E20 से बचने का महंगा रास्ता चुन रहे लोग, 5 गुना बढ़ी प्रीमियम पेट्रोल की मांग

E20 फ्यूल को लेकर सोशल मीडिया पर खूब बवाल मचा है. हालांकि, सरकार इस मामले में बार-बार अपना पक्ष रख रही है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ वक्त में प्रीमियम पेट्रोल की मांग बढ़ी है. खासकर दिल्ली के कुछ इलाकों में प्रीमियम पेट्रोल की मांग 5 गुना तक बढ़ गई है. आइए जानते हैं पूरा मामला.

Advertisement
सरकार ने बताया क्यों देश भर में E20 के साथ E10 पेट्रोल नहीं मिल सकता है. (Photo: AI Generated) सरकार ने बताया क्यों देश भर में E20 के साथ E10 पेट्रोल नहीं मिल सकता है. (Photo: AI Generated)

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:04 PM IST

E20 फ्यूल की एंट्री के बाद से लोगों को उनकी कार के लिए डर सता रहा है. सरकार और ऑटो कंपनियों के एक्जीक्यूटिव्स बार-बार इस मामले में इथेनॉल ब्लेंड वाले फ्यूल E20 का पक्ष रख रहे हैं, लेकिन लोग फिर भी अपनी गाड़ी को रिस्क में नहीं डालना चाहते हैं. गाड़ी को नुकसान से बचाने के लिए लोग प्रीमियम पेट्रोल तलाश रहे हैं.

Advertisement

सूत्रों की मानें, तो कंज्यूमर्स इस कंफ्यूजन में प्रीमियम पेट्रोल खरीदने पर जोर दे रहे हैं. यही वजह है कि दिल्ली में अचानक से प्रीमियम पेट्रोल की मांग बढ़ गई है. दिल्ली के फ्यूल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल की मांग दोगुनी हो गई है. खासकर महंगे इलाकों में इनकी मांग में ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 

पांच गुना बढ़ी मांग

हाई ऑक्टेन वाले फ्यूल्स की इन इलाकों में मांग 5 गुना तक बढ़ी है. कंज्यूमर्स एक्सपी95, एक्सपी100 पेट्रोल, स्पीड 97 और दूसरे प्रीमियम वेरिएंट्स मांग रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, एक्सपी95 जहां पहले एक दिन में 1000 लीटर बिक रहा था, अब इसकी दिल्ली में मांग 1500 से 1700 लीटर तक प्रतिदिन पहुंच गई है. 

यह भी पढ़ें: गडकरी की खुली चुनौती, E20 से नुकसान का सबूत लाओ!

वहीं एक्सपी 100 फ्यूल की मांग 100 लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 500 लीटर तक पहुंच गई है. ध्यान रखें कि ये पेट्रोल मौजूदा नॉर्मल फ्यूल के मुकाबले ज्यादा कीमत पर आते हैं. ऐसी स्थिति में लोग सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें E10 या प्योर पेट्रोल का विकल्प क्यों नहीं दिया जा रहा है. 

Advertisement

क्या है सरकार का कहना?

सरकार की ओर से जारी एक रिलीज में इस सवाल का जवाब दिया गया है. सरकार ने बताया है कि कुछ वाहनों में E20 पेट्रोल के बाद माइलेज कम हुआ है, लेकिन ये सिर्फ एक पैरामीटर है. रिलीज में बताया गया है कि E20 फ्यूल हायर ऑक्टेन रेटिंग, बेहतर एंटी नॉकिंग कैरेक्टरिस्टिक, तेज कंजम्पशन, बेहतर पिकअप, स्मूथ एक्सीलरेशन और क्लीन इंजन ऑपरेशन ऑफर करता है. 

यह भी पढ़ें: E20, E30 और E85 का खेल! आपकी कार पर क्या पड़ेगा असर?

लोगों के पास E20 के साथ E10 या प्योर पेट्रोल का विकल्प क्यों नहीं है? इसके जवाब में बताया गया है कि अगर साफ, तेज और कम पॉल्यूशन वाला फ्यूल मिल रहा है, तो हम उसके निचले स्तर का वर्जन क्यों चाहते हैं. इसके अलावा सरकार ने अलग-अलग तरीके के फ्यूल को उपलब्ध करना में आने वाली चुनौतियों के बारे में भी बताया है. 

सरकार का कहना है कि भारत में 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप का नेटवर्क है. अलग-अलग ग्रेड के पेट्रोल उपलब्ध कराने में लॉजिस्टिक्स की एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी होगी. इससे हैंडलिंग की लागत बढ़ेगी, इन्वेंट्री मैनेजमेंट मुश्किल हो जाएगा और ऑपरेशनल क्षमता कम हो जाएगी.

क्या प्रीमियम पेट्रोल में कम होता है इथेनॉल

ऐसा सभी प्रीमियम पेट्रोल के लिए नहीं कहा जा सकता है. सिर्फ 100 ऑक्टेन फ्यूल वाला प्रीमियम पेट्रोल ही इथेनॉल फ्री होता है. ऐसे में अगर आपको लगता है कि हर प्रीमियम फ्यूल 100 परसेंट ऑक्टेन वाला है, तो ऐसा नहीं है. सिर्फ एक्सपी100 ही इथेनॉल फ्री है. हालांकि, ये पेट्रोल हर जगह नहीं मिलता है.

Advertisement

रिपोर्ट- ऐश्वर्या पाटिल

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »