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Gold Demand Review: गोल्ड की डिमांड में भारी गिरावट, ज्वेलरी की बिक्री का और भी बुरा हाल!

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 7:14 AM IST
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देश में गोल्ड (Gold) की डिमांड में जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान गिरावट दर्ज की गई है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के मुताबिक महंगे दाम और शादियों के कम मुहुर्त की वजह से 2022 की पहली तिमाही में लोगों का गोल्ड के प्रति आकर्षण कम हुआ है. रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) की वजहों से भी सोने की बिक्री घटी है.

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दरअसल, महंगाई (Inflation) के असर से अब भारतीयों में गोल्ड का आकर्षण भी फीका पड़ रहा है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस साल की पहली तिमाही में देश में सोने की डिमांड में कमी आई है. 

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WGC के मुताबिक जनवरी-मार्च 2022 में देश में सोने की मांग 18 फीसदी घटी है. इसके साथ ही इस दौरान रिसाइकल होने वाला गोल्ड की मांग 88 फीसदी बढ़ गया है. गोल्ड की मांग में कमी की वजह से इसका इम्पोर्ट (Import) 58 फीसदी घटकर 132.2 टन रह गया. 
 

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जनवरी-मार्च तिमाही में महंगी कीमतों और शादियों वगैरह के कम शुभ अवसरों ने सोने की डिमांड घटाई है. इसके साथ ही आगे कीमतों में गिरावट के आसार की वजह से भी लोगों ने गोल्ड की खरीदारी को स्थगित कर दिया. 

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WGC के साथ ही जानकारों का मानना है कि इन सब वजहों ने भारत में सोने की डिमांड को घटाया है. WGC के मुताबिक जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते गोल्ड की कीमतों में जनवरी से तेजी आनी शुरू हो गई थी. इसके असर से जनवरी-मार्च तिमाही में सोना 8 फीसदी महंगा होकर 45 हजार 434 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. 

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पिछले साल की पहली तिमाही में गोल्ड 42 हजार 45 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था. डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल की पहली तिमाही यानी जनवरी-मार्च में भारत में सोने की मांग 18 फीसदी गिरकर 135.5 टन रही, जबकि जनवरी-मार्च 2021 में गोल्ड की डिमांड 165.8 टन रही थी. 

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कीमत के हिसाब से देखें तो गोल्ड की डिमांड जनवरी-मार्च तिमाही में 12 फीसदी फिसलकर 61 हजार 550 करोड़ रुपये रही. रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी-मार्च तिमाही में ज्वेलरी की मांग में भी गिरावट दर्ज की गई है और ये 2022 की पहली तिमाही में 26 फीसदी गिरकर 94.2 टन रही. 

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WGC के मुताबिक अगर कोरोना काल को छोड़ दिया जाए तो 2010 के बाद ये तीसरी तिमाही थी, जब गोल्ड ज्वेलरी की मांग 100 टन से भी कम रही. वैल्यू टर्म में गोल्ड ज्वेलरी की डिमांड 20 फीसदी गिरकर 42 हजार 800 करोड़ रुपये रही. जबकि जनवरी-मार्च 2021 में 53 हजार 200 करोड़ रुपये की ज्वेलरी बिकी थी. 

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