त्‍योहारी तोहफा देने की तैयारी में RBI, क्‍या फिर कम होगी आपकी EMI

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक में एक बार फिर रेपो रेट कटौती का फैसला हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो केंद्रीय बैंक के नए नियमों के तहत आपकी होम या ऑटो लोन सस्‍ती हो जाएगी.

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शक्‍तिकांत दास भी दे चुके हैं संकेत शक्‍तिकांत दास भी दे चुके हैं संकेत

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली,
  • 04 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 7:51 AM IST

  • लगातार पांचवीं बार हो सकती है रेपो रेट में कटौती
  • वर्तमान में रेपो रेट 5.40 फीसदी पर है

त्‍योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है. इस सीजन में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से बड़ा तोहफा दिया जा सकता है. दरअसल, आरबीआई के मॉनिटरिंग पॉलिसी कमिटी (एमपीसी) बैठक के नतीजे शुक्रवार यानी आज (4 अक्‍टूबर ) आने वाले हैं. ऐसी उम्मीद है कि गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली यह कमिटी सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए रेपो रेट में एक और कटौती कर सकती है.

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कितनी हो सकती है कटौती?

जानकारों के मुताबिक, इस बार 25 से 35 बेसिस प्‍वाइंट की कटौती की जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो लगातार पांचवीं बार होगा जब रेपो रेट के मोर्चे पर राहत मिलेगी.  यहां बता दें कि इस बार रेपो रेट कटौती का ग्राहकों को तुरंत फायदा मिलने की उम्‍मीद है. दरअसल, आरबीआई ने सभी बैंकों को होम लोन, पर्सनल लोन और एमएसएमई सेक्टर को सभी नए फ्लोटिंग रेट वाले लोन को रेपो दर सहित बाहरी मानकों से जोड़ने का निर्देश दिया है. इससे रेपो रेट में कटौती का लाभ कर्ज लेने वाले उपभोक्ताओं तक जल्दी पहुंच सकेगा.

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्‍तिकांत दास पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि महंगाई दर में कमी को देखते हुए रेपो रेट में नरमी की गुंजाइश बनी हुई है. बीते दिनों शक्‍तिकांत दास ने कहा कि कंपनी टैक्‍स में कटौती के साथ विभिन्न वस्तुओं पर जीएसटी रेट में कटौती को देखते हुए सरकार के लिए राजकोषीय गुंजाइश सीमित है. ऐसे में उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए रेपो रेट पर राहत दे.

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विशेषज्ञों की भी राय है कि कॉरपोरेट टैक्‍स में कटौती को देखते हुए सरकार के हाथ तंग हैं ओर ऐसे में आरबीआई अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के इरादे से रेपो रेट में कटौती कर सकता है. बता दें कि आरबीआई ने इस साल रेपो रेट में 4 बार में कुल मिलाकर 1.10 फीसदी की कटौती की है. केंद्रीय बैंक ने आखिरी बार अगस्त की मॉनिटरिंग पॉलिसी बैठक में रेपो रेट पर 0.35 फीसदी की कैंची चलाई थी. इस बैठक के बाद रेपो रेट 5.40 फीसदी रह गया था.

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