EPFO 3.0: इतना भी आसान नहीं पैसा निकालना, हर पांच में से 1 क्लेम होता है रिजेक्ट

ईपीएफओ 3.0 से पीएफ निकासी तेज हो सकती है, लेकिन 174 लाख खारिज क्लेम बताते हैं कि केवाईसी गड़बड़ी रही तो तेज पेमेंट सिस्टम भी भुगतान नहीं दिलाएगा.

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ईपीएफओ 3.0 के बाद भी ज़रूरी हैं ये काम ईपीएफओ 3.0 के बाद भी ज़रूरी हैं ये काम

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:41 PM IST

EPFO 3.0 से PF निकासी तेज होने की उम्मीद है, लेकिन इससे हर अटका क्लेम अपने आप पास नहीं होगा. 2024-25 में करीब 796 लाख क्लेम दाखिल हुए और इनमें लगभग 174 लाख खारिज हो गए. पिछले 5 साल में औसत रिजेक्शन रेट करीब 26% रहा है.

नई UPI निकासी सुविधा अभी लाइव नहीं है और EPFO ने इसकी लॉन्च डेट का कोई ऐलान नहीं किया है. UPI या एटीएम ट्रांजैक्शन के लिए कोई अलग निकासी सीमा भी तय नहीं की गई है. अभी सदस्य वही रकम निकाल पाएंगे, जिसके लिए वे मौजूदा EPF नियमों और योजना के तहत पहले से पात्र हैं.

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नए नियम से क्या बदलेगा?

EPFO 3.0 असल में एक तकनीकी अपग्रेड है, जो अलग-अलग रीजनल डेटाबेस को एक मंच पर लाएगा. इसका मकसद क्लेम, ट्रांसफर और पेंशन भुगतान को बैंकिंग-स्टाइल सिस्टम की तरह तेज और ज्यादा आसान बनाना है. सुधार के तहत ऑटो-सेटलमेंट सीमा को ₹5 लाख तक बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे पात्र क्लेम बिना मैनुअल दखल निपटें.

क्या होती है रिजेक्शन की बड़ी वजह?

दिक्कत ज्यादातर तकनीक नहीं, बल्कि रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गड़बड़ी से पैदा होती है. Aadhaar, PAN और EPFO रिकॉर्ड में नाम अलग होना, जन्मतिथि न मिलना, या बैंक वेरिफाई न होना आम वजहें हैं. कई UAN होना या पुराने नियोक्ता का एग्जिट डेट अपडेट न करना भी क्लेम रोक देता है.

1% और 1 में 5 का फर्क

कुछ रिपोर्ट्स में रिजेक्शन रेट 1% से नीचे बताया गया है. यह 1 में 5 वाले बड़े आंकड़े से नहीं टकराता, क्योंकि कम रेट सीमित श्रेणी दिखाता है. यह रेट 2021-22 के लगभग 29% से 2024-25 में करीब 22% आया, और बड़े आंकड़े में KYC वजहें शामिल हैं.

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अगर आप EPF सदस्य हैं, तो आपकी सबसे जरूरी तैयारी अभी रिकॉर्ड साफ करना है. यह देख लें कि सिर्फ एक सक्रिय UAN हो, Aadhaar, PAN और EPFO में निजी जानकारी एक जैसी हो. बैंक खाता और IFSC सही लिंक हों, रजिस्टर्ड मोबाइल OTP के लिए चालू हो. यह भी जांच लें कि पुराने नियोक्ता ने एग्जिट डेट अपडेट की है. गलत या अधूरी जानकारी रहने पर UPI जैसी तेज सुविधा भी आपका क्लेम नहीं बचाएगी. यानी तैयारी आज करनी होगी, भुगतान सिस्टम आने का इंतजार बाद की बात है.

नई निकासी प्रक्रिया में Aadhaar आधारित OTP ऑथेंटिकेशन के बाद पात्र रकम NPCI नेटवर्क से भेजे जाने की उम्मीद है. लेकिन तेज भुगतान रेल मौजूदा निकासी शर्तों को ढीला नहीं करेगी और ज्यादा रकम निकालने की छूट भी नहीं देगी. अब नजर रोलआउट पर होगी, क्योंकि लॉन्च डेट बाकी है और तब तक KYC दुरुस्त रखना अहम कदम रहेगा.

(इनपुट: बिजनेस टुडे)

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