भांग पर रिसर्च के लिए इस कंपनी को भारत सरकार से मिला 50 लाख का अनुदान, जानें वजह 

बायोटेक्नोजी इग्निशन ग्रांट (BIG) के तहत स्टार्टअप और उद्यमियों को रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए 50 लाख रुपये दिए जाते हैं. यह 18 महीने के लिए दिया जाता है और ऐसे प्रोजेक्ट को दिया जाता है जिनकी कोई कॉमर्शियल संभावना होती है. 

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भांग पर रिसर्च के लिए ग्रांट (फाइल फोटो: Getty Images) भांग पर रिसर्च के लिए ग्रांट (फाइल फोटो: Getty Images)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 09 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 1:30 PM IST
  • भांग पर रिसर्च करेगी HempStreet
  • भारत सरकार ने दिया अनुदान

फार्मा कंपनी HempStreet को भांग पर रिसर्च के लिए भारत सरकार से करीब 50 लाख रुपये का अनुदान मिला है. इससे कंपनी भांग के आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल के बारे में रिसर्च एवं विकास कार्य करेगी. भांग पर रिसर्च के लिए भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस कौंसिल (BIRAC) से बायोटेक्नोजी इग्निशन ग्रांट (BIG) हासिल करने वाली यह कंपनी है. 

BIG के तहत स्टार्टअप और उद्यमियों को रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए 50 लाख रुपये दिए जाते हैं. यह 18 महीने के लिए दिया जाता है और ऐसे प्रोजेक्ट को दिया जाता है जिनकी कोई कॉमर्शियल संभावना होती है. 

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प्रमुख कंपनियों को अनुदान मिला 

इसके पहले BIG से भारत बायोटेक जैसे प्रमुख कंपनियों को अनुदान मिल चुका है, जो कोविड ​वैक्सीन के रिसर्च और विकास कार्य में लगे थे. HempStreet के को-फाउंडर एवं सीईओ अभिषेक मोहन ने कहा, 'यह अवॉर्ड और ग्रांट हमारे इन प्रयासों को वैधता देती है जिसके तहत हम विश्व स्तरीय संस्था बनाने और भारतीय मेडिकल कैनबिस इंडस्ट्री को उसके सही मुकाम तक ले जाना चाहते हैं. हम ग्लोबल मेडिकल कैनबिस इंडस्ट्री में योगदान के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम दुनिया के लिए मेक इन इंडिया ब्रैंड होना चाहते हैं.'  

रोगों के उपचार में भांग का इस्तेमाल 

Hempstreet का दावा है कि वह देश के प्रमुख वैज्ञानिकों के साथ मिलकर ऐसे रोगों के उपचार में भांग के इस्तेमाल के बारे में ​रिसर्च कर रहा है जिनका असर करीब 30 करोड़ भारतीयों पर होता है. 

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HempStreet का दावा है कि देशभर में करीब 60,000 डॉक्टर्स की सेवा वाले 220 से ज्यादा आयुर्वेदिक क्लीनिक का नेटवर्क है और उसने करीब 3.5 करोड़ मरीजों को सेवाएं दी है. 

(www.businesstoday.in के इनपुट पर आधारित)  

 

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