फ्लैट नंबर 1346 का रहस्य: क्या है बगैर कपड़ों की लाश का सच?

एक तरफ फ्लैट के बाहर एक नौजवान की बेलिबास लाश पड़ी थी, तो दूसरी तरफ फ्लैट के अंदर दूसरा नौजवान नशे में धुत्त पड़ा था.

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दिल्ली के द्वारका की घटना दिल्ली के द्वारका की घटना

लव रघुवंशी

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 12:50 PM IST

दिल्ली के द्वारका इलाके में फ्लैट नंबर 1346 से निकली मौत की मिस्ट्री ने हर किसी को चौंका दिया है. इस फ्लैट में दो लड़के डिनर पार्टी करते हैं. लेकिन इससे पहले कि पार्टी अपने अंजाम तक पहुंचती, एक लड़का तीसरी मंजिल से नीचे आ गिरता है, उसकी मौत हो जाती है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि ऊपर से गिरने वाले इस लड़के के जिस्म पर एक भी कपड़ा नहीं है. तो क्या ये कत्ल है? खुदकुशी है या फिर कुछ और? आखिर बगैर कपड़ों की इस लाश का राज क्या है?

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यूं ऊपर से नीचे आ गिरनेवाले इस नौजवान को इस सोसायटी में रहनेवाले लोग दूर-दूर तक नहीं जानते थे. यानी ये एक अजनबी था. इसी बीच आस-पास के लोगों ने पुलिस को इत्तिला दे दी.

लेकिन इससे पहले कि उस नौजवान को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जाता. एक और अजीब सी बात हुई. इस की हालत और आस-पास के फ्लैट्स को देख कर तमाम लोगों को ये शक था कि हो ना हो वो नौजवान इन्हीं फ्लैट्स की सबसे ऊपरी मंजिल यानी थर्ड फ्लोर से ही नीचे गिरा है. लेकिन इससे पहले कि इस बात की तस्दीक हो पाती, शराब के नशे में तीसरी मंजिल से झांकते हुए एक शख्स ने नीचे गिरे नौजवान को आवाज दी और ऊपर बुलाने लगा. ऐसे में पहली नजर में ये लग रहा था कि शायद ऊपर बालकॉनी में खड़े लड़के को इस बात का बिल्कुल भी अहसास नहीं है कि उसका दोस्त तीसरी मंजिल से नीचे आ गिरा है.

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उधर, इन्हीं अजीबोगरीब सिलसिलों के बीच लोगों के बुलाने के कुछ ही देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नौजवान को उठाकर इलाज के लिए अस्पताल में भिजवाया. से तब भी उसकी सांसें चल रही थी. लेकिन आखिरकार सिर में लगी अंदरुनी चोटों ने उसकी जान ले ली.

...ऐसे कमरे में पहुंची पुलिस
पुलिस के कुछ लोग अब भी तफ्तीश के लिए मौका-ए-वारदात पर मौजूद थे. वो यूं बगैर कपड़ों के एक लड़के के तीसरी मंजिल से नीचे आ गिरने का राज पता करना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने ऊपर बालकोनी में मौजूद लड़के को आवाज लगाकर अपने फ्लैट का दरवाजा खोलने की बात कही. लेकिन नशे में धुत्त ये लड़का लगातार अपना फ्लैट बाहर से बंद होने की बात कह रहा था. ये और बात है कि फ्लैट बाहर से बंद नहीं था. ऐसे में पुलिस ने सच पता करने के लिए घर के अंदर दाखिल होने का फैसला किया और फिर पुलिसवाले पहले छत के रास्ते उसकी बालकॉनी में पहुंचे और फिर अंदर से फ्लैट का दरवाजा खोला. लेकिन पुलिस ने इस फ्लैट के अंदर का जो मंजर देखा, उसने सभी को चौंका दिया.

