पक्के रिटर्न का झांसा और 2 करोड़ की ठगी... ऐसे दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े 'बंटी-बबली'

कमेटी स्कीम के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ है. ज्यादा रिटर्न का झांसा देकर 48 लोगों से करीब 2 करोड़ रुपए ऐंठ लिए गए. जब स्कीम मैच्योर हुई तो न पैसा लौटा, न मुनाफा मिला. इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है.

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दिल्ली में कमेटी स्कीम के जरिए 48 लोगों को ठगने वाला कपल पकड़ा गया. (Photo: Representational) दिल्ली में कमेटी स्कीम के जरिए 48 लोगों को ठगने वाला कपल पकड़ा गया. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:27 PM IST

दिल्ली में कमेटी स्कीम के नाम पर बड़ा फ्रॉड सामने आया है. मुनाफे का लालच देकर एक 'बंटी-बबली' (दंपति) ने 48 निवेशकों से करीब 2 करोड़ रुपए ठग लिए. इस मामले के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की जांच की जा रही है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान चंद्रदीप चमोली और उसकी पत्नी सरिता चमोली के रूप में हुई है. कुलदीप सिंह और 47 अन्य निवेशकों की शिकायत पर 16 अक्टूबर को केस दर्ज किया गया था. शिकायत में कहा गया कि आरोपी इंद्रपुरी इलाके में एक ऑफिस से कमेटी स्कीम चला रहे थे. 

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आरोपी दंपति लोगों को ज्यादा और पक्के रिटर्न का भरोसा दिलाकर निवेश के लिए उकसाता था. शुरुआत में कुछ निवेशकों को छोटे और समय पर भुगतान कर उनका भरोसा जीता गया. जैसे-जैसे भरोसा बढ़ा, वैसे-वैसे बड़ी रकम जुटाई गई. साल 2013-14 से आरोपियों ने ऐसी 52 से ज्यादा कमेटियां चलाई थीं. 

कई स्कीमें चल रही थीं और कुछ मैच्योर भी हो चुकी थीं, लेकिन न तो मूलधन लौटाया गया और न ही वादा किया गया मुनाफा दिया गया. पिछले साल आरोपियों ने अचानक अपना ऑफिस बंद कर दिया और परिवार के साथ फरार हो गए. जांच में सामने आया कि उन्होंने कमेटी ट्रांजैक्शन से जुड़े रजिस्टर नष्ट कर दिए. 

उन दोनों ने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी तोड़ दिए. इस मामले में केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी. इसके तहत उत्तर प्रदेश में लगातार छापेमारी की गई. 2 फरवरी को चंद्रदीप चमोली को रामपुर से गिरफ्तार किया गया. उसकी पत्नी सरिता को 12 फरवरी को पकड़ा गया.

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चंद्रदीप दसघरा, इंद्रपुरी, पूसा और टोडापुर जैसे इलाकों में ट्यूशन पढ़ाता था. इसी दौरान उसने लोगों का भरोसा जीता और उन्हें कमेटी स्कीम में निवेश के लिए राजी किया. उसकी पत्नी पूरे ऑपरेशन में सक्रिय रूप से मदद कर रही थी. फिलहाल मामले की जांच जारी है. पुलिस ठगी की रकम का पता लगाने में जुटी है.

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