#BudgetAajTak के मंच पर 'नोटबंदी' की गूंज, 5 राज्यों में चुनाव पर भी गहमागहमी

बजट को लेकर लोगों की उम्मीदों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार बजट में सभी का ध्यान रखने वाली है, बजट में हर वर्ग को कुछ-कुछ मिलेगा.

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'बजट आजतक' के मंच पर पहुंची तमाम बड़ी हस्तियां 'बजट आजतक' के मंच पर पहुंची तमाम बड़ी हस्तियां

लव रघुवंशी / पुण्य प्रसून वाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 30 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 9:23 AM IST

फरवरी की पहली तारीख को वित्त मंत्री अरुण जेटली आम बजट पेश करेंगे. इस आम बजट से पहले 'आजतक' पर खास मंच सजा. जनता की जेब से जुड़े सवालों पर मंत्रियों, अर्थशास्त्रियों और विपक्षी नेताओं के बेबाक बयान 'बजट आजतक' के मंच पर गूंजे. सोमवार को पूरे दिन विशेषज्ञों ने आम जनता से जुड़े सभी मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. इस बार 'जनता को कैश पसंद है' बजट आजतक की थीम रही.

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नोटबंदी बड़ा कदम, कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद: पीयूष
बजट को लेकर लोगों की उम्मीदों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार बजट में सभी का ध्यान रखने वाली है, बजट में हर वर्ग को कुछ-कुछ मिलेगा. उन्होंने कहा कि नोटबंदी एक बड़ा कदम था, और इसका फायदा देश को मिलेगा.

पीयूष गोयल की मानें तो नोटबंदी कोई चुनावी मुद्दा नहीं है, लेकिन सरकार के लिए ये एक उपलब्धि है. मंत्री की मानें तो जनता मोदी सरकार के साथ है और पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में बीजेपी को शानदार जीत मिलेगी. उन्होंने बताया कि सरकार के सभी मंत्रालय बेहतरीन काम कर रहा है. हर क्षेत्र में विकास हो रहा है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'हमें विरासत में जो मिला उसे दुरुस्त करने में वक्त लगा, अब देश पीछे मुड़कर नहीं देखेगा'. उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के सवालों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि पूर्व मंत्री ने गलत तरीके से तथ्यों को रखा.

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बटुआ कैसे बनेगा बैंक... रविशंकर प्रसाद ने बताए
बजट आजतक के शो में पहुंचे केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नोटबंदी से आतंकवादी घटनाओं समेत कई अपराधों पर लगाम लगा है. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी जैसे कदम उठाने की जो हिम्मत दिखाई उससे देश के लोग फक्र महसूस कर रहे हैं. जबकि कांग्रेस के कुछ नेता परेशान हैं.

उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेताओं को देश को बताना चाहिए कि वो नोटबंदी के साथ हैं या उसके खिलाफ. रविशंकर प्रसाद की मानें तो 60 सालों में कांग्रेस ने कभी आर्थिक सुधार की दिशा में एक कदम उठाने की हिम्मत नहीं दिखाई, अब जब मोदी सरकार देशहित में कदम उठा रही है तो फिर उन्हें परेशानी हो रही है. उन्होंने बताया कि बजट में सरकार वो कदम उठाने के लिए तैयार है जो देशहित होगा, कुछ कठिन कदम भी उठाए जा सकते हैं लेकिन उसके भविष्य में परिणाम बेहतर होंगे.

नोटबंदी से मोदी सरकार ने रोकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार
पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी कर दी है. भारत की इकॉनामी विश्व में सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकॉनामी थी लेकिन डिमोनेटाइजेशन के चलते इसकी रफ्तार कम हुई. चिदंबरम के मुताबिक मोदी सरकार यूपीए सरकार की योजनाएं ही आगे बढ़ा रही है. इसके लिए उन्होंने उदाहरण दिया 'JAM'. जे- जनधन खाता, ए- आधार कार्ड और एम- मोबाइल.

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पूर्व वित्त मंत्री के मुताबिक जनधन खाते यूपीए कार्यकाल में ही खुलने शुरू हो गए थे. मोदी सरकार में करीब 20 करोड़ खाते खोले गए. आधार कार्ड भी यूपीए सरकार की उपलब्धि थी. पहले उन्होंने इसकी बुराई की थी अब उसे ही अपनाकर चल रहे हैं. मोबाइल बैंकिंग 2014 से पहले भी एक्टिव मोड में था. लोगों के पास ई-वॉलेट थे और ई-पेमेंट के माध्यम से काफी लेनदेन हो रहा था.