एक तरफ फ्लैट के बाहर एक नौजवान की बेलिबास लाश पड़ी थी, तो दूसरी तरफ फ्लैट के अंदर दूसरा नौजवान नशे में धुत्त पड़ा था. लेकिन जब पुलिस इस फ्लैट में दाखिल हुई, तो उसे और भी कई चौंकानेवाली बातें पता चली. ये दरअसल दो लड़कों के बीच शुरू हुए रिश्तों की एक ऐसी कहानी थी. जिसके परवान चढ़ने से पहले ही मौत आ गई. काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस अब इस फ्लैट में घुसने में कामयाब हो चुकी थी. लेकिन जब उसने फ्लैट के अंदर का मंजर देखा तो हैरान रह गई.

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कमरे में पी गई शराब
पुलिस पहले ही ऊपर से नीचे आ गिरे लड़के के बगैर कपड़ों के होने की बात से सोच में पड़ी थी. लेकिन जब उसने मकान के अंदर की हालत देखी, तो उसे ये समझते देर नहीं लगी कि ये दोनों दोस्त एक दूसरे के बेहद करीब थे. दरअसल, ऊपर से नीचे आ गिरे लड़के के कपड़े वहीं फ्लैट में मौजूद थे, जबकि दूसरे लड़के के कपड़ों की हालत भी बेतरतीब थी. पुलिस को कमरे से शराब की एक बोतल के साथ-साथ एक गिलास भी मिला, जिसे देख कर ये साफ था कि इस वाकये से पहले कमरे में शराब पीने-पिलाने का दौर चला था. लेकिन एक ही गिलास का मिलना इस बात की तरफ इशारा भी कर रहा था कि दोनों में से शराब शायद एक ही लड़के ने पी थी. और ये हादसे का शिकार हुए लड़के का दोस्त ही था, क्योंकि उसे तमाम लोगों ने भी नशे में देखा था.

बेरोजगार था सौरव
लेकिन अभी इस वारदात की तह तक जाना पुलिस के लिए असली चुनौती थी, क्योंकि एक लड़के के यूं ऊपर से नीचे आ गिरने का राज अब भी पोशीदा था. लिहाजा, पुलिस ने दूसरे नौजवान के नशे से आने का इंतजार किया और उससे पूछताछ शुरू की. इस पूछताछ में दोनों की पहचान भी साफ हो गई. वारदात का शिकार बने नौजवान का नाम था सौरव घई. उम्र 26 साल. दिल्ली के ही उत्तम नगर में रहने वाला 26 साल का नौजवान सौरव इन दिनों बेरोजगार था. जबकि दूसरे लड़के का नाम था अमित सूरी. इसी फ्लैट यानी फ्लैट नंबर1346 में रहनेवाला 28 साल का अमित नोएडा के एक बीपीओ में काम करता था.

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पहली बार मिले थे दोनों
जब तफ्तीश आगे बढ़ी, तो पता चला कि सौरव और अमित की हाल ही में फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई थी. पुलिस की मानें तो दोनों के मिजाज भी एक-दूसरे से मिलते थे और दोनों ही समलैंगिक थे. वे इससे पहले एक-दूसरे से कभी नहीं मिले, लेकिन रविवार की शाम उन्होंने साथ ही गुजारने का फैसला किया था. जिसकी तस्दीक उनके मोबाइल फोन में एक-दूसरे से की गई बातों से भी हो गई.

कई सवाल अभी भी बने हुए
लेकिन इस मामले में कई ऐसे सवाल थे, जिनका जवाब जानना अभी पुलिस के लिए बेहद जरूरी था. क्या है फ्लैट नंबर 1346 का राज?, क्या ये लड़का खुद ही नीचे आ गिरा?, या फिर उसे ऊपर से गिराया गया?, क्या ये एक हादसा था या फिर खुदकुशी?, अगर खुदकुशी थी तो वजह क्या है? और हादसा था तो ये किन हालात में हुआ? और सबसे अहम ये कि कहीं मौत से पहले इस लड़के के साथ कोई जबरदस्ती तो नहीं हुई?

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