India-UK FTA: 3 करोड़ तक सस्ती होंगी कारें, 110% से 30% होगी ड्यूटी! जानें भारत-यूके डील की पूरी डिटेल

India-UK FTA Deal: भारत और ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने के बाद यूके में बनी और पूरी तरह तैयार यानी कम्पलीट बिल्टू यूनिट (CBU) लग्जरी कारों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी 110 फीसदी से घटकर 30 फीसदी हो जाएगी.

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India-UK FTA एग्रीमेंट आगामी 15 जुलाई से लागू होगा. Photo: ITG India-UK FTA एग्रीमेंट आगामी 15 जुलाई से लागू होगा. Photo: ITG

अश्विन सत्यदेव

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

India-UK FTA Deal Impact On Car Price: भारत में लग्जरी कार खरीदने का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. 15 जुलाई से लागू हो रहे भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के बाद कई मशहूर ब्रिटिश लग्जरी कारों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ कारें 20 से 25 फीसदी तक सस्ती हो सकती हैं. यानी ग्राहकों को एक कार पर 1 करोड़ रुपये से लेकर 3 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है. फिलहाल कंपनियां नई कीमतों का ऐलान करने की तैयारी में हैं. लेकिन इससे पहले सरकार ने एक विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है.

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क्या है नियम?

हाल ही में डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नया नोटिफिकेशन जारी कर यह बताया है कि, इंपोर्टर इस कोटा बेस्ड कम कस्टम ड्यूटी का लाभ लेने के लिए कैसे आवेदन कर सकेंगे. यह पूरा प्रोसेस यूके से आने वाली पैसेंजर कारों और गुड्स व्हीकल्स पर लागू होगा. DGFT की अधिसूचना के अनुसार, जो इंपोर्टर भारत-यूके व्यापार समझौते के तहत तय किए गए टैरिफ रेट कोटा (TRQ) का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें पहले सरकारी मंजूरी लेनी होगी. इसके बाद ही वे तय कोटे के भीतर कम कस्टम ड्यूटी पर यूके में बनी गाड़ियों को इंपोर्ट कर सकेंगे. यह नया नियम 15 जुलाई से लागू होने वाले भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के तहत शुरू किया जा रहा है.

नियमों के मुताबिक केवल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM), उनके अधिकृत डीलर या अधिकृत चैनल पार्टनर ही इस कोटा के लिए आवेदन कर सकेंगे. आवेदन के साथ यूके बेस्ड वाहन निर्माता की ओर से जारी प्री-परचेज एग्रीमेंट दिखाना होगा. इसके अलावा, वाहन के इंपोर्ट के समय यूके के अथॉरिटी द्वारा जारी सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन भी पेश करना अनिवार्य होगा.

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सस्ती होंगी ये कारें

भारत और ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-UK FTA) के लागू होने के बाद यूके में बनी और पूरी तरह तैयार यानी कम्पलीट बिल्टू यूनिट (CBU) लग्जरी कारों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी 110 फीसदी से घटकर 30 फीसदी हो जाएगी. हालांकि यह फायदा पहले साल केवल 20,000 इंपोर्टेड कारों के तय कोटे पर ही मिलेगा. 

इस नए नियम का सबसे बड़ा फायदा रोल्स-रॉयस, एस्टन मार्टिन, मैकलैरेन और टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली लैंड रोवर जैसे ब्रिटिश ब्रांड्स को मिलेगा. इन कंपनियों की पूरी तरह इंपोर्टेड कारों की कीमतों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि कीमतें कम होने के बाद भारत में हाई-एंड लग्जरी कारों का मार्केट और तेजी से बढ़ेगा साथ इन कारों की बिक्री अगले कुछ समय में दोगुनी तक हो सकती है.

ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि, नई कस्टम ड्यूटी लागू होने के बाद कारों की एक्स-शोरूम कीमतों में 20 से 25 फीसदी तक की कमी आ सकती है. इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा. कार के मॉडल और कीमत के हिसाब से एक खरीदार 1 करोड़ रुपये से लेकर 3 करोड़ रुपये तक की बचत कर सकता है. क्योंकि इंपोर्टेड लग्ज़री कारों की कीमत काफी ज्यादा है. 

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भारत में Rolls-Royce और Aston Martin की बिक्री बहुत सिमित है. लेकि इस एग्रीमेंट से पूरी तरह आयातित कारों की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. हालांकि कंपनियों ने अभी तक नई कीमतों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है. लेकिन कंपनियों का कहना है कि, लग्जरी कारों की एंक्वॉयरी बढ़ रही है और आने वाले समय में इस सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है.

सस्ती हुई रेंज रोवर एसयूवी

यूके की जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने हाल ही में इंपोर्टेड रेंज रोवर स्पोर्ट एसवी और रेंज रोवर एसवी मॉडल्स की कीमतें पहले ही घटा दी हैं. कंपनी का मानना है कि भारत में उसकी कुल बिक्री में इंपोर्टेड कारों की हिस्सेदारी, जो अभी करीब 3 से 4 फीसदी है, जल्द बढ़कर 7 से 10 फीसदी तक पहुंच सकती है. यानी इंपोर्टेड लैंड रोवर कारों की बिक्री दोगुनी हो सकती है. 

हालांकि, अभी भी ज्यादातर कंपनियों ने अपने कारों की नई कीमतों का ऐलान नहीं किया है. ऐसे में कई संभावित लग्ज़री और इंपोर्टेड कार खरीदारों को 15 जुलाई का इंतजार है. ताकि इस एग्रीमेंट के लागू होने के बाद नई कीमतों का आधिकारिक ऐलान हो और लोग कम कीमत में खरीदारी कर सकें. इसमें कोई दो राय नहीं है कि, इस एग्रीमेंट के बाद लग्जरी कार बाजार में तेज उछाल देखने को मिल सकता है.

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FTA एग्रीमेंट के तहत बढ़ते साल के साथ टैरिफ घटता जाएगा. Photo: ITG

 

उपर दिए गए टेबल हर साल सभी इंजन क्षमता और कैटेगरी वाली गाड़ियों को शामिल किया गया है. 

डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार इंपोर्टेड वाहनों के टैरिफ में होने वाली कटौती और कोटा उनके इंजन क्षमता और फ्यूल टाइप पर निर्भर करती है. पहले 3.0 लीटर से बड़े पेट्रोल और 2.5 लीटर इंजन से बड़े डीजल कारों पर 30% टैरिफ लगेगा और इनका कोटा 10,000 यूनिट तय किया गया है. 

वहीं 1.5 लीटर से 3.0 लीटर से छोटे इंजन वाले पेट्रोल और 2.5 लीटर से छोटे इंजन वाले डीजल कारों पर पहले साल 50% टैरिफ लगेगा और इनका कोटा 5,000 यूनिट का तय किया गया है. इसी तरह 1.5 लीटर तक की कारों पर भी 50% टैरिफ लगेगा और इनका कोटा भी पहले साल 5,000 यूनिट ही है. यानी पहले साल टोटल 20,000 कारों की कीमत में छूट का लाभ मिलेगा. इसी तरह आगे आने वाले साल में भी टैरिफ और कोटा बदलता रहेगा.

ध्यान दें, यहां 1.5 लीटर का मतलब (1500 सीसी), 2.5 लीटर (2500 सीसी), 3.0 लीटर का मतलब (3,000 सीसी) इंजन क्षमता से है. 
 

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