे, जिसकी निगरानी एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे.

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पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट करके कहा था, 'खबरों के मुताबिक़ दुमका में अंकिता को जलाये जाने के मामले में वहां के डीएसपी नूर मुस्तफा ने शुरू से ही अभियुक्त शाहरुख हुसैन को बचाने का प्रयास किया, एफआईआर में नाबालिग की जगह बालिग लिखवा दिये जाने की बात खबरों में आ रही है.'

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा था, 'डीएसपी नूर मुस्तफा के खिलाफ दुमका समेत पूरे राज्य के लोगों में भारी आक्रोश है और उनके वहां रहते लोगों को न्याय की उम्मीद नहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, इससे पहले कि मामला और बिगड़े, इस षड्यंत्रकारी डीएसपी नूर मुस्तफ़ा पर एफआईआर दर्ज करा कर उसे जेल भिजवाइये.'

गौरतलब है कि झारखंड की राजधानी रांची से पौने दो सौ किलोमीटर दूर दुमका की रहने वाली अंकिता सिंह को जलाकर मार डाला गया था. आरोप है कि शाहरुख को अंकिता से एकतरफा प्यार हुआ था. अंकिता ने इनकार किया तो 23 अगस्त की सुबह चार बजे शाहरुख अपने दोस्त के साथ दुमका के जरूवाडीह मोहल्ले में पहुंचा.

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अंकिता सो रही थी. आरोप के मुताबिक, शाहरुख ने खिड़की से लड़की पर पेट्रोल फेंका और आग लगा दी. आग लगाकर आरोपी भाग गया. बेटी को पहले दुमका के अस्पताल में और उसके बाद रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. लड़की पांच दिनों तक हिम्मत दिखाती रही, मगर आखिर में वो जिंदगी की जंग हार गई.

इतनी भयानक वारदात पर झारंखड सुलग उठा. अलग-अलग हिस्सों में विरोध की आवाजें गूंजी. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), बजरंग दल, करणी सेना समेत कई संगठन सड़क पर उतर आएं और आरोपी शाहरुख को फांसी की सजा दिलाने की मांग करने लगे. इस मामले में आरोपी शाहरुख पुलिस की गिरफ्त में है. 

 

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