कोरोना की दूसरी लहर का हाहाकार, इक्रा ने घटाई 2021-22 के लिए देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार!

बीते साल के लॉकडाउन के बाद जैसे-तैसे अर्थव्यवस्था में सुधार होना शुरू हुआ था. कई रेटिंग एजेंसियों ने 2021 की पहली तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 2021-22 में सुधरने का अनुमान जताया. लेकिन मौजूदा समय में देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से हाहाकार मचा हुआ है. इस बीच घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा ने चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटा दिया है. जानें क्या कहना है इक्रा का.

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इक्रा ने घटाया आर्थिक वृद्धि का अनुमान इक्रा ने घटाया आर्थिक वृद्धि का अनुमान

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 8:17 PM IST
  • ‘11% नहीं रहेगी देश की आर्थिक वृद्धि दर’
  • ‘महाराष्ट्र, दिल्ली के लॉकडाउन से थमी रफ्तार’

बीते साल के लॉकडाउन के बाद जैसे-तैसे अर्थव्यवस्था में सुधार होना शुरू हुआ था. कई रेटिंग एजेंसियों ने 2021 की पहली तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 2021-22 में सुधरने का अनुमान जताया. लेकिन मौजूदा समय में देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से हाहाकार मचा हुआ है. इस बीच घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा ने चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटा दिया है. जानें क्या कहना है इक्रा का

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11% नहीं रहेगी देश की आर्थिक वृद्धि दर
इक्रा ने चालू वित्त वर्ष में पहले देश की आर्थिक वृद्धि दर 10 से 11% के बीच रहने का अनुमान जताया था. लेकिन कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति, स्थानीय स्तरों पर लगते लॉकडाउन और प्रतिबंधों के आधार पर उसने अपने इस अनुमान में 0.5% की कमी की है. इक्रा का अनुमान है कि 2021-22 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 10 से 10.5% के बीच रह सकती है.

महाराष्ट्र, दिल्ली के लॉकडाउन से थमी रफ्तार
पीटीआई की खबर के मुताबिक इक्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि महाराष्ट्र में लॉकडाउन जैसे हालात हैं, इसके अलावा देश की राजधानी दिल्ली से लेकर कई स्तरों पर स्थानीय लॉकडाउन या प्रतिबंध हैं. इससे आर्थिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचा है.

पहले था जीडीपी में 27.5% विस्तार का अनुमान
इक्रा ने कहा कि पहले उसे अप्रैल-जून 2021 में देश के सकल घरेलू उत्पाद में 27.5% की वृद्धि का अनुमान था. लेकिन कोरोना वायरस संक्रमितों के अचानक से बढ़ते मामलों के चलते इस तिमाही में यह वृद्धि 20 से 25% ही रह सकती है. इतना ही नहीं कोरोना के बढ़ते प्रकोप से ग्राहकों की धारणा भी कमजोर हुई है इससे भी देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कम हो सकती है.

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नोमुरा ने भी जतायी आर्थिक संकुचन की संभावना
इस बीच जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने कहा कि 11 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में भारत का बिजनेस रीसंप्शन इंडेक्स 90.4 अंक पर रहा है. जबकि इससे पिछले हफ्ते में ये 93.7 अंक पर था. यह दिखाता है कि देश की अर्थव्यवस्था कोरोना काल से पहले की स्थिति से 9.6% नीचे चल रही है. हालांकि उसने देश की जीडीपी वृद्धि दर को 12.6% पर बरकरार रखा है.

www.businesstoday.in से इनपुट पर आधारित

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