13 करोड़ का गांजा और 87 लाख कैश... मुंबई में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, पकड़े गए 5 तस्कर

मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम्स अधिकारियों ने ड्रग्स की तस्करी कर रहे पांच लोगों को गिरफ्तार करते हुए 13 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया है. इसके साथ ही आरोपियों के पास से 87 लाख रुपए के अमेरिकी डॉलर भी जब्त किया है. ड्रग्स को शैम्पू, चॉकलेट और चिप्स के पैकेट में छिपाकर ले जाया जा रहा था.

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कोलंबो-बैंकॉक फ्लाइट से आया करोड़ों का गांजा, एयरपोर्ट पर खुली ड्रग्स तस्करी की पोल.  (Photo: Representational) कोलंबो-बैंकॉक फ्लाइट से आया करोड़ों का गांजा, एयरपोर्ट पर खुली ड्रग्स तस्करी की पोल. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • मुंबई ,
  • 05 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:29 PM IST

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम्स अफसरों ने नशे के कारोबार और विदेशी मुद्रा की तस्करी की बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है. 31 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच चले ऑपरेशन में पांच अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 13.07 करोड़ रुपए की हाइड्रोपोनिक वीड और 87 लाख रुपए के अमेरिकी डॉलर जब्त किए गए हैं. इन मामलों में पांच तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है.

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एक अधिकारी के मुताबिक, ये कार्रवाई इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर की गई. जिन पांच यात्रियों को पकड़ा गया, उनमें से चार कोलंबो और बैंकॉक से मुंबई पहुंचे थे, जबकि एक यात्री दुबई के लिए रवाना हो रहा था. कोलंबो और बैंकॉक से आने वाले चार यात्रियों से कुल 13.077 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 13.077 करोड़ रुपए आंकी गई है. 

यह ड्रग्स सामान्य गांजे की तुलना में बेहद असरदार और महंगी मानी जाती है. हैरानी की बात यह है कि यह नशा यात्रियों ने अपने चेक-इन बैग में बेहद चालाकी से छिपा रखा था. कहीं यह ट्रॉली बैग की तहों में दबा मिला, तो कहीं शैम्पू की बोतलों के भीतर सील किया गया था. जांच के दौरान कस्टम्स अधिकारियों ने चॉकलेट और चिप्स के पैकेटों में भी नशे की पुड़ियां बरामद की है. हर पैकेट को बारीकी से सील किया गया था.

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इस वजह से पहली नजर में यह सामान्य खाद्य पदार्थ जैसा दिख रहा था. जांच में पता चला है कि हाइड्रोपोनिक वीड, गांजे का एक प्रीमियम और वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया रूप है. इसे पारंपरिक मिट्टी की बजाय पानी आधारित, पोषक तत्वों से भरपूर घोल में उगाया जाता है. इस तकनीक से इसकी गुणवत्ता और नशे की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है, जिसकी वजह से इसकी मांग अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क में बहुत ज्यादा है.

चारों तस्करों पूछताछ और प्राथमिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि वे किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के लिए काम कर रहे थे. फिलहाल उनसे जुड़े नेटवर्क की पहचान और सप्लाई चैन की जांच की जा रही है. वहीं, पांचवें मामले में दुबई जा रहे एक यात्री से 100 डॉलर के नोटों में करीब 87 लाख रुपए की विदेशी करेंसी बरामद की गई. जब उसके बैग की जांच की गई तो उसमें डॉलर की गड्डियां बारीकी से कपड़ों के बीच छिपाई गई थीं. 

कस्टम्स अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यात्री को कस्टम्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया. सभी मामलों में विस्तृत जांच जारी है. बरामद ड्रग्स और करेंसी के पीछे का पूरा नेटवर्क, इसके स्रोत और डेस्टिनेशन की कड़ी से कड़ी जोड़ी जा रही है. फिलहाल सभी पांच यात्रियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है. कस्टम्स और सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी की वजह से नशे के कारोबारियों के बड़ा झटका लगा है.

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