के लिए नवंबर महीना कई मायनों में खास है. 10 नवंबर को गुवाहाटी में होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में परिषद कई अहम सुझावों पर अपना फैसला लेगी. इसमें पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर भी विचार किया जा सकता है. ऑयल मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान समेत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई लोग पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने की मांग कर रहे हैं.
गुवाहाटी में होगी बैठक
10 नवंबर को गुवाहाटी में की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 23वीं बैठक होनी है. इस बैठक में कंपोजिशन स्कीम की सीमा बढ़ाकर 1 करोड़ से 1.50 करोड़ टर्नओवर करने पर फैसला लिया जा सकता है. इसके अलावा एसी रेस्टोरेंट पर लगने वाले 18 फीसदी जीएसटी को घटाकर 12 फीसदी किया जा सकता है.
सभी राज्य हैं तैयार
इस मीटिंग में के तहत लाने पर भी विचार किया जा सकता है. लगभग सभी राज्य ईंधन को जीएसटी के तहत लाने के लिए राजी हो चुके हैं. महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुनगटीवार ने बताया है कि सभी राज्यों ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की अनुमति दे दी है. उनके मुताबिक अब इन उत्पादों को इसके तहत लाने के लिए हमें सही वक्त का इंतजार करना होगा.
महाराष्ट्र सीएम भी दे चुके हैं सुझाव
कुछ दिन पहले ने भी आजतक के मुंबई मंथन कार्यक्रम में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने का सुझाव दिया था. ऐसे में जीएसटी परिषद भी पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई अहम फैसला इस बैठक में ले सकती है.
28 फीसदी जीएसटी लगने पर ये होगी कीमत
अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है, तो इस पर ज्यादा से ज्यादा 28 फीसदी टैक्स लगाया जा सकता है. क्योंकि जीएसटी में यही सबसे ज्यादा टैक्स स्लैब है. 28 फीसदी टैक्स वसूले जाने पर एक लीटर पेट्रोल आपको दिल्ली में करीब 43 रुपये में पड़ेगा. जोकि पेट्रोल की मौजूदा कीमतों से लगभग आधा है.
खत्म हो जाएगा एक्साइज और वैट
अगर पेट्रोल जीएसटी के तहत आ जाता है, तो एक्साइज ड्यूटी और राज्यों की तरफ से लगने वाला वैट खत्म हो जाएगा. नई टैक्स नीति के तहत डीलर कमीशन जुड़ने के बाद एक लीटर पेट्रोल की कीमत 33.66 रुपए हो जाती है. इसमें 28 फीसदी जीएसटी जोड़ने पर आपको 9.42 रुपये और देने होंगे. इस तरह 1 लीटर पेट्रोल दिल्ली में आपको 43.08 रुपये में मिलेगा.
41 रुपये का मिलेगा एक लीटर डीजल
डीजल की बात करें, तो डीलर कमीशन जुड़ने के बाद यह 32.15 रुपये हो जाता है. इसमें 28 फीसदी जीएसटी जोड़ा जाए, तो 9.02 रुपये और जुड़ेगा. इस तरह 1 लीटर डीजल आपको महज 41.17 रुपये में मिलेगा.
कच्चे तेल की कीमतों का कम होगा दबाव
अगर पेट्रोल और डीजल जीएसटी के तहत आ जाएंगे, तो उनकी कीमत मौजूदा कीमतों से सीधे आधी हो जाएंगी. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में बदलाव होने पर भी आम आदमी की जेब पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा.
विकास जोशी