Crisil Report: प्याज को लेकर बड़ी खबर, जानिए कितना और बढ़ सकता है भाव

Crisil Report On Onion Price Hike : घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की मानें तो अक्टूबर में लगातार बढ़ीं प्याज की कीमतों ने खाने की थाली की कीमतों में जारी गिरावट पर ब्रेक लगा दिया है, क्योंकि इसका दाम दूसरी छमाही में जोरदार तरीके से उछला है.

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प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार भी उठा रही है कदम प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार भी उठा रही है कदम

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 7:34 AM IST

भारत में बीते दिनों टमाटर की कीमतों (Tomato Price) में आई जबरदस्त तेजी ने लोगों की रसोई का बजट गड़बड़ा दिया था. वहीं नवरात्रि पर्व के बाद से टमाटर पर तो राहत मिली, लेकिन प्याज की कीमतें (Onion Price) रॉकेट की रफ्तार से भागने लगी हैं. अक्टूबर के अंत में तो देश के कई शहरों में प्याज का भाव 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था. वहीं अब भी हालात एक जैसे ही बने हुए हैं और इस बीच घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (Crisil) ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा है कि फेस्टिव सीजन में प्याज की कीमतें और आंसू निकालेंगी.  

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प्याज की कीमत बढ़ा सकती है थाली के दाम
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने सोमवार को कहा कि प्याज की कीमतें 80 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक होने के कारण नवंबर के त्योहारी मौसम में महंगाई का तड़का लगने वाला है. रिपोर्ट में आगे कहा गया कि प्याज की कीमतों में उछाल के चलते सामान्य भोजन की थाली की लागत में इजाफा हो सकता है और इससे लोगों की जेब का खर्च बढ़ने की आशंका है. अक्टूबर में टमाटर की कीमतें कम होने के बावजूद प्याज का दाम बढ़ने से भोजन की थाली की कीमत नीचे नहीं आ पाई थी. 

टमाटर-आलू सस्ते होने से घटी थी कीमत
एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर में प्याज की ऊंची कीमतों ने थाली की कीमतों में गिरावट को रोक दिया, क्योंकि राजनीतिक रूप से संवेदनशील वस्तु की कीमतें महीने की दूसरी छमाही में जोरदार तरीके से उछलीं. इसमें बताया गया कि बीते कुछ समय में टमाटर और आलू की कीमतों में आई कमी के चलते शाकाहारी थाली की कीमत घटकर 27.5 रुपये पर आ गई थी, जो कि साल भर पहले की तुलना में 5 फीसदी कम और पिछले सितंबर महीने की तुलना में 1 फीसदी तक कम थी. एक ओर जहां आलू के दाम में 21 फीसदी, तो वहीं टमाटर की कीमतों में 38 फीसदी की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. वहीं नॉन-वेज थाली का दाम भी गिरा था. 

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व्यापारियों को क्या है आशंका?
प्याज की कीमतों में जारी उछाल के कारण व्यापारियों ने आशंका जताई थी कि ये 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती हैं. हालांकि, केंद्र सरकार ने प्याज पर राहत देने की तैयारी शुरू करते हुए वही प्लान अपनाया है, जो टमाटर की कीमतों में आए उछाल के दौरान अपनाया गया था. जी हां, दूसरे राज्यों से प्याज खरीदकर उसे सस्ती कीमत पर ग्राहकों को उपलब्ध कराना और Delhi-NCR समेत कई शहरों में सस्ती प्याज की बिक्री शुरू भी कर दी गई है.

इसके अलावा आनन-फानन में सरकार ने एक और बड़ा फैसला किया. डीजीएफटी (DGFT) ने प्याज का निर्यात मूल्य 800 डॉलर प्रति टन घोषित करने का फैसला किया है. इस फैसले से देश में उत्पादित किया जाने वाला प्याज बाहर कम ही बिक पाएगा, क्योंकि प्रति किलोग्राम इसकी कीमत 68 रुपये के आस-पास होगी. यानी ये प्याज देश के बाजारों में ज्यादा पहुंचेगा. प्याज पर नया निर्यात मूल्य 31 दिसंबर 2023 तक प्रभावी रहेगा.

सरकार बेच रही 25 रुपये किलो प्याज
फेस्टिव सीजन में लोगों को प्याज पर महंगाई की मार से बचाने के लिए सरकार ने रिटेल मार्केट में 25 रुपये किलोग्राम की दर से प्याज की बिक्री शुरू कर दी है. बफर स्टॉक के प्याज को भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (NCCF) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (NAFED) के माध्यम से इस सस्ती दर पर बेचा जा रहा है. दिल्ली समेत कई शहरों में सस्ते प्याज की बिक्री शुरू कर दी गई है. 

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