देश में खत्म हो रही चीनी? अचानक कीमत में उछाल... जानिए क्या है कारण

बाजार में चीनी की किल्लत की एक अनावश्यक धारणा बन गई है, संगठन का कहना है कि ऐसी स्थिति नहीं है. उन्होंने चीनी वैल्यू चेन से जुड़े सभी पक्षों, चीनी मिलों, व्यापारिक घरानों, थोक विक्रेताओं, वितरकों और संस्थागत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वो देशभर में चीनी की सहज उपलब्धता बनाए रखने के लिए सकारात्मक कदम उठाएं. 

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चीनी की कीमतों में उछाल से लोग परेशान. (Photo: ITG) चीनी की कीमतों में उछाल से लोग परेशान. (Photo: ITG)

आदित्य के. राणा

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:51 PM IST

पिछले एक महीने में एक्स-फैक्ट्री चीनी की कीमतों में करीब 15 फीसदी का उछाल आया है, जिससे बाजार में किल्लत की आशंका बनने लगी थी. अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (AISTA) ने कहा है कि घरेलू मांग पूरी करने के लिए देश में पर्याप्त चीनी स्टॉक मौजूद है.  

देश में चीनी की कमी को लेकर चल रही अटकलों के बीच अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (AISTA) ने साफ कर दिया है कि ऐसी आशंकाओं का कोई आधार नहीं है. संगठन ने कहा कि पिछले एक महीने से भी कम समय में एक्स-फैक्ट्री चीनी कीमतों में लगभग 15 फीसदी की तेजी जरूर आई है. लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि देश में चीनी की सप्लाई कम पड़ रही है. हाल के हफ्तों में चीनी कीमतों में तेजी के बाद बाजार में सप्लाई को लेकर आशंकाएं बढ़ी थीं. 

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सदस्यों से कहा- घबराएं नहीं!
AISTA ने अपने 700 संबद्ध सदस्यों और संगठनों को भेजे एक संदेश में कहा कि भारतीय चीनी और जैव-ऊर्जा विनिर्माता संघ (ISMA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) 17 जुलाई को संयुक्त रूप से साफ कर चुके हैं कि देश में घरेलू मांग पूरी करने लायक पर्याप्त चीनी स्टॉक मौजूद है. साथ ही चीनी उद्योग कृषि-जलवायु परिस्थितियों के आधार पर 2026-27 के पेराई सत्र की शुरुआत जल्द करने पर भी सहमत हुआ है, जिससे बाजार में नई चीनी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है.

कीमतों में उछाल से बनी किल्लत की धारणा
AISTA के चेयरमैन प्रफुल्ल विठलानी ने कहा है कि हाल में एक्स-फैक्ट्री चीनी कीमतों में जो तेजी आई है, उसी वजह से बाजार में किल्लत की एक अनावश्यक धारणा बन गई है, जबकि संगठन का कहना है कि ऐसी स्थिति नहीं है. उन्होंने चीनी वैल्यू चेन से जुड़े सभी पक्षों, चीनी मिलों, व्यापारिक घरानों, थोक विक्रेताओं, वितरकों और संस्थागत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वो देशभर में चीनी की सहज उपलब्धता बनाए रखने के लिए सकारात्मक कदम उठाएं. 

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विठलानी ने कोविड-19 महामारी के दौर का हवाला भी दिया, जब उद्योग ने सप्लाई को बाधित नहीं होने दिया था और सरकार ने भी इस कोशिश की सराहना की थी. उनका कहना है कि उद्योग को अब भी वैसा ही जिम्मेदाराना रवैया अपनाना चाहिए.

जमाखोरी-अफवाहों से बचने की अपील
संगठन ने अपने सदस्यों से घबराहट में खरीदारी न करने और सट्टेबाजी के मकसद से स्टॉक जमा न करने की अपील की है. साथ ही सभी पक्षों से सरकारी नियमों का पालन करने और किसी भी तरह की गुमराह करने वाली जानकारी या अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा गया है. संबंधित पक्षों को भेजे एक अलग खुले पत्र में भी AISTA ने चीनी की उपलब्धता को लेकर भरोसा जताया है.

संगठन ने कहा है कि उद्योग की तरफ से पर्याप्त चीनी स्टॉक उपलब्ध होने का आश्वासन दिया गया है और पेराई जल्द शुरू होने की भी पूरी संभावना है. संगठन को उम्मीद है कि फसल कटाई के शुरुआती दौर में मौसम अनुकूल रहेगा और ज्यादा बारिश नहीं होगी, जिससे गन्ने की कटाई और पेराई बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगी. AISTA ने चीनी मिलों, व्यापारियों और संस्थागत खरीदारों से एक बार फिर सरकारी नियमों का सख्ती से पालन करने, कामकाज सुचारू रूप से चलाने और उद्योग संघों के आश्वासनों पर भरोसा बनाए रखने की अपील की है.

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