खुशखबरी! गुजरात के कपास किसानों को मिलेगी 14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद, यहां करें आवेदन

केंद्र सरकार ने 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 'कपास उत्पादकता मिशन' शुरू किया है, जिसके तहत गुजरात को 134.80 करोड़ रुपये का बजट मिला है. राज्य के 21 कपास उत्पादक ज़िलों में एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को मिशन में शामिल किया जाएगा. आधुनिक खेती अपनाने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 7,500 से 14,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी.

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 कपास उत्पादकता मिशनके तहत गुजरात को मिला 134.80 करोड़ रुपये का बजट (Photo: Getty) कपास उत्पादकता मिशनके तहत गुजरात को मिला 134.80 करोड़ रुपये का बजट (Photo: Getty)

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:25 PM IST

गुजरात के कपास उगाने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार की नई योजना के तहत राज्य को 134.80 करोड़ रुपये मिले हैं. इस मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी (कपास उत्पादकता मिशन) के जरिए किसानों को आधुनिक तरीके से खेती करने पर प्रति हेक्टेयर 14,000 रुपये तक की मदद दी जाएगी. यह योजना कपास का उत्पादन बढ़ाने और देश के आयात कम करने के लिए शुरू की गई है.

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गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश में कपास उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय मजबूत करने के उद्देश्य से 2026-27 से 2030-31 तक 'कपास उत्पादकता मिशन' शुरू किया है. जिसके तहत गुजरात के लिए 134.80 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है. 

योजना का मकसद क्या है?
कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए यह पांच साल  (2026-27 से 2030-31 तक) की योजना है. गुजरात के 21 कपास उत्पादक जिलों में एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र को इस योजना से जोड़ा जाएगा. आधुनिक तकनीक अपनाने से किसानों की पैदावार बढ़ेगी, खर्च कम होगा और आय बढ़ेगी. योजना के तहत किसानों को अपनाई गई खेती की तकनीक के आधार पर दो श्रेणियों में सहायता मिलेगी. 

1- क्लोजर स्पेसिंग टेक्नोलॉजी (Closer Spacing Technology): अगर किसान 90 सेमी × 30 सेमी की दूरी पर कपास बोते हैं, तो उन्हें 14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर इनपुट सहायता (बीज, खाद आदि पर खर्च के लिए) मिलेगी.

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2- इंटीग्रेटेड क्रॉप मैनेजमेंट (ICM) के तहत 90 सेमी × 60 सेमी की दूरी पर खेती करने वाले किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी. एक किसान एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम दो हेक्टेयर तक इस योजना का लाभ ले सकेगा.

इन शर्तों को पूरा करना होगा जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सरकार से प्रमाणित कपास की किस्मों या एप्रूव्‍ड बीटी कपास बीज का इस्‍तेमाल करना होगा. इसके साथ ही किसान रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) पूरी होना भी जरूरी है. सरकार आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए साल खास ट्रेनिंग कार्यक्रम भी आयोजित करेगी, ताकि किसान नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और उत्पादकता बढ़ा सकें.

आवेदन कैसे करें? 
राज्य सरकार ने पात्र किसानों के लिए i-Khedut पोर्टल पर 10 जुलाई 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. आधिकारिक वेबसाइट ikhedut.gujarat.gov.in  जाकर भी आवेदन कर सकते हैं, जो पूरी तरह मुफ्त है. 

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