IDBI Bank Stake Sale: इस बड़े बैंक को बेचने के बेहद करीब सरकार, कनाडा की कंपनी ने बढ़ाई बोली

हाल ही में वित्त मंत्रालय के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद यह खबर आई है कि कनाडाई कंपनी 'फेयरफैक्स' ने इस बैंक को खरीदने के लिए अपनी रुचि बहुत मजबूत कर दी है.

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IDBI बैंक में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने वाली है. (Photo: ITG) IDBI बैंक में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने वाली है. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST

भारतीय बैंकिंग इतिहास में एक बड़ी डील होने जा रही है. IDBI बैंक में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है. वैसे पिछले कई वर्षों से सरकार IDBI बैंक का निजीकरण करना चाहती है, लेकिन खबर है कि डील अब अंतिम चरण में है.

दरअसल, भारतीय मूल के अरबपति प्रेम वत्स की कनाडाई निवेश कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग्स (Fairfax Holdings) इस बैंक को खरीदने की दौड़ में सबसे आगे निकल गई है. इस बैंक में सरकार और LIC दोनों ही अपनी हिस्सेदारी का एक बड़ा हिस्सा बेचने जा रहे हैं. हाल ही में वित्त मंत्रालय के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद यह खबर आई है कि कनाडाई कंपनी 'फेयरफैक्स' ने इस बैंक को खरीदने के लिए अपनी रुचि बहुत मजबूत कर दी है.

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कितने रुपये की लगी है बोली?
फेयरफैक्स ने IDBI बैंक के शेयरों को खरीदने के लिए अपनी बोली में बढ़ोतरी की है. रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने अब 81 रुपये प्रति शेयर की पेशकश की है, जबकि पिछले साल उसकी बोली 75 प्रति रुपये शेयर की थी. बोली की कीमत बढ़ने से सरकार इस सौदे को जल्द अंतिम रूप देने पर विचार कर रही है.

कितना बड़ा है यह सौदा?
इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक यह भारतीय वित्तीय क्षेत्र के सबसे बड़े सौदों में से एक हो सकता है. इस सौदे का कुल मूल्य करीब 53,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. फिलहाल में IDBI बैंक में LIC की हिस्सेदारी 49.24% और सरकार की हिस्सेदारी 45.48% है. नियम के मुताबिक सरकार अपनी लगभग 30% से अधिक और LIC अपनी करीब 30.2% हिस्सेदारी बेचेगी, यानी कुल मिलाकर लगभग 60% से अधिक हिस्सेदारी बेची जाएगी. 

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फेयरफैक्स के अलावा UAE की प्रमुख वित्तीय संस्था एमिरेट्स एनबीडी भी इस रेस में शामिल थी. एमिरेट्स एनबीडी पहले ही भारत के निजी क्षेत्र के आरबीएल बैंक में 60% हिस्सेदारी खरीद चुकी है. हालांकि, मौजूदा समय इस डील को लेकर फेयरफैक्स का पलड़ा भारी लग रहा है.

फेयरफैक्स के लिए आगे की चुनौतियां
प्रेम वत्स की कंपनी फेयरफैक्स के पास पहले से ही केरल स्थित CSB Bank में बड़ी हिस्सेदारी है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार कोई भी एक कंपनी दो अलग-अलग बैंकों में प्रमोटर नहीं रह सकती. इसलिए अगर यह सौदा पक्का होता है, तो आरबीआई और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) को यह देखना होगा कि फेयरफैक्स अपने पुराने सीएसबी बैंक का आईडीबीआई बैंक में विलय करती है या फिर सीएसबी बैंक से अपनी हिस्सेदारी वापस लेती है. 

वहीं आईडीबीआई बैंक ने इस संबंध में कहा है कि बैंक खुद इस डील में सीधे शामिल नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह से सरकार की विनिवेश प्रक्रिया का हिस्सा है. वहीं इस खबर के बाद बुधवार को आईडीबीआई बैंक के शेयर मामूली उछाल के साथ करीब 87 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. 

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