scorecardresearch
 

ऑस्ट्रेलिया: मेलबर्न में स्वामीनारायण मंदिर पर खालिस्तान समर्थकों का हमला, जमकर तोड़फोड़, भिंडरावाले को बताया शहीद

ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न के मिल पार्क में बने BAPS स्वामीनारायण मंदिर पर खालिस्तान समर्थकों ने तोड़फोड़ की. उन्होंने मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी पेंटिंग और नारे लिखे. स्वामीनारायण संस्थान ने तोड़फोड़ करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है. पिछले साल कनाडा में खालिस्तान समर्थकों ने स्वामी नारायण मंदिर में तोड़फोड़ की थी.

Advertisement
X
खालिस्तान समर्थकों ने भारत विरोधी नारेबाजी भी की (फाइल फोटो)
खालिस्तान समर्थकों ने भारत विरोधी नारेबाजी भी की (फाइल फोटो)

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में गुरुवार को खालिस्तान समर्थकों ने  BAPS स्वामीनारायण मंदिर पर हमला कर उसमें जमकर तोड़फोड़ की. इतना ही नहीं उन्होंने मंदिर की दीवारों पर विरोधी पेंटिंग और नारे भी लिखे गए. इस दौरान उन्होंने भारत के खिलाफ नारेबाजी की और आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले को शहीद बताया.

ऑस्ट्रेलिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मंदिर की दीवारों पर विनाश और घृणा के स्तब्ध करने वाले नारे लिखे गए.  इस घटना के बाद  BAPS स्वामीनारायण संस्था ने कहा कि हम बर्बरता और घृणा के असामाजिक तत्वों के इन कृत्यों से दुखी हैं. हम शांति और सद्भाव के लिए अपनी प्रार्थना करते हैं और जल्द ही घटना को लेकर विस्तार से जानकारी देंगे. भिंडरावाले खालिस्तानी सिख राज्य का व्यापक समर्थक रहा है, जो ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारा गया था.

पूजा स्थलों के खिलाफ नफरत बर्दाश्त

हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के अध्यक्ष मकरंद भागवत ने द ऑस्ट्रेलिया टुडे को बताया कि "पूजा स्थलों के खिलाफ किसी भी तरह की नफरत और तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हम इस हरकत की निंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधि नस्लीय और धार्मिक सहिष्णुता अधिनियम का उल्लंघन है. हमारी सरकार और पुलिस से मांग है कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विक्टोरियन बहुसांस्कृतिक आयोग और विक्टोरिया के बहुसांस्कृतिक मंत्री के सामने उठाया जाएगा.

Advertisement

वहीं इस घटना पर उत्तरी महानगर क्षेत्र के लिबरल सांसद इवान मुल्होलैंड ने कहा कि यह बर्बरता ऑस्ट्रेलिया के शांतिपूर्ण हिंदू समुदाय के लिए बहुत ही दुखद है. इस तरह की धार्मिक घृणा की यहां कोई जगह नहीं है.

पिछले साल कनाडा में भी हुआ था हमला

वहीं स्वामीनारायण संस्था ने ऑस्ट्रेलिया और भारत की सरकारों के साथ-साथ स्थानीय सामुदायिक संगठनों को उनके समर्थन के लिए आभार जताया है. संस्थान ने कहा, 'पूरे ऑस्ट्रेलिया में बीएपीएस मंदिर एक संपन्न बहुसांस्कृतिक समाज के प्रतीक हैं, जो सम्मान, मैत्री और सहिष्णुता के ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों का पोषण करते हैं.

पिछले साल सितंबर में कनाडा में BAPS स्वामीनारायण मंदिर पर खालिस्तानी समर्थकों ने हमला किया था.

Advertisement
Advertisement