चिदंबरम के मुताबिक 2008 में जब विश्व में भयानक मंदी का दौर था यूपीए ने 7.5% की ग्रोथ रेट बनाए रखी. लेकिन मोदी सरकार ने इसे 6.5% पर पहुंचा दिया. अगर इसे गौर से देखें तो यह 5% के आसपास ही मिलेगी.

नौकरी के आधार पर दोनों सरकारों की तुलना करें तो मोदी सरकार ने यूपीए सरकार द्वारा दी गई नौकरियों की एक तिहाई नौकरी ही जेनरेट की हैं. उनके आंकड़े झूठे हैं.

राम मंदिर के मुद्दे पर भिड़े बीजेपी-कांग्रेस के नेता
सेशन का नाम तो 'नोट बदला, क्या बदलेगा इंडिया था?' लेकिन चर्चा के दौरान बीजेपी नेता संबित पात्रा, कांग्रेस नेता सचिन पायलट और जेडीयू नेता पवन कुमार वर्मा राममंदिर के मुद्दे पर भिड़ गए. संबित पात्रा ने राहुल गांधी के पंजाब में दिए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि राम के नाम पर सवाल क्यों उठाया जा रहा है, राम रग-रग में हैं. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके नेताओं के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि राम कौन से इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़े थे, जो पुल बना दिया था. इस तरह का सवाल उठाना गलत है.

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कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि बीजेपी को हमेशा चुनाव के वक्त ही राम याद आते हैं. बीजेपी नेता को याद दिलाते हुए कांग्रेस नेता ने पूछा, 'कसम राम की खाते हैं, मंदिर वहीं बनाएंगे' नारे का क्या हुआ. उन्होंने कहा कि राम के नाम पर समाज को तोड़ने की साजिश नहीं करनी चाहिए.

वहीं जेडीयू नेता पवन कुमार वर्मा ने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए बीजेपी को राम याद आते हैं. ये आस्था की नहीं बल्कि रणनीति की बात होती है. सामाजिक विभाजन के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम का इस्तेमाल कर उनकी तौहीन की जाती है.

संबित पात्रा ने इस पर जवाब दिया कि 2014 में बीजेपी विकास के मुद्दे पर सत्ता में आई है. घोषणा पत्र में और भी मुद्दों का जिक्र है, सिर्फ एक लाइन राम की होने से बाकी दलों को तकलीफ क्यों हो रही है.

दिग्गजों की राय, डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए देश तैयार, सुविधाओं का अभाव ....

बजट आजतक के 'मेरा मोबाइल, मेरा बैंक' सेशन में आॉक्सीजन वॉलेट के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील कुलकर्णी ने बताया कि डिजिटल ट्रांजेक्शन से लोगों को फायदा होगा. डिजिटल ट्रांजेक्शन से जीएसटी लागू होने के बाद कई तरह की टैक्स को लेकर समस्याएं दूर हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि बजट में डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास होना जरूरी है.

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साइट्रस पे के फाउंडर जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि नोटबंदी के बाद से डिजिटल पेमेंट अपनाने वालों लोगों की तादाद भारी संख्या में बढ़ी है. और आगे तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.

Paytm के सीएफओ मधुर देवरा ने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन को लोग तेजी से अपना रहे हैं. इसे और सरल बनाने की जरूरत है, देश की जनता भी बदलाव में भागीदार होने के लिए तैयार है. बस उन्हें सुविधाएं चाहिए. इसे सफल बनाने के लिए गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाना होगा. इसके लिए सरकार को टेलिकॉम सेक्टर को और बेहतर बनाना होगा.

बीएसएन के सीएमडी अनुपम श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन को घर-घर तक पहुंचाने लिए जुटी है. इसके लिए इंटरनेट सेवा को बेहतर करने की जरूरत है.

नोटबंदी से देश को केवल नुकसान: येचुरी
'नोटबंदी का नफा नुकसान' सेशन में सीपीआई (M) के जेनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी ने सीधे नोटंबदी पर सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि नोटबंदी से केवल देश को परेशानी हुई और इससे जनता को कुछ नहीं मिलने वाला है.  नोटबंदी से लोग अभी तक नहीं उबर पाए हैं.

उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े कारोबारी के साथ-साथ छोटे व्यापारी भी नोटबंदी के बाद बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. इससे बेरोजगारी बढ़ी है.  येचुरी ने नोटबंदी की तुलना इंदिरा गांधी के कार्यकाल में हुए नसबंदी से की. उन्होंने कहा कि जो परिणाम इंदिरा सरकार को चुनाव में भुगतनी पड़ी थी, उसी तरह मोदी सरकार को भी भुगतनी पड़ेगी. 

