Omicron को खतरनाक बना रहे हैं इसके सब-वैरिएंट, INSACOG की रिपोर्ट में चौंकाने वाली बातें

कोरोना के नया वैरिएंट ओमिक्रॉन अब खतरनाक होता जा रहा है. INSACOG की रिपोर्ट में बताया गया है कि ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट BA.2 भी फैल रहा है और देश के कई हिस्सों में इसकी मौजूदगी मिली है.

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ओमिक्रॉन का देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है. (फाइल फोटो-PTI) ओमिक्रॉन का देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है. (फाइल फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 10:41 AM IST
  • ओमिक्रॉन का BA.2 सब-वैरिएंट देश में मिला
  • BA.2 का टेस्ट में पता लगाना भी मुश्किल

कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) अब भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन (Community Transmission) के स्तर पर पहुंच गया है. ये जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े INSACOG के बुलेटिन में दी गई है. INSACOG कोरोना की जीनोम सिक्वेंसिंग का विश्लेषण का काम करता है. ये जानकारी INSACOG के 10 जनवरी के बुलेटिन में कही गई है, जिसे रविवार को जारी किया गया है. इस बुलेटिन में चिंता बढ़ाने वाली बातें...

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1. कम्युनिटी ट्रांसमिशन में फैला ओमिक्रॉन

- ओमिक्रॉन का देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है. महानगरों में ये बेहद प्रभावी हो गया है, जहां नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

2. ज्यादातर मामलों में हल्के लक्षण 

- अब तक सामने आए ओमिक्रॉन के ज्यादातर मामलों में या तो मरीज में संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं दिए या फिर हल्के लक्षण नजर आए हैं. 

3. खतरे के स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ है

- बुलेटिन में कहा गया है कि मौजूदा लहर में अस्पताल और आईसीयू में भर्ती होने के मामले तेजी से बढ़े हैं. इसलिए खतरे के स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ है. 

ये भी पढ़ें-- Omicron sub-variant: ओमिक्रॉन का नया स्ट्रेन BA.2 कितना है खतरनाक? भारत में मिले 530 सैंपल्स, लोगों की बढ़ी चिंता

4. ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट भी मिला

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- कई जगहों पर ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 की मौजूदगी भी मिली है. इसलिए एस-जीन ड्रॉपआउट आधारित स्क्रीनिंग के दौरान इस बात की बहुत ज्यादा आशंका है कि संक्रमण का पता न चले.

5. एक और नया B.1.640.2 वैरिएंट आया

- बुलेटिन के मुताबिक, हाल ही में रिपोर्ट किए गए B.1.640.2 लाइनेज की जांच की जा रही है. अभी तक इसके तेजी से फैलने का कोई सबूत नहीं है, लेकिन ये इम्युनिटी को चकमा देने में समक्षम है. अभी तक इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न नहीं माना गया है. भारत में अब तक इसका मामला सामने नहीं आया है.

कितनी चिंता की बात है ये?

- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, ओमिक्रॉन में तीन सब-वैरिएंट हैं- BA.1, BA.2 और BA.3. दुनियाभर में सामने आए ओमिक्रॉन के मामलों में BA.1 सबसे खास है, लेकिन BA.2 तेजी से फैल रहा है. 

- भारत और ब्रिटेन के अलावा कई देशों में BA.2 के मामलों का पता चला है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इसके BA.1 से आगे निकलने का डर है. इससे कोरोना की नई लहर आने का खतरा भी बढ़ सकता है.

- इसके अलावा BA.1 में एक म्यूटेशन है, जिससे ओमिक्रॉन का पता लगाना आसान होता है. जबकि, BA.2 में म्यूटेशन नहीं होता, जिससे ये पकड़ में नहीं आता. BA.2 में स्पाइक में डिलीशन नहीं है. इससे RTPCR टेस्ट में इसका पता नहीं चल पाता.

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