टाटा ग्रुप में एक बड़ी जिम्मेदारी रखने वाली और हजारों करोड़ का बिजनेस देखने वाली नोएल टाटा की बेटी माया टाटा की एक बार फिर चर्चा होने लगी है. माया टाटा टाटा ग्रुप में टाटा डिजिटल का कारोबार देखती हैं, जिसमें टाटा संस ने 24000 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
टाटा डिजिटल के स्वामित्व में बिगबास्केट, टाटा न्यू, क्रोमा और टाटा 1MG जैसी संपत्तियां हैं. अब माया टाटा कथित तौर पर टाटा डिजिटल से बाहर निकलने के विकल्पों पर विचार कर रही हैं, लेकिन वहीं उन्हें एक और बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है.
माया टाटा को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, माया टाटा टाटा ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों, जिनमें ट्रेंट और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं, में अलग-अलग पदों पर विचार कर रही हैं. 37 साल की माया संभवतः सूचीबद्ध रिटेलर ट्रेंट को प्राथमिकता देंगी.
अगर माया टाटा ट्रेंट से जुड़ती हैं, तो वह अपने भाई नेविल के साथ काम करेंगी, जो स्टार बाज़ार स्टोर्स संभालते हैं. उनकी बहन लीह ताज चेन चलाती हैं. माया के विपरीत, जिन्होंने टाटा कैपिटल से शुरुआत की और फिर टाटा डिजिटल में चली गईं, नेविल और लीह दोनों ने अपने-अपने व्यवसाय में बने रहने के बाद से एक ही व्यवसाय में बने रहे हैं. नोएल टाटा के तीनों बच्चे टाटा ट्रस्ट्स के तहत आने वाली छोटी संस्थाओं के बोर्ड में शामिल हैं, जो टाटा संस की प्रमुख होल्डर है. नेविल सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के बोर्ड में भी हैं.
कई मुद्दे अनसुलझे
माया टाटा का यह कदम नोएल टाटा द्वारा कंपनी की गहन जांच के बीच आया है, जिन्होंने कारोबार में हो रहे घाटे पर चिंता जताई है और टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन की तीसरी बार नियुक्ति को रोक दिया है. खबरों के अनुसार, नोएल टाटा ने टाटा संस बोर्ड को सूचित किया है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं.
द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नोएल टाटा ने ग्रुप के पांच साल रणनीतिक रोडमैप, टाटा संस को पब्लिक किए बिना शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप को बाहर निकलने का विकल्प देने की रूपरेखा और लंबे समय से विवादित लिस्टिंग मुद्दे पर चंद्रशेखरन के औपचारिक रुख के बारे में अधिक स्पष्टता मांगी है.
कौन हैं माया टाटा?
माया टाटा, Tata Trust के नए चेयरमैन बने नोएल टाटा और आलू मिस्त्री की बेटी हैं और दिवंगत रतन टाटा की भतीजी हैं. 37 साल की Maya Tata ने विदेश से अपनी पढ़ाई पूरी की है और इसके बाद टाटा ग्रुप में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं. Maya Tata की पढ़ाई लिखाई जाने-माने ब्रिटिश बिजनेस स्कूल, बेयस बिजनेस स्कूल (Bayes Business School) से हुई है, तो वहीं वारविक यूनिवर्सिटी (University of Warwick) से भी उन्होंने डिग्री हासिल की है.
आजतक बिजनेस डेस्क