जियो मार्ट के खिलाफ सेल्समैन लामबंद, Mom & Pop स्टोर्स की सप्लाई रोकने की धमकी

जियो मार्ट (Jio Mart) के जरिये रिलायंस (Reliance) कंपनी घर-घर तक पहुंच रही है. रिलायंस जियो मार्ट का नेटवर्क धीरे-धीरे और मजबूत हो रहा है. लेकिन इस बीच जियो मार्ट के खिलाफ विरोध के भी स्वर उठ रहे हैं.

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जियो मार्ट का विरोध जियो मार्ट का विरोध

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 9:22 PM IST
  • घरेलू सामानों की आपूर्ति रोकने की धमकी
  • जियो मार्ट से सेल्समैन के अस्तित्व पर खतरा पैदा

जियो मार्ट (Jio Mart) के जरिये रिलायंस (Reliance) कंपनी घर-घर तक पहुंच रही है. रिलायंस जियो मार्ट का नेटवर्क धीरे-धीरे और मजबूत हो रहा है. लेकिन इस बीच जियो मार्ट के खिलाफ विरोध के भी स्वर उठ रहे हैं. घरेलू सामानों के सेल्समैन का आरोप है कि जियो मार्ट के आने से उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ा है. 

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस जियो मार्ट डायरेक्ट उपभोक्ता कंपनियों से सामान खरीदती हैं. उपभोक्ता कंपनियां बेहद कम कीमत पर रिलायंस को प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराती हैं. अब कहा जा रहा है कि इस गठजोड़ की वजह से घरेलू सामानों के  डिस्ट्रिब्यूटर्स पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. इस कारण भारत के घरेलू सामानों के सेल्समैन ने मॉम-एंड-पॉप स्टोर्स को आपूर्ति बाधित करने की धमकी दी है.

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जियो मार्ट के खिलाफ डिस्ट्रीब्यूटर्स

रॉयटर्स ने पिछले महीने एक रिपोर्ट की थी, उसके अनुसार Reckitt Benckiser, यूनिलीवर और कोलगेट-पामोलिव जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय सेल्समैन का कहना है कि उनकी बिक्री पिछले वर्ष 20 से 25 फीसदी गिर गई थी. उन्होंने बताया कि ये इसलिए हो रहा है, क्योंकि मॉम-एंड-पॉप स्टोर यानी 'किराना' स्टोर रिलायंस के साथ तेजी से साझेदारी कर रहे हैं. 

दरअसल, जियो मार्ट जरिये प्रोडक्ट्स पर खास छूट मिलती है, साथ ही कंपनी अब छोटे स्टोर्स को JioMart पार्टनर ऐप से ऑर्डर करने के लिए प्रेरित कर रही हैं, जिससे 450,000 से अधिक कंपनी सेल्समैन के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है, जिन्होंने दशकों तक इतने बड़े देश के कोने-कोने में जाकर स्टोर-टू-स्टोर ऑर्डर लेने का काम किया है.


कंजूमर कंपनियों को खत

वहीं रॉयटर्स की रिपॉर्ट का हवाला देते हुए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ने खत लिखकर कंजूमर कंपनियों से मांग की है कि उन्हें भी रिलायंस जैसे अन्य बड़े कॉर्पोरेट वितरकों की तरह ही कम कीमतों पर प्रोडक्ट्स मिलना चाहिए. ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के देश में 4 लाख सदस्य हैं. 

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फेडरेशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि कीमतों को लेकर जो अंतर हैं, अगर उसे एक समान नहीं किया गया तो फिर उनके सेल्समैन मॉम-एंड-पॉप स्टोर्स को उत्पादों का वितरण बंद कर देंगे. साथ ही नए लॉन्च हुए प्रोडक्ट्स की भी आपूर्ति नहीं करेंगे. उन्होंने प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को 1 जनवरी तक का वक्त दिया है.

छोटे दुकानदारों को सप्लाई रोकने की धमकी  

फेडरेशन के अध्यक्ष धैर्यशील पाटिल ने कहा कि उन्होंने Reckitt Benckiser, हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोलगेट और 20 अन्य उपभोक्ता कंपनियों को खत भेजा है. उन्होंने बताया कि तीन उपभोक्ता कंपनियों में से किसी ने भी रिलायंस के साथ इस समझौते पर जवाब नहीं दिया है.

आपको बता दें कि भारत में मॉम-एंड-पॉप स्टोर, यानी 'किराना' का खुदरा बाजार में 80% का हिस्सा है, जो करीब (900 बिलियन डॉलर) 90 हजार करोड़ डॉलर डॉलर बैठता है. फिलहाल देश के 150 शहरों में लगभग 3,00,000 रिलायंस पार्टनर स्टोर हैं. यही नहीं, साल 2024 तक रिलायंस 10 मिलियन पार्टनर स्टोर करने का लक्ष्य रखा है. बता दें, मॉम-एंड-पॉप स्टोर एक छोटा खुदरा स्टोर होता है, जिसका स्वामित्व और संचालन एक ही परिवार के सदस्य करते हैं. किराना स्टोर को मॉम-एंड-पॉप स्टोर कहा जाता है. 

 

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