SUV से ट्रैक्टर तक... गांवों में जमकर बिकीं गाड़ियां! मई में EV ने बनाया नया रिकॉर्ड

Vehicle sales May 2026: बीते मई में जहां देश फ्यूल प्राइस हाइक और पश्चिमी एशिया में तनाव को झेल रहा था, वहीं कार बाजार गुलजार नज़र आया. FADA की रिपोर्ट बताती है कि, इस दौरान ग्रामीण इलाकों में भी जमकर वाहनों की बिक्री हुई है. इसके अलावा CNG और EV की डिमांड भी बढ़ी है. आइये जानें क्या कहते हैं आंकड़े-

Advertisement
पेट्रोल प्राइस हाइक के बाद मई में CNG वाहनों का मार्केट शेयर 23% से ज्यादा हो गया है. Photo: ITG पेट्रोल प्राइस हाइक के बाद मई में CNG वाहनों का मार्केट शेयर 23% से ज्यादा हो गया है. Photo: ITG

अश्विन सत्यदेव

  • नई दिल्ली,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:04 PM IST

जब भी भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार की बात होती है तो, नजर अक्सर शहरों चमचमाते कार शोरूमों की तरफ जाती है. लेकिन मई 2026 के आंकड़े बताते हैं कि इस समय बाजार की असली ताकत गांवों में है. ग्रामीण इलाकों में बढ़ती मांग ने वाहन बिक्री को ऐसी रफ्तार दी कि महंगे होते फ्यूल और पश्चिमी एशिया में जारी तनाव जैसी चुनौतियों के बावजूद वाहन बाजार को गुलजार किया है. नतीजा यह रहा कि देश में वाहन बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया और कई सेगमेंट अपने अब तक के सबसे बेहतर मई प्रदर्शन तक पहुंच गए.

Advertisement

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मई महीने में भारत में कुल 25.31 लाख वाहनों की बिक्री हुई. यह पिछले साल के मुकाबले 9.55 प्रतिशत अधिक है. खास बात यह है कि महंगा फ्यूल, सप्लाई चेन और कच्चे माल के बढ़ते दामों जैसी चुनौतियों के बावजूद पैसेंजर व्हीकल, थ्री-व्हीलर, ट्रैक्टर और कमर्शियल वाहनों की बिक्री के मामले में अब तक का सबसे बेहतरीन मई महीना साबित हुआ.

हालांकि अप्रैल के मुकाबले बिक्री में 6.75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन FADA का कहना है कि यह हर साल अप्रैल के बाद आने वाली सामान्य बात है. मई 2026 में पैसेंजर वाहन सेगमेंट सबसे शानदार प्रदर्शन किया है. करने वाला सेक्टर रहा. इस दौरान 4,02,591 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में 23.25 प्रतिशत अधिक है. यह इस सेगमेंट के लिए अब तक का सबसे अच्छा मई महीना भी रहा.

Advertisement
मई में देश भर में पैसेंजर वाहनों की बिक्री 23.25% बढ़ी है. Photo: ITG

गांवों में बढ़ी डिमांड

ग्रामीण क्षेत्रों में मांग शहरों की तुलना में ज्यादा मजबूत रही. गांवों में बिक्री 30.35 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरी बाजारों में 18.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. डीलर्स के अनुसार नए मॉडल लॉन्च होने, जबरदस्त बुकिंग और एसयूवी की लगातार बढ़ती लोकप्रियता ने बिक्री को बढ़ावा दिया है. दिलचस्प बात यह भी रही कि छोटी कारों की मांग में भी सुधार के संकेत मिले हैं. जो सेगमेंट पिछले कुछ सालों से लगातार सिमट रहा था, उसमें भी उम्मीद दिख रही है. इससे लगता है कि बजट को ध्यान में रखने वाले ग्राहक एक बार फिर एंट्री लेवल कार सेगमेंट की ओर लौट रहे हैं.

मई महीने में सीएनजी वाहनों की मांग में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली. कुल पैसेंजर वाहन बिक्री में CNG वाहनों की हिस्सेदारी 23.34 प्रतिशत रही, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की हिस्सेदारी 6.63 प्रतिशत तक पहुंच गई. इस तरह CNG और EV मिलाकर कुल पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन का 38 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बन गए. यह दिखाता है कि ग्राहक अब ट्रेडिशनल पेट्रोल और डीजल वाहनों के अलावा दूसरे विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.

दोपहिया ने भी पकड़ी रफ्तार

FADA की रिपोर्ट बताती है कि, मई 2026 में दोपहिया वाहनों की बिक्री 18.44 लाख यूनिट्स रही, जो पिछले साल के मुकाबले 7.54 प्रतिशत अधिक है. शहरों में बिक्री 11.75 प्रतिशत बढ़ी, जबकि ग्रामीण बाजारों में 4.74 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. डीलर्स का कहना है कि डेली लाइफ में यूज होने वाली कम्यूटर बाइक्स और स्कूटर्स की मांग ने बिक्री को मजबूती दी है. हाल ही में पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफ ने लोगों को ज्यादा माइलेज देने वाले वाहनों की तरफ मोड़ा है. यही वजह से दोपहिया सेगमेंट में EV की हिस्सेदारी बढ़कर 9.25 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 6.11 प्रतिशत थी.

Advertisement
PV सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों का मार्केट शेयर 6.63% हो गया है. Photo: ITG

इलेक्ट्रिक वाहनों ने बनाया नया रिकॉर्ड

बीते महीने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. FADA के मुताबिक पहली बार देश में कुल वाहन बिक्री में EV की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत के पार पहुंच गई. यह सभी व्हीकल कैटेगबरी में EV रिटेल बिक्री के लिए अब तक का सबसे मजबूत महीना रहा. फेडरेशन का मानना है कि हाल के दिनों फ्यूल प्राइस हाइक का सीधा असर EV की डिमांड पर देखने को मिला है. इसके अलावा देश में कई राजनेताओं ने भी लोगों को EV अपनाने के लिए प्रेरित किया है.

कमर्शियल वाहनों की बिक्री 5.29 प्रतिशत बढ़कर 83,823 यूनिट्स तक पहुंच गई. इस सेगमेंट में भी ग्रामीण बाजारों का प्रदर्शन शहरी क्षेत्रों से बेहतर रहा. लाइट कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री में 7.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसे माल ढुलाई, ई-कॉमर्स की बढ़ती मांग और पुराने वाहनों के रिप्लेसमेंट सपोर्ट मिला है. ट्रैक्टर बिक्री में 11.17 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है. वहीं थ्री-व्हीलर बिक्री 3.56 प्रतिशत बढ़ी. 

बढ़ता स्टॉक चिंता का कारण

जहां बिक्री के आंकड़ों ने सेक्टर को एनर्जी दी है, वहीं डीलर्स के पास बढ़ता वाहन स्टॉक चिंता का कारण बना हुआ है. मई के अंत तक पैसेंजर वाहनों का इन्वेंट्री लेवल 31 से 33 दिनों तक पहुंच गया, जबकि अप्रैल में यह 28 से 30 दिनों के बीच था. FADA के अनुसार आइडियल स्टॉक लेवल 21 दिनों का होना चाहिए. बढ़ते स्टॉक के कारण आने वाले समय में डिस्काउंट की भी उम्मीद की जा सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »