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आम-लीची के सीजन में करें मधुमक्खी पालन, कम लागत में होगी बढ़िया कमाई, जानें तरीका

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST
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किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ अतिरिक्त कमाई के लिए नए तरीके आजमा सकते हैं. इसमें मधुमक्खी पालन (बीकीपिंग) भी एक बढ़िया ऑप्शन है. मधुमक्खी पालन से कम जगह, कम खर्च और कम मेहनत से अच्छा मुनाफा हो सकता है. मधुमक्खी पालन से शहद, मोम, पराग जैसी चीजें मिलती हैं. साथ ही फसलों का उत्पादन भी बढ़ता है क्योंकि मधुमक्खियां फसलों का परागण (पोलिनेशन) करती हैं. अगर आप भी मधुमक्खी पालन करना चाहते हैं तो आइए जानते हैं इसका पूरा तरीका.

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मधुमक्खी पालन शुरू करने का सबसे अच्छा समय फरवरी-मार्च या अक्टूबर-नवंबर है. इस समय मौसम हल्का गर्म होता है और फूलों की भरपूर उपलब्धता होती है. 
सर्दियों के बाद (फरवरी-मार्च): फसलें जैसे सरसों, आम, सहजन आदि फूलती हैं. इसमें मधुमक्खियों को भरपूर भोजन मिलता है.
मॉनसून के बाद (अक्टूबर-नवंबर): नई कॉलोनी शुरू करने के लिए अच्छा समय होता है.
गर्मी और भारी बारिश में सावधानी बरतनी चाहिए. पूरे साल फूलों की उपलब्धता वाले इलाके में मधुमक्खी पालन करना अच्छा होता है. वहीं, आम, जामुन और लीची के सीजन में भी मधुमक्खी पालन करना बेस्ट ऑप्शन हो सकता है.
 

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मधुमक्खी पालन शुरू करने के लिए किसी अनुभवी व्यक्ति या सरकारी केंद्र से ट्रेनिंग जरूर लें. कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या NBHM (National Beekeeping & Honey Mission) के तहत मुफ्त या सस्ती ट्रेनिंग मिलती है. बिना ट्रेनिंग के मधुमक्खी पालन शुरू न करें, वरना नुकसान हो सकता है.

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मधुमक्खी पालन ऐसी जगह करना चाहिए जहां सुबह-शाम धूप आए, लेकिन दोपहर में छाया हो. चारों तरफ 2-3 किलोमीटर में फूलों वाले पेड़-पौधे, फसलें (सरसों, सूरजमुखी, आम, नींबू, सब्जियां) हों. चींटी-छिपकली से बचाव के लिए स्टैंड पर बॉक्स रखें.

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किस सामान की होगी जरूरत?
मधुमक्खी बॉक्स (हाइव): लकड़ी के बॉक्स, शुरू में न्यूटन या लैंगस्ट्रॉथ टाइप
न्यूक्लियस कॉलोनी (मधुमक्खियों वाला छोटा छत्ता)
स्मोकर (धुआं करने वाला), हाइव टूल, मधुमक्खी वेल (चेहरे की जाली), दस्ताने, ब्रश
शहद निकालने की मशीन
शुरू में 5-10 बॉक्स से शुरू करें. एक बॉक्स की कीमत लगभग 3000 से 5000 रुपये तक हो सकती है.

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मधुमक्खियां कैसे लाएं?
 अनुभवी पालक या विभाग से न्यूक्लियस कॉलोनी (रानी + मजदूर मधुमक्खियां) खरीदें.
भारतीय प्रजाति (एपिस सेराना) या इटैलियन (एपिस मेलिफेरा) चुनें. इटैलियन ज्यादा शहद देती हैं.

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बॉक्स की देखभाल  कैसे करें?
हर 7-10 दिन में बॉक्स खोलकर जांचें. रानी ठीक है या नहीं, अंडे-लार्वा देखें.
धुआं करके मधुमक्खियों को शांत करें.
स्वार्मिंग (मधुमक्खियों का झुंड बनाकर भागना) रोकें.
सर्दियों में अतिरिक्त चीनी का घोल या फीड दें.
 

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शहद कैसे निकालें?
जब छत्ते में 70-80% शहद भर जाए, तब निकालें. साफ-सुथरे तरीके से बोतलों में भरें. एक बॉक्स से साल में 20-40 किलो शहद मिल सकता है. शुरुआती लागत की बात करें तो 10 बॉक्स के लिए 2-3 लाख रुपये (ट्रेनिंग, बॉक्स, मधुमक्खियां समेत) लग सकते हैं.

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NBHM, KVIC, PMEGP, MIDH योजनाओं के तहत मधुमक्खी पालन के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी, ट्रेनिंग और लोन की व्यवस्था भी हो सकती है. इसके लिए कृषि विभाग से संपर्क करें.

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मधुमक्खी पालन के दौरान ध्यान रहे कि बॉक्स को साफ रखें. मधुमक्खी पालन न सिर्फ कमाई का साधन है बल्कि पर्यावरण के लिए भी अच्छा है. अगर आप मधुमक्खी पालन शुरू करना चाहते हैं तो अपने जिले के कृषि अधिकारी या निकटतम KVK से संपर्क कर सकते हैं.

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