इस राज्य में महंगी हो गई शुगर से लेकर बीपी तक की दवाएं, 30% तक बढ़े दाम

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार टूट रहा है. इससे दवाओं के कच्चे माल की लागत बढ़ी है. इस वजह से कंपनियों ने कई दवाओं के दाम बढ़ाए हैं.

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बढ़ रही दवाओं की कीमत बढ़ रही दवाओं की कीमत

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2022,
  • अपडेटेड 3:47 PM IST
  • मेडिकल स्टोर पहुंच रही बढ़े दामों वाली दवाई
  • डॉलर के मुकाबले रुपये के टूटने का हुआ असर

डॉलर के मुकाबले रुपये के लगातार कमजोर होने का असर अब कई दवाइयों की कीमत पर भी पड़ने लगा है. इससे देश के एक पहाड़ी राज्य में दवाइयों की कीमत 30% तक बढ़ गई है और इसमें शुगर से लेकर बीपी (रक्तचाप) तक की दवाइयां शामिल हैं.

मेडिकल स्टोर में पहुंच रही बढ़े दामों वाली दवाई
उत्तराखंड में दवाइयों की कीमत में 30% तक बढ़ गई है. मिंट की खबर के मुताबिक यहां मेडिकल स्टोर पर दवाइयों की जो नई पैकेजिंग पहुंच रही है उन पर बढ़ी हुई कीमतें दर्ज हैं. ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के हेड प्रमोद कलानी का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में दवाओं के कच्चे माल की कीमतों में बेहताशा बढ़ोतरी हुइ है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है और कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इसलिए दवाओं की कीमत बढ़ानी पड़ी है.

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बीपी से शुगर तक की दवाएं महंगी
बुखार वगैरह में काम आने वाली सबसे कॉमन दवा पैरासिटामोल के कच्चे माल का भाव पहले 5,000 रुपये किलोग्राम था, ये अब 9,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है. इसलिए कंपनियों ने इसके दाम में बढ़ोतरी की है. दवाओं की कीमत में ये बढ़ोतरी पिछले महीने के मुकाबले 10 से 30% तक बढ़ी है. शुगर के इलाज में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन Ryzodeg पहले 1024 रुपये का था, अब ये 1126 रुपये का हो गया है. इसी तरह शुगर की दवा Glycomet पहले 155 रुपये की थी, अब ये 170 रुपये हो गई है. इसी तरह लीवर की दवा Udiliv पहले 580 रुपये थी जो अब 694 रुपये की हो गई है.

डॉलर के मुकाबले टूट रहा रुपया
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार टूट रहा है. लगभग एक महीना पहले इसका भाव 77.60 रुपये प्रति डॉलर था. अभी ये 79.01 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है. बीते एक साल में रुपया डॉलर के मुकाबले 74.37 रुपये के स्तर से 79 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है.

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