NPS वात्सल्य योजना 18 सितंबर, 2024 को लॉन्च हुई थी. इस स्कीम के तहत माता-पिता और कानूनी अभिभावक अपने बच्चों के लिए कम उम्र से ही लॉन्ग टर्म के लिए सेविंग कर सकते हैं.
कौन कर सकता है निवेश: यह योजना 18 साल से कम आयु के सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है, जिनमें अनिवासी और अन्य भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. नाबालिग इस अकाउंट का एकमात्र लाभार्थी होता है, जो नाबालिग के नाम पर खोला जाता है और उकसे माता-पिता या अभिभावक द्वारा संचालित है.
कंट्रीब्यूशन का नियम: न्यूनतम शुरुआती और सालाना योगदान 250 रुपये है, निवेश की अधिकतम राशि पर कोई सीमा नहीं है. रिश्तेदार या दोस्त भी उपहार के रूप में इसमें योगदान दे सकते हैं.
पार्टिशियल विड्रॉल का नियम: अकाउंट खोलने की डेट से 3 साल पूरे होने के बाद विड्रॉल की अनुमति है. कस्टमर्स द्वारा जमा की गई राशि का 25% तक शिक्षा, चिकित्सा उपचार और अधिसूचित विकलांगता जैसे खास उद्देश्यों के लिए निकाला जा सकता है. ये निकासी 18 वर्ष की आयु से पहले अधिकतम दो बार और 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच अधिकतम दो बार निकाली जा सकती है.
मैच्योरिटी पूरा होने पर क्या होगा: कस्टमर्स की आयु 18 साल हो जाने पर नया केवाईसी अनिवार्य हो जाता है. 21 वर्ष की आयु तक, ग्राहक को कई विकल्प दिए जाते हैं. वे एनपीएस वात्सल्य योजना के तहत जारी रह सकते हैं, अखिल नागरिक मॉडल या किसी अन्य लागू मॉडल के तहत एनपीएस टियर I में स्थानांतरित हो सकते हैं या योजना से बाहर निकलने का विकल्प चुन सकते हैं.
अब इस योजना में क्या हुआ बदलाव: योजना से बाहर निकलने की स्थिति में बदलाव किया गया है. अब आप 80% तक एकमुश्त राशि निकाल सकते हैं, जबकि न्यूनतम 20% का उपयोग एन्युटी के लिए होगा. कुल राशि 8 लाख रुपये या उससे कम है, तो पूरी राशि निकालने की अनुमति है. पहले 60 फीसदी तक ही अमाउंट निकालने की अनुमति थी.
रिटायरमेंट पर 11 करोड़ रुपये: अगर कोई एनपीएस वात्सल्य योजना के तहत हर महीने 1000 रुपये का निवेश करता है और उसे सालाना 9 फीसदी का रिटर्न मिलता है तो 60 साल में उसके पास 11.57 करोड़ रुपये होंगे.