गुरुग्राम के सेक्टर 37C स्थित 'इम्पीरिया एस्फोरा' फेस 2 सोसायटी में एक फ्लैट की बालकनी का हिस्सा अचानक नीचे गिर गया. घटना के बाद से ही सोसायटी के लोगों में काफी दहशत और गुस्से का माहौल है. तस्वीरों और वीडियो में बालकनी का बाहरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिख रहा है और उसका मलबा नीचे जमीन पर बिखरा पड़ा है.
राहत की बात ये रही कि इस घटना के वक्त नीचे कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. इस घटना ने बहुमंजिला इमारतों की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग अब प्रशासन से मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह गुरुग्राम के सेक्टर-37C में स्थित एक लग्जरी सोसायटी की एक फ्लैट की बालकनी का एक हिस्सा ढह गया. यह हादसा Imperia Esfera Phase-2 कॉम्प्लेक्स के टावर-ई में हुआ. निवासियों ने बताया कि जब पहली मंजिल की बालकनी का एक हिस्सा नीचे गिरा, तो एक जोरदार आवाज सुनाई दी.
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एक निवासी ने कहा कि जिस समय बालकनी गिरी, उसके आस-पास से लोग गुजर रहे थे, लेकिन गनीमत रही कि मलबे की चपेट में कोई नहीं आया. सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. अधिकारियों ने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है, इसके साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटना स्थल का निरीक्षण भी किया गया है.
इस घटना ने निवासियों में गुस्सा है लोगों का आरोप है कि यह हादसा बिल्डर की लगातार लापरवाही का नतीजा है, लोगों ने बताया कि पिछले महीने ही उन्होंने सोसायटी परिसर के भीतर बुनियादी सुविधाओं की जर्जर हालत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि वे किसी स्वतंत्र और प्रतिष्ठित थर्ड-पार्टी एजेंसी से पूरे प्रोजेक्ट का 'स्ट्रक्चरल ऑडिट' कराने का आदेश दें, उन्होंने कहा कि जब तक पूरे प्रोजेक्ट की संरचनात्मक मजबूती की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी भी टावर को पूरी तरह से सुरक्षित नहीं माना जा सकता.
सोसायटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष हेमंत कुमार ने कहा, "यह बेहद चिंताजनक घटना है, हालांकि फ्लैट खाली था, लेकिन गिरते मलबे से दूसरे निवासी घायल हो सकते थे. बालकनी का स्लैब गिरने से एक पिलर भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे पूरे टावर की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. हम पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे और डीटीपी (DTP) विभाग से इसकी जांच कराने की मांग करेंगे."
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नीरज वशिष्ठ