बागवानी करने वाले कई लोग मानते हैं कि गमले की मिट्टी में रेत (Sand) मिलाने से पौधे तेजी से बढ़ते हैं और जड़ों को बेहतर हवा मिलती है लेकिन क्या हर पौधे के लिए ऐसा करना सही है? बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि रेत मिलाने का फैसला पौधे की जरूरत और इस्तेमाल की जा रही पॉटिंग मिक्स पर निर्भर करता है. गलत तरीके से रेत मिलाने पर पौधे को फायदा होने की बजाय नुकसान भी हो सकता है.
किन पौधों के लिए फायदेमंद है रेत?
अगर आप सक्यूलेंट (Succulents), कैक्टस, रोजमेरी, थाइम या ऐसे पौधे उगा रहे हैं जिन्हें ज्यादा पानी पसंद नहीं है, तो गमले की मिट्टी में मोटे दानों वाली साफ रेत मिलाना फायदेमंद हो सकता है. इससे मिट्टी में पानी जल्दी निकल जाता है और जड़ों के सड़ने का खतरा कम हो जाता है.
हर पौधे के लिए क्यों नहीं है सही?
ज्यादातर अच्छी गुणवत्ता वाली पॉटिंग मिक्स पहले से ही इस तरह तैयार की जाती है कि उसमें पानी रुकने और निकलने का संतुलन बना रहे. ऐसे में बिना जरूरत रेत मिलाने से मिट्टी बहुत जल्दी सूख सकती है. इसका असर उन पौधों पर ज्यादा पड़ता है जिन्हें लगातार नमी की जरूरत होती है.
रेत मिलाने के नुकसान
कैसी रेत का करें इस्तेमाल?
अगर रेत मिलानी ही है तो हमेशा मोटे दानों वाली, साफ और बागवानी के लिए उपयुक्त रेत चुनें. बहुत महीन, गंदी या समुद्र तट की रेत का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. महीन रेत मिट्टी को और सख्त बना सकती है, जबकि समुद्री रेत में मौजूद नमक पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है.
रेत मिलाने का सही तरीका
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले थोड़ी मात्रा में मिट्टी तैयार करके उसका परिणाम देखें. मिश्रण का अनुपात पौधे की किस्म और इस्तेमाल की जा रही पॉटिंग मिक्स पर निर्भर करता है. सक्यूलेंट और कैक्टस के लिए रेत की मात्रा अधिक रखी जा सकती है, जबकि सामान्य फूलों और इनडोर पौधों के लिए जरूरत होने पर ही थोड़ी मात्रा में रेत मिलानी चाहिए.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क