डेढ़ साल में कर दिया कमाल... REC चेयरमैन बोले- जल्‍द गांवों में भी मिलेगी 24 घंटे बिजली

REC लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी विवेक कुमार देवांगन ने कहा कि 2014 में कुछ गांव इलेक्ट्रिक नहीं थे. हालांकि इसके बाद सरकार ने कई सुधार किए, जिस कारण सरकार और कंपनियों के बीच गैप कम हुआ है. पावर डिमांड काफी तेजी से बढ़ी.

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REC Ltd के चेयरमैन विवेक कुमार देवांगन REC Ltd के चेयरमैन विवेक कुमार देवांगन

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली ,
  • 14 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

REC लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी विवेक कुमार देवांगन ने 'एजेंडा आजतक' में कहा कि 1.5 साल पहले कंपनी ज्‍वाइन की थी. इसके बाद से कंपनी की वित्तीय हालत में बड़ा सुधार आया. कंपनी ने बड़ा मुनाफा कमाया. इतना ही नहीं शेयर मार्केट में भी इसने तेज उछाल दर्ज किया है. आरएसी के चेयमैन ने कहा कि इसके शेयर 100 से 440 रुपये पर पहुंच गए. इसने पिछले 1.5 साल के दौरान निवेशकों को चार गुना रकम दी है. 

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देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर बिजली योजना को आगे बढ़ाते हुए आरएसी लिमिटेड ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तेजी से बिजली सप्‍लाई क्‍रने का काम किया है. ग्रामीण क्षेत्र में कंपनी ने उल्‍लेखनीय काम किया है. उन्‍होंने कहा कि कंपनी ने 2 करोड़ से ज्‍यादा घरों तक इलेक्ट्रिकल सुविधा पहुंचाई है. आगे घर-घर इलेक्ट्रिक सप्‍लाई करने का लक्ष्‍य रखा है.

सतत विकास की ओर बढ़ रहा देश 
विकसित भारत के रूप में हम 2047 के विजन को लेकर देखते हैं, लेकिन कैपिटा कंजप्शन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी वर्ल्ड लेवल पर एक चौथाई है, जो 3,000 से ज्यादा है. जब विकसित देश बनेंदे  तो ये वर्ल्ड एवरेज से ज्यादा होगा. भारत की खासियत है सस्टेनेबल डेपलपमेंट में जोर दे रहे हैं. अगले 25 वर्षों में पर कैपिटा बढ़ेगा, लेकिन कार्बन का उत्‍सर्जन कम होगा, जिस कारण सतत विकास होगा. 

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जल्‍द गांवों में 24 घंटे बिजली 
उन्‍होंने कहा कि 2014 में कुछ गांव इलेक्ट्रिक नहीं थे. हालांकि इसके बाद सरकार ने कई सुधार किए, जिस कारण सरकार और कंपनियों के बीच गैप कम हुआ है. पावर डिमांड काफी तेजी से बढ़ी. अभी भी 8.8 फीसदी की रफ्तार से पावर डिमांड से बढ़ रही है, इसके चलते जेनेरेशन 418 गीगाबाट कैपिसिटी को इस्तेमाल कर पा रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में पॉपुलेशन ज्‍यादा होता है, जिस कारण 24 घंटे तक बिजली देने का प्रयास किया गया है, लेकिन हम 23 घंटे तक बिजली दे पा रहे हैं. वहीं ग्रामीण क्षेत्र में हम 22 घंटे बिजली दे रहे हैं, लेकिन जल्‍द ही गांवों में भी 24 घंटे बिजली दी जाएगी. 

सरकारी कार्यालयों का कामकाज हुआ तेज 
एजेंडा आजतक में बोलते हुए देवांगन ने कहा कि डिस्‍ट्रीब्‍यूशन क्षेत्र में कुछ कंपनियों को प्राइवेटाइज किया गया है, जिस कारण बिजली 24 घंटे बिजली मिली है. महाराष्ट्र, दिल्ली जैसे राज्यों में बिजली सप्लाई 24 घंटे तक हुई है. प्राइवेट सेक्‍टर से उपभोक्‍ताओं को अच्‍छी बिजली मिल रही है. सरकारी कामों में सुधार हुआ है. किसी भी काम के लिए आसानी से सुविधा मिली है. जनता के प्रति जवाबदेही भी बढ़ी है.

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