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निवेश को बढ़ाने पर मोदी सरकार का फोकस: जयंत सिन्हा
बजट आज तक के 'किराया कम सुविधा ज्यादा' सेशन में केंद्रीय उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि हर बजट के सामने कई चुनौतियां होती हैं. नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देना इस बार बड़ी चुनौती है और सरकार इस पर काम कर रही है. बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा जाएगा. बजट में संतुलन सबसे जरूरी है.

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी हुई, जिससे देश की अर्थव्यवस्था सुधरेगी. नोटबंदी के बाद कालेधन वालों की जांच जारी है. उन्होंने बताया कि जीएसटी को लागू करने के लिए लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर भी बजट में खास कुछ होगा. जयंत सिन्हा की मानें तो सरकार का पूरा फोकस निवेश को बढ़ाने में है.

'अबकी बार दरियादिल सरकार' सेशन में ये रहा खास
'अबकी बार दरियादिल सरकार' सेशन में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व निदेशक विपिन मलिक, बंधन बैंक के अध्यक्ष और पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ि, SKA के सलाहकार और संस्थापक सुनील अलघ और पीडब्ल्यूसी में कार्यकारी निदेशक कुलदीप कुमार शामिल हुए. विपिन मलिक ने कहा कि सरकार पर बजट में नौकरी पैदा करने का दबाव होगा. नोटबंदी से डिमांड गिरी है. डिमांड के लिए निचले तबके के पास पैसा पहुंचाना जरूरी है.

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सुनील अलघ ने कहा कि नोटबंदी से 2-3 साल तक भ्रष्टाचार नहीं आएगा. पैसा निकालने पर लिमिट जरूरी है. किसी भी राज्य से भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं आई है. अशोक लाहिड़ि ने कहा कि कोई भी व्यक्ति टैक्स नहीं देना चाहता है. ये काफी पेचीदा है. टैक्स रेट कम करने की जरूरत है. टैक्स रेट कम करने से रेवन्यू बढ़ेगा. वहीं टैक्स चोरी करने वालों को जेल में डालना चाहिए. टैक्स चोरी की सजा से टैक्स का दायरा बढ़ेगा.

कुलदीप कुमार ने कहा कि भारत में मेरे लोग, मेरा देश जैसा सोचना होगा. इतने रिफॉर्म किए उससे टैक्स बेस नहीं बढ़ा. इसकी जांच के लिए खर्च करना होगा. नोटबंदी से हुए फायदे का सबको इंतजार रहेगा.

'बजट आजतक' के मंच पर अनुप्रिया पटेल
अनुप्रिया पटेल ने नोटबंदी को दूसरी आजादी करार दिया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नोटबंदी मुद्दा है लेकिन ये कोई चुनावी मुद्दा नहीं है. मोदी सरकार की ये एक बड़ी पहल थी, इससे सामाजिक-आर्थिक समानता आएगी. पीएम ने कहा था कि अमीर-गरीब के फासले को कम करने के लिए नोटबंदी का दूरगामी फैसला लिया गया है. इस परिवर्तन के परिणाम दिखेंगे और इससे भ्रष्टाचार मिटेगा, लेकिन थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है.

पटेल ने कहा कि मैं अपनी सरकार के फैसले के साथ हूं. भ्रष्टाचार की व्यवस्था को चुनौती दी है और इसे बदलने में वक्त लगेगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी के अलावा तमाम काम किए हैं. इसे लेकर राष्ट्र से बात करेंगे.

'सरकार ने लिए बड़े फैसले'
बजट आजतक में स्पाइस जेट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्ट अजय सिंह, हीरो मोटर क्रॉप के ज्वॉइंट मैनेजर डायरेक्टर सुनील मुंजाल और डीसीएम के चेयरमैन अजय श्रीराम ने हिस्सा लिया. अजय सिंह ने कहा कि नोटबंदी से टैक्स का दायरा बढ़ेगा. टैक्स की दर कम होना चाहिए. कॉरपोरेट टैक्स को 25 फीसदी किया जाए. वहीं सुनील मुंजाल ने कहा कि सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं, जिसका असर भविष्य में दिखाई देगा. नोटबंदी के असर पर उन्होंने कहा कि 9 से 10 महीने तक इसका असर दिखाई देगा.

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