बिहार में पटना के फैजल खान उर्फ खान सर से जुड़े चर्चित कोचिंग विवाद में जेल में बंद रौशन आनंद अदालत से जमानत मिलने के बाद अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सहरसा पहुंचे हैं.
यहां उन्होंने बाहर आते ही सीधे - सीधे फैजल खान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा मेरे भाई की हत्या हुई है, यह बड़ी साजिश है. फैजल खान और कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद ने मेरे भाई की हत्या करवाई है. उनका नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मेरे भाई मार दिया गया है. आज मेरे समर्थकों को मेरा भाई बनना पड़ेगा और इंसाफ के लिए लड़ना होगा.
खान सर ने प्रिंस की मौत पर जताया दुख
हालांकि, इससे पहले खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रिंस यादव की मौत पर गहरा शोक जताया था. उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद और संवेदनशील बताते हुए कहा था कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए. खान सर ने रौशन आनंद और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वह उनके साथ हैं और हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी त्रासदी किसी के साथ नहीं होनी चाहिए, चाहे वह उनका सबसे बड़ा विरोधी ही क्यों न हो.
खान सर ने अपने बयान में घटना से जुड़े कुछ सवाल भी उठाए. उन्होंने जांच एजेंसियों से आग्रह किया कि घटना के समय प्रिंस यादव के साथ मौजूद लोगों तथा उनके संपर्कों की गंभीरता से पड़ताल की जाए, ताकि यदि किसी साजिश या अन्य कोण की संभावना हो तो उसका भी खुलासा हो सके.
फिलहाल प्रिंस यादव की मौत का रहस्य पूरी तरह नहीं खुल पाया है. परिजन, समर्थक और कई सामाजिक संगठन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. वहीं, पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है.
क्या है कोचिंग विवाद?
गौरतलब है कि इस पूरे विवाद की शुरुआत प्रिंस यादव की मौत से पहले 2 जून की रात हुई थी, जब खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में मारपीट और हमले की घटना सामने आई थी. KGS के संचालक फैजल खान ने आरोप लगाया था कि ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद ने हमले और फायरिंग की साजिश रची थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर रौशन आनंद समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की. बाद में रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. इसी दौरान नेपाल में रौशन आनंद के भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे मामले को और अधिक चर्चाओं के केंद्र में ला दिया.
शशि भूषण कुमार