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लखनऊ में होने जा रही 8वें वेतन आयोग की बैठक, सैलरी-पेंशन को लेकर ये है मांग

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्‍ली,
  • 23 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:49 PM IST
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आठवें वेतन आयोग की टीम अब लखनऊ पहुंच रही है, ताकि वह उत्तर प्रदेश के कर्मचारी संघों से बात कर सके और उनकी समस्‍याओं को समझ सके. यह बैठक आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार करने के लिहाज से काफी महत्‍वपूर्ण मानी जा रही है. 
 

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लखनऊ में आयोग की बैठक 22 और 23 जून को दो दिनों के लिए होने वाली है. इस अहम दौरे का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में स्थित केंद्रीय सरकारी संगठनों, संस्थानों और कर्मचारी यूनियनों की वेतन-भत्तों से जुड़ी मांगों के बारे में विस्‍तार से जानना है.

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आयोग से मुलाकात करने और अपनी बात रखने के लिए 10 जून या उससे पहले सरकार के NIC पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आयोग ने साफ किया है कि इस खास विंडो के तहत केवल उत्तर प्रदेश की संस्‍थाएं ही आवेदन कर सकती हैं. 

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इस बैठक की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के लीडरशिप में किया जाएगा. यह आयोग इस समय देशव्‍यापी दौरों के जरिए अपने प्रॉसेस को तेज कर रहा है. 

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नई दिल्‍ली में रक्षा मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय के साथ हाई लेवल बैठक का पहला दौर पूरा करने के बाद आयोग जून की शुरआत में जम्‍मू-कश्‍मीर के श्रीनगर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का दौरा करेगा. इसके तुरंत बाद 22 जून को लखनऊ में बैठक होगी. 

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लखनऊ दौरे के ऐलान के बीच, आयोग ने हाल ही में देश की सभी केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों और पेंशनर्स एसोसिएशन के लिए अपनी आधिकारिक सिफारिशें और सैलरी स्ट्रक्चर के सुझाव जमा करने की अंतिम तारीख 31 मई 2026 तय की गई है. 

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नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) जैसे संगठन ने कुछ मांगें रखी हैं. इसमें कम से कम मीनिमम सैलरी 50,000 रुपये की मांग की गई है. वहीं फिटमेंट फैक्‍टर को 3.83 तक करने की बात कही है. साथ ही पुरानी पेंशन बहाल की मांग भी की जा रही है. 

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