हिंदू लड़कियों के नाम पर फोल्डर, तस्वीरें और वीडियो... KGMU धर्मांतरण केस में रमीज के लैपटॉप-मोबाइल से बड़े खुलासे

KGMU से जुड़े धर्मांतरण मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी डॉ. रमीज मलिक की साजिशों की परतें खुलती जा रही हैं. पुलिस के हाथ ऐसे डिजिटल सबूत लगे हैं, जो इस पूरे नेटवर्क की गहराई और खतरनाक मंसूबों की ओर इशारा करते हैं. लैपटॉप और मोबाइल की बरामदगी को जांच में अहम माना जा रहा है.

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धर्मांतरण केस के मास्टरमाइंड डॉक्टर रमीज ने लैपटॉप-मोबाइल सुनसना जगह पर छिपा रखा था. (File Photo: ITG) धर्मांतरण केस के मास्टरमाइंड डॉक्टर रमीज ने लैपटॉप-मोबाइल सुनसना जगह पर छिपा रखा था. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 21 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:21 PM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के KGMU से जुड़े धर्मांतरण मामले में SIT की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है. गिरफ्तार आरोपी डॉ. रमीज मलिक की साजिशों का कच्चा-चिट्ठा अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है. जांच टीम ने रमीज का लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है, जिन्हें वह पुलिस से छिपाकर रखे हुए था.

सूत्रों के मुताबिक, इस लैपटॉप के बारे में पीड़िता ने पुलिस को बताया था. पीड़िता के अनुसार, रमीज ने अपने लैपटॉप में कई हिंदू लड़कियों के नाम से अलग-अलग फोल्डर बना रखे थे. इन फोल्डर्स में लड़कियों के अहम वीडियो और तस्वीरें मौजूद थीं. यह लैपटॉप धर्मांतरण से जुड़ी साजिश का अहम सुराग हो सकता है.

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इस केस की जांच के दौरान डिजिटल सबूत हाथ लगना एक बड़ा मोड़ है. आरोपी डॉ. रमीज इस समय 48 घंटे की पुलिस रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. उसके मोबाइल फोन की शुरुआती जांच में कई चैट्स और फोन नंबर डिलीट किए जाने की जानकारी भी मिली है. 

फॉरेंसिक टीम अब डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में जुटी हुई है. सुरक्षा कारणों को देखते हुए आरोपी से पूछताछ गोपनीय स्थान पर की जा रही है. STF ने भी आरोपी से अलग से पूछताछ की है. धर्मांतरण के लिए दबाव डालने से जुड़े सवालों पर डॉक्टर रमीज ने चुप्पी साध रखी है.

यह भी पढ़ें: KGMU धर्मांतरण केस: पुलिस रिमांड पर डॉक्टर रमीज, STF जांच में चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस नेपाल सीमा तक संभावित संपर्कों को लेकर भी जांच कर चुकी है. STF ने 2 दिन पहले ही रमीज को 48 घंटे की रिमांड पर लिया था. कड़ी पूछताछ के दौरान उसने अपने छिपाए गए लैपटॉप और मोबाइल के बारे में राज उगले. उसने बताया कि दोनों गैजेट्स को KGMU से 4 किलोमीटर दूर सूनसान इलाके में छिपाया था.

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सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन डिवाइसेज में ऐसा क्या है, जिससे रमीज इतना डरा हुआ था. जांच में सामने आया है कि लैपटॉप में कई हिंदू लड़कियों के नाम से बने फोल्डर्स हैं. इनमें वीडियो और तस्वीरें रखी गई थीं. वहीं मोबाइल फोन में कई अहम चैट्स, मैसेज और नंबर मौजूद थे, जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया.

यह भी पढ़ें: KGMU धर्मांतरण केस: 'छांगुर बाबा' से भी गहरा है डॉक्टर रमीज का 'रहस्य', मिले ये अहम सबूत

STF के अनुसार, पीड़िता के बयान दर्ज करते समय ही रमीज के लैपटॉप की जानकारी सामने आ गई थी. इससे पहले गिरफ्तारी के बाद रमीज का एक नया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया था, जिससे भी कुछ अहम जानकारियां मिली हैं. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फरारी के दौरान रमीज ने अलग-अलग लोगों को करीब 250 कॉल किए थे. 

इनमें से सात कॉल लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को की गई थीं. आरोप है कि उसने धर्मांतरण मामले में पुलिस से बचने के लिए मदद मांगी थी. अब STF लैपटॉप और मोबाइल से मिले डिजिटल सुरागों के आधार पर रमीज के गुनाहों की पूरी लिस्ट तैयार करने में जुट गई है.

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